बच्‍चों के उत्‍पीड़न को रोकने के लिए राज्‍यसभा की तदर्थ समिति ने अंतर्राष्‍ट्रीय गठबंधन का किया आह्वान

राज्यसभा समिति ने सभी उपकरणों पर अनिवार्य ऐप तथा पोर्नोग्राफी सामग्री तक बच्चों की पहुंच को रोकने का आह्वान किया Rajya Sabha Committee calls for mandatory apps on all devices and filters to regulate children’s access to pornography content, Seeks regulation of online payments to buy child pornography material बाल पोर्नोग्राफी सामग्री की खरीद के …
बच्‍चों के उत्‍पीड़न को रोकने के लिए राज्‍यसभा की तदर्थ समिति ने अंतर्राष्‍ट्रीय गठबंधन का किया आह्वान

राज्‍यसभा समिति ने सभी उपकरणों पर अनिवार्य ऐप तथा पोर्नोग्राफी सामग्री तक बच्‍चों की पहुंच को रोकने का आह्वान किया

Rajya Sabha Committee calls for mandatory apps on all devices and filters to regulate children’s access to pornography content, Seeks regulation of online payments to buy child pornography material

बाल पोर्नोग्राफी सामग्री की खरीद के लिए ऑनलाइन भुगतान के नियमन पर जोर दिया

तदर्थ समिति ने 40 सुझाव दिए; राज्‍यसभा अध्‍यक्ष एम. वेंकैया नायडू को रिपोर्ट सौंपी

नई दिल्ली 25 जनवरी 2020. राज्‍यसभा अध्‍यक्ष एम. वेंकैया नायडू द्वारा गठित राज्‍यसभा की तदर्थ समिति ने बच्‍चों के यौन उत्‍पीड़न की रोकथाम (Prevention of sexual harassment of children) के लिए तथा सोशल मीडिया पर बाल पोर्नोग्राफी सामग्री (Child pornography content on social media) तक बच्‍चों की पहुंच होने तथा उसे रखे जाने से रोकने के लिए 40 दूरगामी सुझाव दिए हैं।

समिति के अध्‍यक्ष जयराम रमेश ने आज राज्‍यसभा अध्‍यक्ष श्री नायडू को समिति की रिपोर्ट सौंपी।

इस प्रकार के व्‍यापक सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दे की जांच करने तथा रिपोर्ट सौंपने के लिए श्री नायडू द्वारा ऐसी समिति गठित करना अपने तरह की प्रथम पहल है, जिसकी व्‍यापक तौर पर सराहना की जा रही है।

समिति की रिपोर्ट में जयराम रमेश ने कहा कि यह एक अच्‍छा प्रारूप है तथा ज्‍वलंत सामाजिक मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए राज्‍यसभा के सदस्‍यों द्वारा इसका समय-समय पर अनुसरण किया जा सकता है।

बाल पोर्नोग्राफी भयानक सामाजिक बुराई | Child pornography terrible social evil

बाल पोर्नोग्राफी (चाइल्ड पोर्नोग्राफी- Child pornography in Hindi) की भयानक सामाजिक बुराई की मौजूदगी की गंभीरता के बारे में चिंता व्‍यक्‍त करते हुए, समिति ने बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम, 2012 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 में महत्‍वपूर्ण संशोधनों के अलावा प्रौद्योगिकीय, संस्‍थागत, सामाजिक एवं शैक्षिक उपाय तथा राज्‍य स्‍तरीय पहलों के सुझाव दिए हैं, ताकि सोशल मीडिया पर पोर्नोग्राफी के खतरनाक मुद्दे का समाधान (Solve the dangerous issue of pornography on social media) हो तथा कुल मिलाकर बच्‍चों एवं समाज पर इसके कुप्रभावों को रोका जा सके।

बच्‍चों को यौन उत्‍पीड़न से बचाने के लिए पॉक्‍सो तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियमों में संशोधन करने का सुझाव दिया

Adhoc Committee makes 40 recommendations; submits the report to Chairman Shri Venkaiah Naidu

तदर्थ समिति द्वारा दिए गए 40 सुझाव बाल पोर्नोग्राफी की विस्‍तृत परिभाषा (Detailed Definition of Child Pornography) लागू करने, ऐसी सामग्री तक बच्‍चों की पहुंच को नियंत्रित करने, बाल यौन उत्‍पीड़न सामग्री (Child sexual abuse imagery) को रखे जाने, तैयार करने तथा प्रचारित करने, इंटरनेट सेवा प्रदाताओं तथा ऑनलाइन प्‍लेटफॉर्मों को बच्‍चों की पहुंच रोकने के लिए उत्‍तरदायी बनाने तथा ऑनलाइन साइटों से ऐसी अभद्र सामग्रियों को हटाने के अलावा सामग्री की निगरानी करने, पता लगाने तथा हटाए जाने, ऐसी सामग्री का बच्‍चों द्वारा इस्‍तेमाल की रोकथाम करने, बच्‍चों द्वारा ऐसी सामग्री तक पहुंच कायम करने के बारे में पता लगाने के लिए माता-पिता को समर्थ बनाने, सरकारों तथा अधिकृत एजेंसियों द्वारा प्रभावी कार्रवाई करने आदि से संबंधित हैं।   

जानिए क्या हैं पोर्नोग्राफी और चाइल्ड पोर्नोग्राफी, क्यों है ये अवैध

पाठकों से अपील

Donate to Hastakshep

नोट - 'हस्तक्षेप' जनसुनवाई का मंच है। हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे।

OR

भारत से बाहर के साथी Pay Pal के जरिए सब्सक्रिप्शन ले सकते हैं।

Subscription