मां ने स्कूल प्रशासन को झुकाया, बेटा देगा परीक्षा

छह महीने तक फीस न जमा करने पर 12वीं में पढ़ने वाले एक छात्र को परीक्षा में बैठने के लिए जारी होने वाला एडमिट कार्ड देने से इंकार करने के बाद दिल्ली महिला आयोग पहुंची छात्र की मां को आयोग ने राहत दी...

नई दिल्ली, 17 मार्च। छह महीने तक फीस न जमा करने पर 12वीं में पढ़ने वाले एक छात्र को परीक्षा में बैठने के लिए जारी होने वाला एडमिट कार्ड देने से इंकार करने के बाद दिल्ली महिला आयोग पहुंची छात्र की मां को आयोग ने राहत देते हुए छात्र को परीक्षाओं के लिए अनुमति दिलवाई है।

बाहरी दिल्ली के एक निजी स्कूल के छात्र को इसलिए स्कूल अनुमति नहीं दे रहा था क्योंकि उसके पिता लंबे समय से बीमार थे और वह फीस के पैसे नहीं भर सका।

           बेटे को परीक्षा में बैठने देने की अनुमति दिलाने की मदद मांगने पहुंची मां ने जब अपनी व्यथा सुनाई और बताया कि इलाज पर सारा पैसा खर्च हो गया। उसे अपने पति के इलाज के लिए अपना घर भी बेचना पड़ा और छह महीने पहले उनके पति का देहांत हो गया। अब न तो फीस जमा करने के लिए पैसे हैं और न ही रहने के लिए घर, वहीं आसपास झुग्गी डालकर रह रही है, लेकिन वह चाहती थी कि उनका बच्चा अपनी परीक्षा दे और आगे भी पढ़े। चूंकि एक-दो दिन में 12वीं की बोर्ड की परीक्षाएं शुरु होने वाली थी तो दिल्ली महिला आयोग की सदस्य सारिका चौधरी ने तुरंत स्कूल प्रशासन को अगले ही दिन आयोग में पहुंचने का नोटिस जारी कर दिया।

अगले दिन स्कूल के प्रिंसिपल व निदेशक ने लिखित में दिया कि वे परीक्षा में बैठने की अनुमति देंगे, साथ ही फीस भी माफ कर देंगे।

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