राजनिवास ने वापिस भेजी फाईल, नहीं बदल सकते नियम, इवीएम से ही होंगे चुनाव

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की उस मांग को ठुकरा दिया है जिसमें उन्होने मतपत्र के जरिए दिल्ली नगर निगम के चुनाव करवाने के लिए नियमों को बदलने का आग्रह किया था।...

नई दिल्ली, 16 मार्च। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की उस मांग को ठुकरा दिया है जिसमें उन्होने मतपत्र के जरिए दिल्ली नगर निगम के चुनाव करवाने के लिए नियमों को बदलने का आग्रह किया था।

श्री बैजल ने कहा चूंकि चुनाव प्रक्रिया की घोषणा हो चुकी है और ऐसे समय पर नियमों को बदलना संभव नहीं है। समय कम होने के कारण मतपत्र से चुनाव के लिए असमर्थता जताते हुए उन्होने सीधे कहा है कि यह संभव नहीं हो सकेगा।

बता दें कि पंजाब चुनाव में करारी हार के बाद अरविंद केजरीवाल ने यह मांग रखी थी कि नियमों को बदल कर मतपत्र से चुनाव करवाए जाएं।

बीस मार्च को जाट समुदाय की ओर से प्रस्तावित 'दिल्ली घेराव’ से निपटने में दिल्ली पुलिस कोई कोताही बरतने के विचार में नहीं है और घेराव वाले दिन की रणनीति जो भी होनी हो, उसे पुलिस मुख्यालय में बैठे अधिकारियों ने तय करने का जिम्मा लिया है।

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनको घेराव के लिए मुख्यालय से मिल रहे निर्देशों को मानने के आदेश मिले हैं, तो वहीं जिला स्तर पर अभी कोई रणनीति नहीं तैयार की गई है। इतना जरूर है कि पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने विशेष आयुक्त से एसएचओ स्तर तक के सभी अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें आंदोलन से निपटने की रणनीति का हिस्सा बनाया है।

     पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस इसे 'जंग’ के रूप में मान रही है, इसलिए सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियों को रद्द करते हुए उन्हें घेराव से निपटने की जुगत लगाने में जुटाया गया है। दिल्ली पुलिस ने जाटों को घेराव के लिए अनुमति नहीं दी है, तो वहीं घेराव करने आए सभी वाहनों को जब्त कर लिया जाएगा।

दिल्ली पुलिस उपायुक्त व जनसंपर्क अधिकारी मधुर वर्मा ने बताया कि आंदोलन में आने वाले सभी वाहनों को दिल्ली की सीमा पर ही न सिर्फ रोक लिया जाएगा, बल्कि मोटर व्हिकल एक्ट के अंर्तगत उन्हें जब्त कर लिया जाएगा। इसके साथ ही जिन गाड़ियों पर प्रदर्शनकारी लाठी डंडा लेकर बैठे होंगे, उनको रोकने के लिए सीमावर्ती इलाकों में दंगा निरोधी बल को नियुक्त किया जाएगा। 

      पुलिस सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने सभी स्तर के अधिकारियों व कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं, तो वहीं सभी को 20 मार्च के लिए सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बीस मार्च को जाट अपनी मांगों को मनवाने के लिए दिल्ली की सीमाओं का घेराव करते हुए जंतर मंतर पहुंचेगे, तो वहीं दिल्ली पुलिस का मानना है कि उन्हें प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं मिली है, इसलिए जाटों को जंतर मंतर आने से रोका जाए। यातायात पुलिस भी जाट आंदोलन को लेकर विशेष तैयारियों में जुटे हुए हैं, तो वहीं बीस मार्च को सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त यातायात बल भी तैनात किया जाएगा।

यातायात पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बीस मार्च को दिल्लीवासियों का यातायात से दो-चार होना तय हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस की कोशिश होगी, कि दिल्लीवासियों को परेशानी से बचाया जा सके।

 

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