अत्याचार जब बढ़ता है तो मजलूमों एकता बढ़ती हैः मौलाना सज्जाद नोमानी

जो भारत सारे जहां से अच्छा था, जिस लोकतंत्र पर हमें नाज़ था आज वह भारत टूटता हुआ दिख रहा है।...

हाइलाइट्स

जि़न्दा क़ौम वही है जो अन्याय के सामने मजलूमों को इंसाफ दिलाने के लिए खड़ी होः ए सईद

बेंगलुरु। सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया की ओर से 8 ये 29 अप्रैल 2017 ‘आतंक की राजनीति के खिलाफ एकजुट हों‘ के नारे के तहत चलाए जाने वाले राष्ट्रव्यापी अभियान का उद्घाटन समारोह बेंगलूरू के अंबेडकर भवन में आयोजित किया गया।

राष्ट्रीय अभियान के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता एसडीपीआई राष्ट्रीय अध्यक्ष ए सईद ने की।

कार्यक्रम के आगाज़ में एसडीपीआई के प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल हन्नान ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि जो भारत सारे जहां से अच्छा था, जिस लोकतंत्र पर हमें नाज़ था आज वह भारत टूटता हुआ दिख रहा है। आज पुलिस थाने पीड़ित वर्गों के लिए जुल्म ढाने वाले केन्द्र बन चुके हैं। देश में एक विशिष्ट वर्ग के लोग कानून को हाथ में लेकर इस देश के लोकतंत्र को तबाह करने पर तुले हुए हैं। इससे लग रहा है कि देश में अघोषित आपातकाल और एक विशेष विचारधारा को देश में थोपने की कोशिश की जा रही है।

एसडीपीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए सईद ने इस अभियान का उद्घाटन करते हुए अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि इस अभियान को भारत के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। हमारा देश एक अलग रास्ते पर चल रहा है। हिंदुत्व के नाम पर हमले हो रहे हैं। गौरक्षा के नाम पर अल्पसंख्यकों पर जुल्म ढाया जा रहा है। कानून की रक्षा करने वाले खुद कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। नफरत भरे भाषण के माध्यम से देश की जनता के बीच घृणा उत्पन्न की जा रही है। हमारे देश में फासीवादी ताकतें मजबूत हो चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि देश में फ़ासीवादी ताकतों को हराने के लिए सभी धर्मनिरपेक्ष लोगों को एकजुट होना होगा। जिसके लिए एसडीपीआई हमेशा कोशिश करती रहेगी। आज देश के मुसलमान डर के माहौल में जीने को मजबूर हैं। सरकारें मुसलमानों को डरा कर उन्हें अपने अधिकारों से वंचित रखना चाहती है। देश के धर्मनिरपेक्ष दलों को भी कमज़ोर कर दिया गया है। जिसका ताजा उदाहरण उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम हैं।

श्री सईद ने इस बात की ओर विशेष संकेत करते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के माध्यम से चुनाव में बड़े पैमाने पर बेईमानी की गई है। इसके संबंध में हमें सोचना चाहिए और ईवीएम सिस्टम को हटाने के लिए कोशिश करनी चाहिए। आज देश के दलितों, पिछड़े वर्ग और मुसलमानों को दबाने के लिए उनके खिलाफ काले कानूनों का जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज इस बात की ज़रूरत है कि अन्याय, अत्याचार और अन्याय के शासकों के खि़लाफ़ खड़े होकर संयुक्त रूप में आवाज उठाना होगा और अपने अधिकारों को प्राप्त करने के लिए मैदान में आना होगा। आज सभी को प्रतिज्ञा करनी होगी कि हम अन्याय के खिलाफ उठ खड़े होंगे और हमारे देश से आतंक की राजनीति को खत्म करेंगे।

बैंगलोर शहर के जामा मस्जिद के इमाम मौलाना मक़सूद इमरान ने अपने संबोधन में कहा कि इस देश में हम किरायेदार नहीं। इस देश की स्वतंत्रता के लिए दूसरों से अधिक हमने अपने जान-माल की कुर्बानी देकर इस देश को आजाद कराया है। इस देश में हम शांति चाहते हैं इसका मतलब यह नहीं कि हम कायर हैं। समय आने पर हम शांति के साथ अपना अधिकार लेना जानते हैं।

मुख्य अतिथि मौलाना सज्जाद नोमानी ने अपने विशेष संबोधन में कहा कि आज देश में जो हालात हैं उसे भावुकता नहीं बल्कि रणनीति के साथ सामना करना है। इस्लाम हमें यह शिक्षा देता है कि केवल अपने लिए नहीं बल्कि पूरे समाज के मजलूमों को इंसाफ दिलाना हर मुसलमान का कर्तव्य है

उन्होंने कहा कि एसडीपीआई के नेताओं और कार्यकर्ता जो देश में न्याय करने के लिए जो अभियान चला रहे हैं वह सराहनीय हैं। मुसलमान अगर अपनी निष्ठा नेताओं के साथ नहीं देंगे तो इससे उन्हें हार और असफलता का मुंह देखना पड़ेगा।

उन्होंने बैठक में शरीक महिलाओं से अपील की, कि वे अपने युवा बच्चों में बुलंद हौसले पैदा करें और समय आने पर हिजाब की पूरी पांबंदी के साथ मैदान में उतर आएं।

उन्होंने इस बात की ओर विशेष संकेत करते हुए कहा कि हमारे देश में हमारा पूरा अधिकार है। हमें निराश होने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है। हम अगर रणनीति के साथ देश के सभी पीड़ित वर्गों को साथ लेकर चलेंगे तो हम अपने उद्देश्य में सफल हो सकेंगें।

बैठक में एसडीपीआई पदाधिकारियों के अलावा पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद साकिब ने भी संबोधित किया।

सत्र के अंत में एसडीपीआई प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल हन्नान ने सभी मौजूद लोगों को धन्यवाद दिया। बैठक में हजारों महिलाओं सहित पार्टी कार्यकर्ता व भारी संख्या में लोग शरीक रहे।

बैठक में एसडीपीआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एडवोकेट शरफुद्दीन, राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद शफी, इलियास थुम्बे, अफसर पाशा और राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य डॉक्टर अवाद शरीफ के साथ देश के प्रतिष्ठित विद्वान और विचारक मौलाना सज्जाद नोमानी ने विशेष तौर पर शिरकत की।

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