अच्छे दिन :  विप्रो ने एक झटके में 600 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया

देश की तीसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी विप्रो में कर्मचारियों को जहां नए वित्त वर्ष की शुरूआत में इंक्रिमेंट के रूप में तोहफा मिलने का इंतजार था वहीं कंपनी ने 600 कर्मचारियों के हाथ से रोजगार छीन लिया...

अच्छे दिन :  विप्रो ने एक झटके में 600 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया

ये अच्छे दिनों का सबक है या स्टार्ट अप इंडिया है या अमरीकी राष्ट्रपति के ट्रंप का असर कि सॉफ्टवेयर कंपनी विप्रो ने एक झटके में 600 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है

देश की तीसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी विप्रो में कर्मचारियों को जहां नए वित्त वर्ष की शुरूआत में इंक्रिमेंट के रूप में तोहफा मिलने का इंतजार था...वहीं कंपनी ने 600 कर्मचारियों के हाथ से रोजगार छीन कर उन्हें जोरदार झटका दिया है।

कंपनी ने परफॉर्मेंस अप्रेजल के आधार पर एक झटके में ही सैकड़ों कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया।

कर्मचारियों को निकालने पर कंपनी की तरफ से कहा गया कि परफॉर्मेंस आधारित अप्रेजल प्रक्रिया रेगुलर चलती रहती है, यह बिजनेस और क्लाइंट की जरूरतों के आधार पर तया किया जाता है। अप्रेजल के आधार पर कुछ कर्मचारियों को कंपनी से बाहर भी किया जा सकता है ये नियम के तहत ही होता है।

हालांकि, कंपनी ने निकाले गये कर्मचारियों पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

विप्रो ने कहा कि उसके प्रदर्शन आंकने की प्रक्रिया में मेंटरिंग, री-ट्रेनिंग जैसे पहलू शामिल हैं। कंपनी की चौथी तिमाही की रिपोर्ट और पूरे साल के आंकड़े 25 अप्रैल को आएंगे।

विप्रो में दिसंबर 2016 तक 1.79 लाख कर्मचारी कार्यरत थे।

आपको बता दें कि कर्मचारियों को कंपनी से बाहर निकालने का फैसला ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने अपनी वीजा नीति में बदलाव किया है। और अब विप्रो ने भी सैकड़ों कर्माचारियों के लिए दरवाजा बंद कर के उनके सामने रोजगार का संकट पैदा कर दिया है।

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