हिन्दू कालेज में 'जनता पागल हो गई है', 'खोल दो'

अमर कथाकार मंटो की कहानी 'खोल दो' के मंचन में युवा अभिनेताओं ने सांप्रदायिक और संकुचित मानसिकता के मध्य एक निरीह स्त्री के शोषण को सुन्दरता से दर्शाया।...

अतिथि लेखक
हाइलाइट्स

सामाजिक जड़ता के विरुद्ध हिन्दी रंगमंच की बड़ी भूमिका

 

दिल्ली।  हिन्दू कालेज की हिन्दी नाट्य संस्था 'अभिरंग' द्वारा कालेज पार्लियामेंट के वार्षिक समारोह 'मुशायरा' के अन्तर्गत दो नाटकों का मंचन किया गया।

भारत विभाजन के प्रसंग में सआदत हसन मंटो की प्रसिद्ध कहानी 'खोल दो' तथा शिवराम के चर्चित नाटक 'जनता पागल हो गई है' का मंचन हिन्दू कालेज के खचाखच भरे प्रेक्षागृह में हुआ।

राजसत्ता और पूँजीवादी लालची ताकतों के जान विरोधी गठजोड़ के खिलाफ लिखे गए नाटक 'जनता पागल हो गई है'  शर्मा ने नेता, आशुतोष ने पागल, पीयूष ने जनता, पूजा ने पूंजीपति, स्नेहदीप ने इन्स्पेक्टर की मुख्या भूमिकाएं निभाईं। दीपक, राहुल, दीपिका भी सहायक भूमिकाओं में थे।

इस नाटक का निर्देशन शिवराम की नाटक मण्डली के सदस्य रहे युवा रंगकर्मी आशीष मोदी  ने किया। दूसरे मंचन में अमर कथाकार मंटो की कहानी 'खोल दो' के मंचन में युवा अभिनेताओं ने सांप्रदायिक और संकुचित मानसिकता के मध्य एक निरीह स्त्री के शोषण को सुन्दरता से दर्शाया।

यहाँ ऊषा ने सकीना, कुलदीप ने सिराजुद्दीन और ज्योति, पीयूष, प्रशांत, कृष्णदेव, प्रिया, आशुतोष, पूजा, सहित अन्य विद्यार्थियों ने भूमिकाएं निभाईं। दोनों नाटकों में गहरे अन्धकार और ध्वनि के प्रयोगों को दर्शकों से भरपूर सराहना मिली वहीं आशुतोष ने पागल की भूमिका में खूब तालियां बटोरी।

अभिरंग के परामर्शदाता डॉ. पल्लव ने अभिरंग की गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि एक दशक से अधिक समय से अभिरंग हिन्दी रंगमंच के क्षेत्र में सक्रिय है। उन्होंने कहा कि सामाजिक जड़ता के विरुद्ध हिन्दी रंगमंच की बड़ी भूमिका है जिसमें नयी पीढ़ी भी अपना योगदान कर रही है। 

आयोजन में हिंदी विभाग के डॉ रामेश्वर राय, डॉ अभय रंजन, डॉ रचना सिंह,  स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष सचिन वशिष्ठ सहित बड़ी संख्या में अध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित थे। 'खोल दो' के निर्देशन सहयोगी युवा रंगकर्मी कपिल कुमार ने अपनी नाट्य संस्था 'रंगरेज' के बारे में बताया तथा उसकी आगामी योजनाओं की जानकारी दी।

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