मुसलमानों को अब कुछ साबित नहीं करना, जिन्ना को झूठा साबित करने की ज़िम्मेदारी इस मुल्क के बहुसंख्यकों की है

जिन्ना का दावा था कि जिस लोकतांत्रिक व्यवस्था की बात नेहरू और गांधी कर रहे हैं वो और कुछ नहीं हिंदू राष्ट्र ही होगा।...

मुसलमानों को अब कुछ साबित नहीं करना, जिन्ना को झूठा साबित करने की ज़िम्मेदारी इस मुल्क के बहुसंख्यकों की है

Zaigham Murtaza

जिन्ना ने कहा कि एक व्यक्ति एक वोट लोकतंत्र नहीं बहुसंख्यकों का शासन क़ायम करेगा। उन्होने सेंट्रल असेंबली में कहा कि अंग्रेज़ों ने भारत के अल्पसंख्यकों के लिए वक़्त रहते प्रावधान नहीं किए तो वो बहुसंख्यकों के रहमोकरम पर ज़िंदा रहेंगे और कभी बराबरी हासिल नहीं करेंगे।

जिन्ना का दावा था कि जिस लोकतांत्रिक व्यवस्था की बात नेहरू और गांधी कर रहे हैं वो और कुछ नहीं हिंदू राष्ट्र ही होगा। जिन्ना ने बार बार दोहराया कि हिंदू इस मुल्क में मुसलमानों को दोयम दर्जे का नागरिक बनाकर रखेंगे। जिन्ना का दावा था जिस लोकतंत्र का ख़्वाब कांग्रेसी दिखा रहे हैं उसमें न मुसलमानों के इदारे महफूज़ होंगे, न उनकी मस्जिदें, न तालीम और न ज़िंदगी। अंग्रेज़ों के जाने के बाद भी मुसलमानों को बराबरी और अपनी आज़ादी की लड़ाई जारी रखनी पड़ेगी।

नेहरू और गांधी ने जिन्ना को बार-बार झूठा साबित करने की कोशिश की लेकिन उनके लोगों ने बार-बार जिन्ना को सच्चा साबित किया। सत्तर साल बाद भी जिन्ना सच्चे हैं। लेकिन इस मुल्क के मुसलमानों ने जिन्ना की बात नहीं मानी और यहां के हिंदुओं पर भरोसा किया। सेक्युरिज़्म और मुल्क के निज़ाम पर भरोसा किया। मुसलमानों को अब कुछ साबित नहीं करना है। अब हिंदुओं की ज़बान, उनका सेक्युरिज़्म और उनका भरोसा दांव पर है। जिन्ना को झूठा साबित करने की ज़िम्मेदारी इस मुल्क के बहुसंख्यकों की है। अगर नहीं कर सकते तो फिर जिन्ना की एक तस्वीर हटाने भर से जिन्ना की विचारधारा ख़त्म नहीं होगी।

Zaigham Murtaza की एफबी से साभार

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