विश्व पर्यावरण दिवस : पूरी दुनिया में हर साल समुद्र में पहुंच रहा है 88 लाख टन प्लास्टिक कचरा

विश्व पर्यावरण दिवस : पूरी दुनिया में हर साल समुद्र में पहुंच रहा है 88 लाख टन प्लास्टिक कचरा...

विश्व पर्यावरण दिवस : पूरी दुनिया में हर साल समुद्र में पहुंच रहा है 88 लाख टन प्लास्टिक कचरा

मनोज कुमार झा

मनुष्य ने अपनी सुविधा के लिए बहुत-सी चीज़ों की खोज की। उनमें कुछ चीज़ें बहुत ही ख़तरनाक साबित हो रही हैं। प्लास्टिक भी एक ऐसी ही चीज़ है। इसका इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। पूरी दुनिया में हर साल 88 लाख टन प्लास्टिक कचरा समुद्र में पहुंच रहा है। इसी वजह से एक लाख से ज्यादा समुद्री जीव हर साल दम तोड़ रहे हैं। प्लास्टिक कितना बड़ा खतरा है, यह इसी से समझा जा सकता है कि दुनिया में आज तक जितना भी प्लास्टिक बना है, वो किसी न किसी रूप में मौजूद है। प्लास्टिक खत्म होने में हजार सालों का समय लेता है। यह स्थिति इसलिए भी डराने वाली है, क्योंकि दुनिया में हर साल 300 मिलियन टन प्लास्टिक का उत्पादन किया जा रहा है। सिर्फ समुद्र में पड़े प्लास्टिक कचरे को ही साफ करने की बात करें तो जिस रफ्तार से यह काम अभी चल रहा है, उससे इसे पूरा होने में करीब 80 हजार साल लगेंगे। प्लास्टिक हमें बीमार भी बना रहा है। अकेला अमेरिका प्लास्टिक से होने वाली बीमारियों पर हर साल 340 अरब डॉलर खर्च कर रहा है। हालांकि, प्लास्टिक पर पूरी रोक संभव भी नहीं है, लेकिन हम समझदारी से इसका इस्तेमाल करें तो इसके खतरों को सीमित कर सकते हैं। यह कविता गत वर्ष लिखी थी। आज विश्व पर्यावरण दिवस पर फिर से साझा कर रहा हूँ

प्लास्टिक मनी

प्लास्टिक हनी

प्लास्टिक के फूल

प्लास्टिक के फल

प्लास्टिक के घर

प्लास्टिक के शहर

प्लास्टिक का दाना पानी अनाज़

प्लास्टिक में ढलता दुनिया का रिवाज

प्लास्टिक के खेल प्लास्टिक का खाना

प्लास्टिक से बचने का नहीं अब ठिकाना

धरती पर बिछा दी प्लास्टिक की चादर

मिट्टी नहीं न धूल हवा भी नहीं

सांस लेने के लिए प्लास्टिक की नली है

प्लास्टिक की दुनिया ग़ज़ब ये छली है

प्लास्टिक के प्रेमी

प्लास्टिक की प्रेमिका

प्लास्टिक की दुनिया में

प्लास्टिक का सौदागर

आदमी की देखो लेता बलि है!

 

- मनोज कुमार झा, लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।

 

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