“आप” पर लगा एमसीडी टिकट वितरण में भ्रष्टाचार का आरोप

चंदा बंद सत्याग्रह यह सवाल उठा रहा है कि यदि कोई पार्टी अपने वित्तपोषण को पारदर्शी नहीं रख सकती है, तो गारंटी क्या है कि टिकट वितरित करते हुए पैसे नहीं वसूले गये हैं...

“आप” पर लगा एमसीडी टिकट वितरण में भ्रष्टाचार का आरोप

आप ने किया एमसीडी टिकट वितरण में भ्रष्टाचार : रायजादा

नई दिल्ली, 20 मार्च। आम आदमी पार्टी (आप) के खिलाफ चंदा बंद सत्याग्रह के संयोजक डा. मुनीश रायजादा ने आरोप लगाया है कि दिल्ली में आगामी नगर निगम चुनावों के लिए आप ने नए चेहरे और दूसरे दलों के सदस्यों को टिकट आवंटित किए है। इससे मुख्य स्वयंसेवकों और पार्टी के समर्थकों के बीच असंतोष पैदा हुआ है।

श्री रायजादा का कहना है कि पार्टी की महिला शाखा को उम्मीदवार चयन और टिकट वितरण के मुद्दे पर भारी निराशा का सामना करना पड़ रहा है। लम्बे समय से काम कार्यरत महिला कार्यकर्ताओं की बजाय डमी उम्मीदवारों को टिकटें दी गयी हैंI

उम्मीदवारों के चयन के नामांकन प्रक्रिया पर आरोप लगाते हुए रायजादा ने कहा कि 'जीत की योग्यता' के नाम पर टिकट बेचने और पैसो का आदान-प्रदान हुआ है और स्वराज के सिद्धांतों के खिलाफ कार्य हुआ हैI

रायजादा यह भी कहते हैं कि हमारी पार्टी ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत के निर्माण के लिया जन्म लिया था, अब इसका चन्दाचोर गैंग स्वयं भ्रष्टाचार के ढेर के ऊपर बैठा है।

चंदा बंद सत्याग्रह यह सवाल उठा रहा है कि यदि कोई पार्टी अपने वित्तपोषण को पारदर्शी नहीं रख सकती है, तो गारंटी क्या है कि टिकट वितरित करते हुए पैसे नहीं वसूले गये हैं! आखिरकार, जब पार्टी चंदा ही नहीं दिखाती, तो धांधली की सभी संभावनाएं बनी रहती हैंI

ध्यान रहे कि “आप” ने जून 2016 के बाद से अपनी चंदा सूची गुप्त रखी हुयी  है।

श्री रायजादा ने कहा "पारदर्शिता का अभाव ने इन दुर्भावनापूर्ण प्रथाओं को जन्म दिया"।

वर्तमान में रायजादा 'चंदा बंद सत्याग्रह' अभियान के माध्यम से 'स्वच्छ और स्पष्ट राजनीति' का अभ्यास करने के लिए आम आदमी पार्टी से मांग करने में लगे हुए हैं।

  सत्याग्रह का उद्देश्य है कि जनता यदि आप पार्टी अपने दानदाताओं की सूची सार्वजनिक नहीं करती, तब तक आप को दान न करे।

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