पहलू खान के हत्यारों को गिरफ़्तार करो ! देश भर के संगठनों ने बुलंद की आवाज़, नहीं सहेंगे गौ राक्षसों का आतंक !

पीड़ित को न्याय मिले! किसानों का हक बहाल हो ! देश में शांति एकता बहाल हो !

नई दिल्ली, अप्रैल 20 :  बीती एक अप्रैल 2017 को अलवर में गौरक्षकों द्वारा पहलू खान की हत्या और आतंक,  राजस्थान और हरियाणा सरकार की नाकामी के विरोध में जंतर मंतर, दिल्ली में भूमि अधिकार आन्दोलन ने बुधवार महाधरना आयोजित किया। देश के 10 राज्यों से आए किसानों, मज़दूरों और विभिन्न दलों के राजनैतिक नेताओं ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।

भूमि अधिकार आंदोलन ने इसके पहले एक जाँच दल भेजने, समर्थन मीटिंग करने का करने के बाद 30 अप्रैल को देश भर में साम्प्रदायिकता विरोधी अभियान का एलान किया और साथ ही में पहलू खान और अज़मत खान के परिवारों को आर्थिक सहयोग देने का एलान किया है। राजस्थान और हरियाणा सरकार के उपेक्षापूर्वक व्यवहार से यह ज़ाहिर होता है कि गौ रक्षकों को सरकार का समर्थन प्राप्त है, यह समाज और देश के लिए अति दुर्भाग्य पूर्ण है।

धरने में अखिल भारतीय किसान सभा के सचिव हन्नान मोल्लाह, कृष्ण प्रसाद, वीजू कृष्णन, अमरारम, और अन्य नेताओं; जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय के डॉक्टर सुनीलम और मधुरेश; अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रेम सिंह, अखिल भारतीय वन जन श्रमजीवी यूनियन के अशोक चौधरी और रोमा; अखिल भारतीय किसान मज़दूर संगठन के सत्यवान;  अखिल भारतीय खेत मजदूर संघ से प्रेम शर्मा;  भारतीय महिला फेडरेशन की एनी राजा; कविता श्रीवास्तव (पीयूसीएल ); नीता महादेव और आशा जी (सर्व सेवा संघ); अनिल चौधरी और वीरेंद्र विद्रोही (इंसाफ़); सुनीत चोपड़ा, अखिल भारतीय खेत मज़दूर यूनीयन; डॉ सुनीलम, मधुरेश कुमार (एन ए पी एम), किसान सभा एन. के. शुक्ला, प्रेम सिंह, अखिल भारतीय किसान महासभा से प्रेम सिंह, एस.यू.सी.आई से सत्यावान अपना सम्बोधन दिया।

साथ ही साथ विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि जद(यू) से केसी त्यागी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से देवी प्रसाद त्रिपाठी, डी.राजा (सीपीआई.), बृंदा करात, सुभाषिनी अली (सीपीएम), दीपाँकर भट्टाचार्य (सी पी आइ- एम एल) ने भी सभा को सम्बोधित किया।

धरने को अपना समर्थन देने के लिए विभिन्न वाम और लोकतांत्रिक पार्टियों, साथ ही साथ खेत मज़दूर, मज़दूर, स्त्री, छात्र, दलित, आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

हरियाणा और पंजाब से विभिन्न किसान और सामाजिक संस्थानों ने भी अलवर के पीड़ितों के साथ खड़े होते हुए न्याय मिलने तक अपना विरोध बरक़रार रखते हुए और गौ-रक्षा के नाम पर आतंक पर कार्रवाई की माँग और ऐसे किसी भी कृत्य पर रोक के साथ भूमि अधिकार आंदोलन द्वारा आयोजित धरने को अपना समर्थन दिया है।

इससे पहले ऑल इंडिया किसान सभा के अध्यक्ष आमरा राम 18 अप्रैल को किसान के परिवार के साथ खड़े होते हुए भूख हड़ताल पर बैठे थे। भूमि अधिकार आंदोलन के द्वारा आयोजित धरने में पहलू खान के परिवार और बाक़ी पीड़ित भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर जो प्रमुख माँगे सार्वजनिक तौर पर रखी गयी, वे इस प्रकार हैं-    

1)    राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार पहलू खान के परिवार को एक करोड़ रुपया मुआवजा के तौर पर व अन्य पीड़ितों के लिए 25 लाख मुआवजा दें।  साथ ही साथ परिवार के एक सदस्य को नौकरी दें। अपराधियों को गिरफ़्तार करें और अनुत्पादिक गायों को बाज़ार के भाव पर ख़रीदना सुनिश्चित करते हुए मवेशियों के व्यापार को सुरक्षा प्रदान करें और विविधता और सांस्कृतिकता के बोध का सम्मान सुनिश्चहित करें।

2)    नागरिक और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करते हुए वसुंधरा राजे सरकार पहलू खान के परिवार को एक करोड़ देना सुनिश्चित करें और पीड़ितों को 25 लाख दें।

3)    हरियाणा के मनोहरलाल खट्टर की सरकार पीड़ितों को मुफ्त इलाज मुहैया कराये.  

4)    सभी दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाय और उन्हें सख्त सजा दिया जाय और पीड़ितों के ऊपर आरोपित झूठे मुकदमें वापस लिए जाय।

5)    सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एक विशेष जाँच करायी जाय जिसके द्वारा बिना किसी भेदभाव के अपराध और पुलिस की भूमिका की भी जाँच हो।

6)    सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गौ रक्षा के नाम पर फैलाए जा रहे सांप्रदायिकरण की सर्वोच्च नयायालय की देख रेख में उच्च स्तरीय जाँच करायी जाय।

7)    किसानों के पशु व्यापार के अधिकार की रक्षा की जाय और सभी राज्य सरकारों द्वारा बंद पड़े पशु बाजारों को तुरंत खोला जाय।

8)    आवारा पशुओं से खेतों को बचने के लिए राज्य सरकार कानून में संशोधन करे और आवारा पशुओं के लिए आश्रय, भोजन, पानी और समुचित देखभाल मुहैया कराई जाए।

9)    केन्द्रीय कृषि मंत्री तमाम किसान और खेत मजदूर संगठनों को बुलाकर किसानों के पशुधन के सवालों पर चर्चा करे।

 

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