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क्यों बदल गई कविता
क्यों बदल गई कविता

कविता गुस्सा गुबार उलाहना बनी है कविता पाखण्ड की परतें उधेड़ रही है ताल ठोंक व्यवस्था के विरुद्ध खड़ी है कटघरे में खड़ा करती उठी उँगली ह...

हस्तक्षेप डेस्क
2017-04-14 23:19:38
जब अमेरिका डरता है तो शुरू होती है विचारों पर निगरानी
जब अमेरिका डरता है तो शुरू होती है विचारों पर निगरानी

जब अमेरिका डरता है,  किसी भी घर की शांति गुम हो जाती है. जब अमेरिका डरता है, अँधेरे में बहती हवा संदिग्ध बन जाती है.

अतिथि लेखक
2017-04-12 00:12:33
पाग़ल हो गए हैं संघी मन्द्राक्रान्ता सेन को इस कविता के लिए दी सामूहिक बलात्कार की धमकी
पाग़ल हो गए हैं संघी, मन्द्राक्रान्ता सेन को इस कविता के लिए दी सामूहिक बलात्कार की धमकी

संघी पाग़ल हो गए हैं। बांग्ला कवि मन्द्राक्रान्ता सेन को इस कविता के लिए सामूहिक बलात्कार की धमकी दे डाली। कविता का शीर्षक है -- बदल दो जीवन।

पलाश विश्वास
2017-04-02 21:59:13
…हे इरोम शोक मत मनाना
…..हे इरोम शोक मत मनाना....

हस्तक्षेप डेस्क
2017-03-13 11:17:19
कालिखो पुल हमारे चेहरे पर लगी कालिख है
कालिखो पुल हमारे चेहरे पर लगी कालिख है

कौन है कालिखो पुल एक नाम मर कर सतत उठी हुई उँगली का एक नाम, जो कोड़ा है भ्रष्ट व्यवस्था के उघड़े तन पर एक जायज़ गुस्सा है विधायिका...

जसबीर चावला
2017-02-28 23:15:03
क्या महिलाओं को शांति से जीने का अधिकार नहीं