पर्यावरण की बेहतरी के नाम पर कार्बन न्यूट्रल एलएनजी कहीं छलावा तो नहीं?

Is carbon neutral LNG sparring in the name of betterment of the environment? आजकल ऑयल और गैस के क्षेत्र में एक नया ट्रेंड जोर पकड़ रहा है। और ये है कार्बन न्यूट्रल एलएनजी का। शेल और गैज़प्रोम जैसी कम्पनियों ने यूरोप में पहला कार्बन न्यूट्रल एलएनजी कार्गो बेचने का दावा भी किया है। उधर जापान …
पर्यावरण की बेहतरी के नाम पर कार्बन न्यूट्रल एलएनजी कहीं छलावा तो नहीं?

Is carbon neutral LNG sparring in the name of betterment of the environment?

आजकल ऑयल और गैस के क्षेत्र में एक नया ट्रेंड जोर पकड़ रहा है। और ये है कार्बन न्यूट्रल एलएनजी का। शेल और गैज़प्रोम जैसी कम्पनियों ने यूरोप में पहला कार्बन न्यूट्रल एलएनजी कार्गो बेचने का दावा भी किया है। उधर जापान में 15 गैस खरीदारों ने इस ईंधन की खरीद को बढ़ावा देने के लिए कार्बन न्यूट्रल एलएनजी अलायंस (Carbon Neutral LNG Alliance) भी बना लिया।

कार्बन न्यूट्रल एलएनजी क्या है | What is Carbon Neutral LNG in Hindi

तो इस तरह के माहौल में हमारे लिए अब यह जानना बहुत ज़रूरी हो जाता है कि आखिर ये कार्बन न्यूट्रल एलएनजी है क्या बला और हमें इस इंडस्ट्री के उभरने पर चिंतित क्यों होना चाहिए।

तो चलिए जान लेते हैं सबसे पहले कि ये कार्बन न्यूट्रल एलएनजी है क्या।

दुनिया भर में, एलएनजी या लिक्विफाइड नेचुरल गैस (Liquefied natural gas) को तेल या कोयले के मुकाबले में कम कार्बन वाला ईंधन का विकल्प  माना गया है।

लेकिन कार्बन एमिशन की परिभाषा के अनुसार, एलएनजी भी कोयले की तरह ही कार्बन उत्सर्जन कर सकता है।

एलएनजी बनाने की प्रक्रिया के हर चरण में कार्बन एमिशन होता हैं। लिक्विफैक्शन से लेकर ट्रांसपोर्टेशन तक और रीगैसिफिकेशन में और LNG जलने पर भी।

एलएनजी में सबसे मुख्य हिस्सा मीथेन गैस है, और मीथेन गैस एक प्रमुख ग्रीनहाउस गैस है जो कि पहले 20 वर्षों के दौरान वातावरण में जो कार्बन था उसके मुकाबले जलवायु को गर्म करने में इसका 90 फ़ीसद से भी अधिक हिस्सा रहता है।

कार्बन न्यूट्रल एलएनजी का मतलब यह नहीं कि इसके उत्पादन में कार्बन एमिशन नहीं हुआ। बल्कि इसका मतलब है कि कार्गो से जुड़े कार्बन उत्सर्जन को बराबर किया गया है या छिपाया गया है, सामान्य तौर पर इसकी भरपाई कार्बन क्रेडिट की खरीद के जरिए की जानी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है, यह व्यक्तिगत सौदे के आधार पर निर्भर करती है।

अब सवाल उठता है कि इसमें समस्या क्या है।

इसका जवाब देते हुए पेट्रोलियम इकोनॉमिस्ट मैट स्मिथ (Matt Smith – Petroleum Economist) बताते हैं,

“कार्बन न्यूट्रल एलएनजी ने भले ही कंपनियों के लिए सकारात्मक फ़िज़ा बनाई हो लेकिन यह एमिशन को मापने या ऑफसेट करने का तरीका अव्यवस्थित और विवादित है और इसके बारे में इंडस्ट्री कि कोई आम सहमति भी नहीं है।”

How carbon or methane emissions are measured or reported at the global level

जैसा कि देखा गया है, ग्लोबल स्तर पर कार्बन या मीथेन उत्सर्जन को कैसे मापा या रिपोर्ट किया जाता है, इसका कोई तरीका नहीं है, जिसका अर्थ है कि एमिशन्स एक समान तरीके से मापे नहीं जाते हैं और ये हर व्यक्तिगत सौदे पर निर्भर करता है कि विक्रेता कार्बन मापने के तरीके को किस तरह से परिभाषित करता है।

समझौते के आधार पर अलग-अलग तरीके से ओफ़्सेट के आधार पर कार्बन एमिशन की मात्रा घटती बढ़ती रहती है। कुछ मामलों में कार्बन ऑफसेट सिर्फ अपस्ट्रीम कॉम्पोनेन्ट से आता है, जिसका अर्थ है कि यह केवल मामूली सा ऑफसेट है।

NRDC के हान चेन के मुताबिक, उत्सर्जन जो कि पावर प्लांट्स में इस्तेमाल होने वाली गैस और कार्गो के बड़े हिस्से से होता है, वह ऑफसेट नहीं किया जाता है। वहीं ऑक्सफोर्ड इंस्टीट्यूट फॉर एनर्जी स्टडीज के फेलो, जोनाथन स्टर्न के अनुसार, “अगर कंपनियां एलएनजी कार्गो और ऑउटसेट्स दोनों के उत्सर्जन की गणना करने के लिए इस्तेमाल किए गए माप, रिपोर्टिंग और जांच पड़ताल के तरीकों का विवरण नहीं देती हैं, तो यह निश्चित रूप से ग्रीनवॉशिंग के आरोपी कहे जा सकते हैं और इस के लिए जिम्मेदार ठहराए जा सकते है। कैलकुलेशन को कैसे अंजाम दिया जाता है, इसका पूरा ब्योरा इस बात को निर्धारित करने के लिए आवश्यक है कि क्या व्यवसाय समझौता वास्तव में कार्बन न्यूट्रल हैं और क्या कार्गो को तुलनात्मक रूप से देखा गया है कि वे कार्बन न्यूट्रल है।”

अंतर्राष्ट्रीय विमानन के लिए कार्बन ऑफसेट और न्यूनीकरण योजना को कमज़ोर बनाने पर विमर्श

अब जान लीजिये एलएनजी ऑफसेट कैसे होता है। | Now know how LNG is offset.

शेल की प्रेस रिलीज में, कार्बन ऑफसेटिंग को इस तरह से परिभाषित किया गया है “ईंधन के उत्पादन, वितरण और उपयोग से बनने वाली कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा को प्राकृतिक तरीके से कम करने के तरीके को अपनाया जाये [जैसे: पेड़ लगाने के माध्यम से] या वनों को कटाई से बचाया जाये।”

भले ही शेल ने अपने उत्सर्जन को सख्ती से मापा हो, लेकिन इस विचार का दूसरा वक्तव्य बेहद समस्यात्मक है।

ऑफ्सेटिंग गैस कार्बन एमिशन के प्रबंधन का एक अनुचित तरीका है। 2019 में, लगभग 5,500 एलएनजी कार्गो बेचे गए, जिसके ऑफसेट के लिए एलएनजी को एक केवल एक साल के उपयोग के कार्बन एमिशन को बराबर करने के लिए 1.5 बिलियन पेड़ों या इसके बराबर कार्बन क्रेडिट की आवश्यकता होगी ।

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