बलात्कारी की अविलंब गिरफ्तार करने की मांग, निकला इंसाफ मार्च

जब शराबबंदी के पक्ष में मानव श्रृंखला का सरकारी इतिहास रचा जा रहा था, तो भागलपुर के बिहपुर ब्लॉक के कोसी किनारे महादलित समुदाय के गांव गोविन्दपुर में 8साल की बच्ची के साथ बलात्कार किया गया ...

बलात्कारी की अविलंब गिरफ्तार करने की मांग, निकला इंसाफ मार्च

 

भागलपुर, 09 फरवरी। विगत 21जनवरी को जब शराबबंदी के पक्ष में मानव श्रृंखला का सरकारी इतिहास रचा जा रहा था, तो भागलपुर के बिहपुर ब्लॉक के कोसी किनारे महादलित समुदाय के गांव गोविन्दपुर में रह रहे एक मात्र भूमिहीन अल्पसंख्यक परिवार की 8साल की बच्ची के साथ दबंग भूस्वामी ने बलात्कार किया।

भूमिहीन अल्पसंख्यक परिवार की 8वर्षीय बच्ची के बलात्कार मामले में झोपड़ी तक इंसाफ का रास्ता खोलने के लिए पीड़िता व उसके परिजनों के साथ विभिन्न संगठनों ने इंसाफ मार्च किया।

इंसाफ मार्च के रिंकु ने बताया कि पीड़ित परिवार दूसरे भूस्वामी की ही जमीन पर तीन पीढ़ियों से रह रहा है। पीड़ित परिवार के पास आज भी उस जमीन का वासगीत पर्चा तक नहीं है। जमीन पर झोपड़ी बनाकर रहने के बदले यह परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी भूस्वामी के जमीन व फसल की देखरेख करता आ रहा है। भूस्वामी देखरेख व छोटे-मोटे काम के बदले मजदूरी का भुगतान नहीं करता आ रहा है। कहिए तो यह परिवार अर्धगुलामी की स्थिति में ही लंबे समय से है।

पिछले 21जनवरी को झोपड़ी में अकेले पाकर दबंग भूस्वामी प्रभाष चौधरी ने बर्बर बलात्कार को अंजाम दिया। खून से लथपथ बच्ची किसी तरह झोपड़ी से बाहर आवाजाही के रास्ते तक पहुंची।

रिंकु ने बताया कि जब ग्रामीणों को पता चला तो बलात्कारी के समर्थक व स्थानीय जनप्रतिनिधि सक्रिय हो गये। बलात्कारी की ओर से पैसे ले देकर मामले को रफा दफा करने की कोशिश विफल हुई।

अगले दिन एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन बलात्कारी के पक्ष में स्थानीय सत्ता समूह लगातार सक्रिय है। पूरे मामले को झूठ के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। बलात्कारी को निर्दोष बताते हुए हस्ताक्षरित आवेदन तक पदाधिकारियों को दिया गया है।

बलात्कारी को अविलंब गिरफ्तार करने और पीड़िता का समुचित इलाज व मुआवजा की मांगों को लेकर आज भागलपुर शहर में पीड़ित परिवार के साथ विभिन्न संगठनों ने इंसाफ मार्च किया। इंसाफ मार्च स्टेशन चौक से डीएम कार्यालय तक हुआ। पीड़िता व उसके परिजनों के साथ एक सगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल में सोशलिस्ट पार्टी के गौतम कुमार प्रीतम, न्याय मंच के सौरव तिवारी, संस्कृतिकर्मी प्रवीर, सामाजिक कार्यकर्ता महमूद, प्रियंका आनंद भगत शामिल थी।

इस मौके पर न्याय मंच के डॉ. मुकेश और जन संसद के मो. इजराइल ने कहा कि 19 दिन गुजर जाने के बाद भी दबंग अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं हुई है। स्थानीय जनप्रतिनिधि, ताकतवर समूह और पुलिस गठजोड़ मामले को दबाने की कोशिश में है। राजद से जुड़े स्थानीय महिला विधायक व सांसद की भी इस बर्बर घटना पर शर्मनाक चुप्पी है।

सोशलिस्ट पार्टी - इंडिया के गौतम कुमार प्रीतम और न्याय मंच के अंजनी ने कहा कि पुलिस ने बगैर समुचित इलाज के मेडिकल के बाद पीड़ित बच्ची को गांव पहुंचा दिया। दबंगों के धमकी के कारण पीड़ित परिवार को गांव से पलायन करना पड़ा।

न्याय मंच के रिंकु ने कहा कि इस पूरे मामले में भी नीतीश सरकार के सुशासन और अल्पसंख्यक व महिला पक्षधरता के दावों की पोल खुल रही है।

डीएम ने मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है। डीएम के निर्देश पर पीड़ित बच्ची का सदर अस्पताल में पुन: इलाज शुरू हुआ।

मार्च में शामिल थे -अर्जुन शर्मा,आद्या कुमारी,न्याय मंच के रुपेश, उमर ताज, रंजन, भारतीय दलित पार्टी के मेदी दास, सुखदेव भगत, नारायण दास, सोशलिस्ट पार्टी -इंडिया के विनोद निषाद, इंसाफ इंडिया के मुस्तकीम सहित कई लोग शामिल थे।

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