न तो यह देश किसी एक की बपौती है और न देशभक्ति पर किसी एक समूह का अधिकार है

मोदी सरकार को हमारी संवैधानिक मूल्यों और मार्यादाओं के प्रति रंच मात्र भी आदर नहीं है. अपने से अलग अन्य दलों का अस्तित्व इनको ग्राह्य नहीं....

अतिथि लेखक

भाजपा बिहार और राजद को अपमानित कर रही है

शिवानन्द तिवारी

अररिया में मतदान के पूर्व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वहाँ कह आए थे कि राजद यहाँ जीतेगा तो यह इलाक़ा ISI का अड्डा बन जाएगा. उप चुनाव में वहाँ हार के बाद गिरिराज सिंह का बयान आया कि अररिया में भाजपा की हार और राजद की जीत देश के लिए ख़तरनाक है. उनका कहना है कि राजद की जीत से सीमांचल कट्टरपंथियों का गढ़ बन जाएगा.

नित्यानंद, गिरिराज या सुशील मोदी राजद पर जो आरोप लगा रहे हैं उसका आधार क्या है, यह नहीं बता रहे हैं. राजद वहाँ अचानक और पहली मर्तबा नहीं जीता है. हमारे आदरणीय नेता मरहूम मो. तस्लीमुद्दीन साहब लगभग साढ़े तीन साल से वहाँ के सांसद थे. सीमाँचल के लोग बहुत प्रेम और आदर के साथ उन्हें ‘सीमाँचल का गाँधी' कहते थे. 2014 से अपने इंतक़ाल तक तस्लीम साहब अररिया से सांसद रहे. भाजपा के नेताओं से हम जानना चाहते हैं कि इस बीच उस इलाक़े में कौन सी ऐसी गतिविधि हुई जिसके आधार पर सीमांचल उन्हें कट्टरपंथ और आतंकवाद के अड्डा के रूप में परिवर्तित होता हुआ नज़र आया? ये लोग शायद भूल गए कि मात्र महीने भर पहले तक विजयी सांसद सरफ़राज़ आलम एनडीए के विधायक थे।

राजद एक जवाबदेह दल है. लालू जी और राबड़ी जी के नेतृत्व में पंद्रह वर्षों तक बिहार में हमने सरकार चलाई है. उस दरम्यान माननीय अटल जी के नेतृत्व मे केंद्र में राजग की सरकार भी रही. लेकिन उस काल में केंद्रीय सरकार के किसी भी मंत्री ने ऐसा आरोप हम पर नहीं लगाया. 2015 से लेकर 2017 तक राजद महागठबंधन की सरकार का अंग रहा. आज हम एक मज़बूत और जवाबदेह विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं. हम समझ पाने में असमर्थ हैं कि किस आधार पर ऐसे संकीर्ण और घृणित आरोप हम पर लगाया जा रहा है. न तो यह देश किसी एक की बपौती है और न देशभक्ति पर किसी एक समूह का अधिकार है. राजद मानता है कि यह देश एक सौ तीस करोड़ भारतवासियों का है. और जब तक अन्यथा प्रमाणित नहीं हो देश के सभी नागरिक समान रूप से देशभक्त हैं.

इस प्रकरण में सबसे गंभीर बात यह है कि गिरिराज भारत सरकार के मंत्री हैं. प्रधानमंत्री जी से हम जानना चाहते हैं कि क्या उन्होंने अपने सहयोगी मंत्री गिरिराज सिंह को ऐसा बयान देने के लिए अधिकृत किया है ? अगर नहीं तो गिरिराज सिंह को तत्काल मंत्रीमंडल से बर्खास्त किया जाए.

हम लोकतांत्रिक देश हैं. शासन का हमारा संघीय ढाँचा है. पिछले पचास वर्षों से केंद्र और राज्यों में अलग-अलग दलों की सरकार बनती रही है. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा पहली मर्तबा सत्तर वर्षों के बाद केंद्र में अकेले बहुमत में है. अब तक यह स्पष्ट हो चुका है कि मोदी सरकार को हमारी संवैधानिक मूल्यों और मार्यादाओं के प्रति रंच मात्र भी आदर नहीं है. अपने से अलग अन्य दलों का अस्तित्व इनको ग्राह्य नहीं. सबको मिटा कर देश में तानाशाही शासन क़ायम करना चाहते हैं. लेकिन हम इनकी मंशा पूरी नहीं होने देंगे.

हम नीतीश कुमार जी जानना चाहते हैं कि क्या वे अपने सहयोगी दल के नेताओं और अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के इस आरोप का समर्थन करते हैं ? अगर सत्ता के लिए उन्होंने अपने ज़मीर को बेच नहीं दिया हो और अभी भी गांधी, लोहिया, जे पी या कर्पूरी उनकी स्मृति में बचे हुए हों तो मुख्यमंत्री की हैसियत से इस प्रकरण में उन्हें स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और इस तरह का बयान देने वाले मंत्रियों को मंत्रीमंडल से बर्खास्त करना चाहिए.

शिवानन्द

रा. उपाध्यक्ष, राजद

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