क्वांटिटी से ज्यादा क़्वालिटी और खुद पर एक्सपेरिमेंट करना सबसे ज्यादा जरूरी

ग्लोबल फैशन एंड डिज़ाइन वीक के अंतिम दिन डिज़ाइनर की भरमार रही चाहे वो क्लॉथ डिज़ाइनर हो, स्टोन डिज़ाइनर, फुटवियर, फर्नीचर या फिर इंटीरियर डिज़ाइनर हो।...

क्वांटिटी से ज्यादा क़्वालिटी और खुद पर एक्सपेरिमेंट करना सबसे ज्यादा जरूरी

नोएडा। ग्लोबल फैशन एंड डिज़ाइन वीक के अंतिम दिन डिज़ाइनर की भरमार रही चाहे वो क्लॉथ डिज़ाइनर हो, स्टोन डिज़ाइनर, फुटवियर, फर्नीचर या फिर इंटीरियर डिज़ाइनर हो।

आज के कार्यक्रम की शुरुआत  जाने माने करैक्टर आर्टिस्ट मुकेश त्यागी द्वारा की गयी। साथ ही डिज़ाइनर आदित्य भाटिया, अभिनव दास, मेन्ज़वियर डिज़ाइनर आशय चतुर्वेदी, आर्किटेक्ट श्रद्धा विदानी और  विराज शेट्टी शामिल हुए, जिन्होंने आज की डिजिटल दुनिया में क्लासिक डिज़ाइन से किस तरह से घर और अपने आपको संवारा जा सकता है और कैसे हम दुनिया के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर चल सकते हैं, बताया। 

मुकेश त्यागी ने कहा हम आर्टिस्ट के साथ सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि आपको ज्यादा ड्रेस लेने की जरुरत नहीं होती क्योंकि निर्देशक को जैसी ड्रेस चाहिए होती है वो हमे पहना देता है और मुझे लगता है वो आज के फैशन को ज्यादा समझते हैं। जहाँ तक मेरे पर्सनल ख्यालात हैं, मैं क्वांटिटी से ज्यादा क्वालिटी में विश्वास रखता हूँ। 

आदित्य भाटिया ने कहा कि हम सिर्फ फैशन को ड्रेस या एक्सेसरीज में ही तोलते हैं, जबकि हमारा बिहेवियर, बॉडी लैंग्वेज, हमारा रहन सहन व हमारा खानपान भी फैशन के अंतर्गत ही आता है जिस पर हम कमतर ही ध्यान देते हैं, जबकि वो हमारी दिनचर्या में शामिल होता है। 

आशय चतुर्वेदी ने कहा किसी भी काम को करने के लिए पैशन होना बहुत जरूरी है और कुछ भी काम करो उसका एक्सपेरिमेंट खुद पर करो।

इस अवसर पर मारवाह स्टूडियो के निदेशक संदीप मारवाह भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर फैशन के छात्रों द्वारा बनायीं गए सामान की प्रदर्शनी लगाई गयी साथ ही शाम को भव्य फैशन शो का भी आयोजन किया गया जिसमे विदेशी मॉडल्स ने रैम्प शो किया। 

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