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WASHINGTON, Nov. 20, 2018 (Xinhua) -- U.S. President Donald Trump speaks to reporters before departing from the White House in Washington D.C., the United States, on Nov. 20, 2018. Donald Trump has submitted written answers to questions from Special Couns

अमरीका को उसके ही अंदाज़ में ईरान की धमकी, ट्रम्प को अगर युद्ध से बचना है तो आर्थिक आतंकवाद बंद करें

नई दिल्ली, 22 जून 2019. गुरुवार को ईरान द्वारा अमरीकी ड्रोन विमान मार गिराए (Iran drops American drone aircraft) जाने के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरानी राष्ट्रपति के सलाहकार (Iranian Presidential Consultant) ने अमरीका के अंदाज़ में ही उसे चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसे युद्ध से बचना है तो प्रतिबंधों के बारे में पुनर्विचार करना होगा। लगता है अब अमरीका ईरान से पंगा लेकर फंस गया है।

पारस टुडे की एक खबर के मुताबिक ईरानी राष्ट्रपति के सलाहकारहेसामुद्दीन आशना (Hossamuddin Ashna) ने ट्वीट करके ट्रम्प से कहा है कि अगर वह युद्ध नहीं चाहते हैं तो प्रतिबंधों की अपनी नीति जारी रखने पर ग़ौर करें।

आशना ने ट्रम्प को संबोधित करते हुए कहा, अमरीकियों को यह समझ लेना चाहिए कि बहिष्कार और युद्ध, एक ही सिक्के के दो रुख़ हैं, इसीलिए अगर अमरीका को युद्ध से बचना है तो प्रतिबंधों के बारे में उसे दो बार सोचना होगा।

ईरानी राष्ट्रपति के सलाहकार का कहना था कि अगर ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध जारी रहते हैं तो चाहे या अनचाहे रूप से आप युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं।

खबर के मुताबिक एक दूसरे ट्वीट में आशना ने लिखा, ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध आर्थिक आतंकवाद है। हम पूरी ताक़त से इसका जवाब देंगे। आज जो संकट उत्पन्न हुआ है वह परमाणु समझौते से अमरीका के निकलने का परिणाम है, लेकिन इस ग़लती को सुधारा जा सकता है।

गुरुवार को ईरान और अमरीका उस वक़्त युद्ध की दहलीज़ पर पहुंच गए थे, जब तेहरान ने अपनी वायु सीमा का उल्लंघन करने वाले एक अमरीकी ड्रोन विमान को स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़ (Straight of hormuz) में मार गिराया।

इसके बाद ट्रम्प ने ईरान पर हमले का आदेश दे दिया था, जिसे हमले से ठीक 10 मिनट पहले वापस ले लिया।

आशना का यह बयान गुरुवार को ट्रम्प के उस ट्वीट के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमरीका, ईरान से युद्ध नहीं चाहता है, लेकिन उन्होंने ईरान के ख़िलाफ़ काट खाने वाले प्रतिबंधों में वृद्धि कर दी है।

ग़ौरतलब है कि ईरान कई बार यह चेतावनी दे चुका है कि ऐसा संभव नहीं है कि उसके तेल निर्यात पर प्रतिबंध रहे और दूसरे देशों का तेल निर्यात होता रहे।

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