उफ्फ ! 'आम आदमी’ को परदे में रखना पड़ेगा, क्योंकि...

निगम चुनाव के मद्देनज़र आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा शुरू किए गए आम आदमी मोहल्ला क्लीनिक व अन्य योजनाओं में जारी आम आदमी शब्द को हटाने की मांग तेज हो रही है।...

नई दिल्ली, 17 मार्च। उत्तर प्रदेश के चुनावों में चुनाव आयोग ने 1488 एम्बुलेंस गाड़ियों से समाजवादी शब्द ढंकने के आदेश जारी किए थे, क्योंकि वहां समाजवादी पार्टी सत्ता में थी और इसी तर्ज पर 2012 में भी बहुजन समाज पार्टी के चुनाव चिन्ह हाथी को भी परदे में किया गया था। बहुजन समाज पार्टी सत्ता में थी और उसे इसका लाभ न मिले इसके लिए आयोग ने बजाप्ता आदेश दिए थे।

अब इसी तर्ज पर आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा शुरू किए गए आम आदमी मोहल्ला क्लीनिक व अन्य योजनाओं में जारी आम आदमी शब्द को हटाने की मांग तेज हो रही है।

      दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इसे सही ठहराते हुए आज राज्य चुनाव आयुक्त से आग्रह किया कि वे दिल्ली सरकार को आदेश दें कि आम आदमी मोहल्ला क्लीनिकों और आम आदमी बाई पास एक्सप्रेस बस सर्विस से 'आम आदमी’ शब्द हटवाएं अथवा उसे परदे में किया जाए।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार आम आदमी पार्टी द्वारा शासित है और पार्टी ने सरकारी योजनाओं के नाम अपने प्रचार करने की भावना से रखे हैं । इनके चलते आगामी नगर निगमों के चुनावों में अन्य राजनीतिक पार्टियों को प्रतिकूल प्रचार स्थिति का सामना करना पड़ेगा । इसके चलते आम आदमी पार्टी किसी प्रकार का भ्रम न फैलाए व आचार संहिता की भावना को ध्यान में रखते हुए भी इस ओर ध्यान दिया जाए।

      श्री गुप्ता ने कहा कि समस्त दिल्ली में आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है दिल्ली सरकार लगभग 150 आम आदमी मोहल्ला क्लीनिक चला रही है । इनके प्रचार के लिए इनके बाहर तथा शहर के विभिन्न स्थानों पर डिस्प्ले बोर्ड, बैनर, नेम प्लेट इत्यादि लगे हैं। इसी प्रकार आम आदमी बाई पास एक्सप्रैस बस सर्विस के नाम के माध्यम से भी पार्टी का प्रचार हो रहा है जो सीधे तौर पर आचार संहिता का उल्लंघन है और इसे रोके जाना चाहिए ।

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