चुनावी पंच – यूपी में पोस्टर वार

राम-रावण युद्ध के नाम पर कांग्रेस-भाजपा ही आमने-सामने नहीं हुए। भाजपा के एक पोस्टर में पीएम मोदी को भगवान राम और सीएम अखिलेश यादव को रावण के रूप में दिखाया गया है। ...

 

डीबी लाइव

चुनावों में मुद्दों की लड़ाई के साथ-साथ पोस्टरों की लड़ाई देखना खासा दिलचस्प रहता है। 33 करोड़ देवी देवताओं के इस देश में भगवतभक्ति खूब नजर आती है। भक्तों का मन देवपूजा से शायद नहीं भरता, इसलिए पोस्टरों में नेताओं को विभिन्न अवतारों के रूप में दिखाकर अपनी भक्ति साबित की जाती है। केवल देवता ही नहीं, फिल्मों के कैरेक्टर के रूप में भी नेताओं को दिखाया जाता है। हालांकि इन पर विवाद भी खूब होते हैं और कई बार कानून की सख्ती भी झेलनी पड़ती है। लेकिन व्यक्तिपूजा का जोर कुछ ऐसा है कि कोई उपाय कारगर नहीं दिखता।

पिछले साल बनारस में भाजपा के केशव प्रसाद मौर्य को कृष्ण भगवान के रूप में दिखाया गया था, जबकि यूपी को द्रौपदी और अखिलेश यादव, मायावती, राहुल गांधी, आजम खां और ओवैसी को दु:शासन के रूप में यूपी की साड़ी खींचते हुए दिखलाया गया था। पोस्टर के नीचे में लिखा था कि कलियुग में केशव केवल उपदेश नहीं देते बल्कि रण में भी उतरते हैं।

इस पोस्टर पर खूब विवाद हुआ था।

इसी बनारस में पिछले जनवरी माह में सपा के नेता संदीप मिश्रा ने महाभारत के एक पोस्टर पर अर्जुन की जगह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और कृष्ण की जगह कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी की तस्वीर बनवाकर सुर्खियों में आने का प्रयास किया। इसके बाद उसके खिलाफ आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज हुआ।

उत्तरप्रदेश में कांग्रेस की साख दांव पर लगी है। शायद इसलिए पिछले साल से ही राहुल गांधी अलग-अलग रूपों में पोस्टरों में दिखे हैं।

पिछले साल एक पोस्टर में राहुल गांधी 'सिंघम' के रूप में नजर आए। गोरखपुर के विभिन्न इलाकों में लगाए गए इन पोस्टरों में सभी प्रमुख दलों के नेताओं को राहुल गांधी से माफी मांगते दिखाया गया था। बसपा सुप्रीमो मायावती, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य और असदुद्दीन ओवैसी के अलावा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी राहुल गांधी से माफी मांगते दिखाया गया था।

पोस्टर वार से सर्जिकल स्ट्राइक भी अछूता नहीं रहा है।

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद नरेन्द्र मोदी के राम अवतार वाले पोस्टर लगे थे, जिसमें रावण पाकिस्तान था। लेकिन कांग्रेस नेता हसीब अहमद और श्रीशचंद्र दुबे ने विगत वर्ष ही एक पोस्टर में राहुल गांधी को राम के रूप में और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को रावण के रूप में पेश किया। पोस्टर पर सर्जिकल स्ट्राइक का भी नाम लिखा हुआ था। यह पोस्टर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ।

पोस्टर को लेकर बीजेपी नेताओं में जबरदस्त गुस्सा देखा गया था।

बता दें कि हसीब और श्रीशचंद्र इससे पहले प्रियंका गांधी को राजनीति में लाने के लिए उन्हें दुर्गा के अवतार में बताने की मांग कर चुके हैं। इसके लिए दोनों ने प्रियंका का दुर्गा के अवतार वाला पोस्टर भी जारी किया था।

राम-रावण युद्ध के नाम पर कांग्रेस-भाजपा ही आमने-सामने नहीं हुए। भाजपा के एक पोस्टर में पीएम मोदी को भगवान राम और सीएम अखिलेश यादव को रावण के रूप में दिखाया गया है। मोदी इस पोस्टर में रावण रुपी अखिलेश का संहार कर रहे हैं। इस तस्वीर पर कटाक्ष करते हुए आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने ट्विट किया था कि राम की जगह मोदी की तस्वीर से भावनाएं आहत नहीं होती हैं।

चुनावों में सोशल मीडिया का भी ख़ूब सहारा लिया जा रहा है। उत्तराखंड के चुनावों में एक दिलचस्प वीडियो आया है, जिसमें मुख्यमंत्री हरीश रावत को बाहुबली दिखाया गया है। राजनीति में गुंडागर्दी वाला बाहुबली नहीं, बल्कि फिल्मी बाहुबली।

इस वीडियो में मशहूर फि़ल्म बाहुबली से दृश्य लिया गया है, जिसमें किरदारों के चेहरे बदल दिए गए हैं। बाहुबली बने हरीश रावत अपने कंधों पर उत्तराखंड का नक्शा उठाए चल रहे हैं।

बाहुबली के शौर्य से चौंके हुए खड़े जो चेहरे दिखाए गए हैं, वे हैं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, प्रदेश बीजेपी प्रभारी श्याम जाजू और पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा। जबकि तांत्रिक के भेस में आए किरदार के चेहरे पर मोदी का चेहरा लगा हुआ है। कौन है वो कौन है... गाने के साथ हरीश रावत उत्तराखंड का नक्शा उठाए जा रहे हैं और आखिर में उन्हें जिताने की अपील का टेक्स्ट स्क्रीन पर उभरता है।

जी हाँ ,ये वीडियो फ़ेसबुक, यू-ट्यूब और व्हॉट्सएप पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें उनके साथ इंदिरा हृदयेश का चेहरा भी लगाया गया है। यानी संदेश साफ़ है कि रावत और इंदिरा की जोड़ी पर कांग्रेस को जीत दिलाने का दारोमदार है।

 इस वीडियो को लेकर बीजेपी ने आपत्ति जताई है। जबकि मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है " मैंने तो ये वीडियो लगाया नहीं है। सोशल मीडिया है। अब वहां कोई किसी को भला कंट्रोल कर सकता है? लोगों की भावनाएं हैं। कुछ को हममें बाहुबली दिखा होगा किसी को कुछ और दिखता होगा। मैं तो खुद को बाहुबली मानता नहीं, हाथ जोड़कर बस सेवक मानता हूं जनता का।"

एक मज़ेदार पोस्टर उत्तर प्रदेश के रायबरेली में भी लगा है जिसमें मतदाता जागरूकता के नाम पर जिला प्रशासन की ओर से जाने-अनजाने बहुजन समाज पार्टी के नेता और व्यापारी बसंत सिंह बग्गा के साथ लगा पोस्टर चर्चा का विषय बना हुआ है।

पोस्टर में जिलाधिकारी के साथ व्यापारी और बहुजन समाज पार्टी के नेता की तस्वीर जिला प्रशासन पर सवालिया निशान खड़े कर रही है। एक जिम्मेदार अधिकारी की फोटो, किसी पार्टी विशेष और व्यापारी नेता के साथ लगाकर मतदाताओं को जागरूक करने की आवश्यकता आखिर क्यों पड़ रही है? अगर पोस्टर सकारात्मक सोच के साथ लगाए जाएँ जिसमें जनता का हित जुड़ा हो तो उसका लाभ समाज को ही नहीं ,जन प्रतिनिधि को भी होगा। आज के लिए बस इतना ही। देखते रहिये DB LiVE

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