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लाइफस्टाइल बदलने और डायबिटीज की वजह से बढ़ रहे है किडनी के मरीज

लाइफस्टाइल बदलने और डायबिटीज की वजह से बढ़ रहे है किडनी के मरीज

रेवाड़ी (हरियाणा), 03 दिसंबर 2019. स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता (Health awareness) बढ़ाने के लक्ष्य से फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम (Fortis Memorial Research Institute, Gurugram) ने रोटरी क्लब, रेवाड़ी (Rotary Club, Rewari) के सहयोग से हरियाणा के रेवाड़ी में एक दिन के मेगा हेल्थ कैम्प का आयोजन किया जो सबसे बड़े सुपर स्पेशियलीटी हेल्थ कैम्पों में एक है। इसमें 1000 से अधिक लोग आए और 700 लोगों ने निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं और जांचों का लाभ लिया।

कैम्प में आए लोगों को वरिष्ठ चिकित्सकों ने निःशुल्क चिकित्सा परामर्श दिया।

आयोजन का मुख्य लक्ष्य लोगों को विभिन्न बीमारियों, इनके निदान, इलाज और रोकथाम के बारे में अधिक जागरूक और जानकार बनाना है।

लोगों को नेफ्रोलॉजी, दिल की बीमारियों, पेशाब की बीमारियों और डायबिटीज/ एंडोक्राइनोलॉजी संबंधी बीमारियों के बारे में सलाह (Advice regarding diabetes / endocrinology related diseases) दी गई।

नेफ्रोलॉजी एवं किडनी ट्रांस्प्लांट विभाग के निदेशक डॉ. सलिल जैन, वरिष्ठ सलाहकार, गैस्ट्रोइंटरोलॉजी एवं हेपैटोबिलियरी साइंस डॉ. रिंकेश बंसल, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रोहित गोयल, सलाहकार, यूरोलॉजली, कैंसर विज्ञान एवं रोबोटिक सर्जरी डॉ. मयंक भारती ने मूत्र रोगों के बारे में सलाह दी। डॉ. मोना सूद, सलाहकार, इंडोक्राइनोलॉजी ने डायबीटीज की समस्याओं के बारे में सलाह दी।

Kidney patients are increasing due to changing lifestyle and diabetes

डॉ. सलिल जैन का कहना है कि

‘‘रेवाड़ी और आसपास के शहरों में लाइफस्टाइल बदलने और डायबीटीज एवं हाई ब्लड प्रेशर का प्रकोप बढ़ने की वजह से पिछले कुछ वर्षों में किडनी के मरीजों की संख्या बहुत बढ़ी है। डायलिसिस के मामले बढ़ने की यह एक बड़ी वजह है। किडनी के स्वस्थ रहने और सही कार्य करने के लिए इसकी बीमारियों का जल्द पता लगना और रोकथाम के उपाय करना अनिवार्य है। यदि चेहरे या पैर में सूजन दिखे, पेल्सिव (पेड़ू) में दर्द, पेशाब करते हुए दर्द या जलन हो, बार-बार पेशाब आए, पेशाब में झाग बने तो ये नेफ्राइटिस के लक्षण (Symptoms of nephritis) हो सकते हैं। हमारी सभी से अपील है कि इन लक्षणों की अनदेखी नहीं करें और लक्षण नजर आने पर अविलंब चिकित्सा विशेषज्ञ से संपर्क करें।

डॉ. रितू गर्ग का कहना है कि

‘‘चिकित्सा संस्थान होने के नाते हमारा मुख्य लक्ष्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जागरूक करना है। यदि लोगों को बीमारियों के लक्षणों की जानकारी होगी और वे इनका जल्द पता लगने का महत्व समझ जाते हैं तो बीमारियों पर आधी जीत हो जाएगी। इस कैम्प के आयोजन का हमारा मकसद समाज को स्वास्थ्य के बारे में सलाह और निःशुल्क चिकित्सा सेवा देना है।

हस्तक्षेप पाठकों के सहयोग से संचालित होता है। हस्तक्षेप की सहायता करें

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