आ गया रिलायंस का भीम !

एनपीसीआइ और रिलायंस ने लॉन्च की भारत की पहली इन-स्टोर यूपीआइ भुगतान सेवा ऐक्सिस बैंक से सहयोग से इन्नोवाइटी द्वारा निर्मित डायनैमिक क्यूआर सॉल्यूशन की पेशकश...

आ गया रिलायंस का भीम !
एनपीसीआइ और रिलायंस ने लॉन्च की भारत की पहली इन-स्टोर यूपीआइ भुगतान सेवा ऐक्सिस बैंक से सहयोग से इन्नोवाइटी द्वारा निर्मित डायनैमिक क्यूआर सॉल्यूशन की पेशकश
हाइलाइट्स
  •      रिलायंस रिटेल भारत में अपनी दुकानों में ग्राहकों को एनपीसीआइ की मोबाइल आधारित यूपीआइ ऐप्प भुगतान सेवा मुहैया करने वाला पहला संगठित रिटेल चेन बना
  •      नया यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआइ) भुगतान सुविधा फिलहाल रिलायंस फ्रेश, रिलायंस ट्रेंड्स, रिलायंस डिजिटल समेत सभी 200 से अधिक रिलायंस रिटेल दुकानों के अलावा मुम्बई में अन्य दुकानों पर विभिन्न फॉर्मेट में शुरू हुआ। क्रमिक रूप से पूरे देश के सभी रिलायंस रिटेल दुकानों में विस्तार की योजना।
  •      इन-स्टोर यूपीआइ पेमेंट एक नवोन्मेषी डायनैमिक क्यूआर-कोड इंटरफेस से संचालित होता है जिसे व्यापारियों के मौजूदा पीओएस टर्मिनल को संचालित करने वाली कंपनी इन्नोवाइटी द्वारा तैयार किया गया है।
  •      इस नए समाधान से बहुमार्गी रिटेल में अलग-अलग कैशियरों को सीधे उनके पीओएस टर्मिनल पर भुगतान पुष्टि चार्ज स्लिप निकालने में आसानी होती है। इससे बड़े आकार के बहुमार्गी खुदरा दुकानों में फैले हुए यूपीआइ के चिर-प्रतीक्षित कार्यान्वयन की समस्या समाप्त हो गई है।
  •      इस शुरुआत के साथ डिजिटल इंडिया अभियान के तहत नगदीरहित भुगतान को आगे बढ़ाने संबंधी एनपीसीआइ के मिशन की तेज गति का मार्ग खुल गया है।
  •      ग्राहक अब अपने इन-स्टोर खरीदारी के लिए किसी भी यूपीआइ-आधारित एप्प का प्रयोग कर सकते हैं - इनमें एनपीसीआइ का भीम या किसी दूसरी बैंक द्वारा संरक्षित यूपीआइ-एप्प भी सम्मिलित हैं।

मुम्बई, 31 मार्च: भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआइ) और रिलायंस रिटेल ने आज एक नए इन-स्टोर भुगतान समाधान शुरू करने की जानकारी दी है। इस सुविधा के द्वारा ग्राहकों को भीम और दूसरे बैंक-संरक्षित यूपीआइ भुगतान एप्प जैसे यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआइ) के माध्यम से भुगतान करने में आसानी होगी। इस प्लैटफॉर्म को बंगलोर के इन्नोवाइटी पेमेंट सॉल्यूशंस ने ऐक्सिस बैंक के प्रक्रिया सहयोग से तैयार किया है।

रिलायंस रिटेल अपनी दुकानों में ग्राहकों को मोबाइल-आधारित यूपीआइ एप्प भुगतान की सुविधा देने वाला देश का पहला संगठित रिटेल चेन है। यह नया इन-स्टोर यूपीआइ भुगतान सुविधा अभी मुम्बई में 200 से अधिक रिलायंस रिटेल स्टोरों में सभी फॉर्मेट्स में उपलब्ध है जिनमें अनेक दूसरी दुकानों के साथ-साथ रिलायंस फ्रेश, रिलायंस स्मार्ट, रिलायंस डिजिटल, रिलायंस ट्रेंड्स, और रिलायंस फुटपिं्रट्स सम्मिलित हैं। इस सुविधा का राष्ट्रीय स्तर पर सभी रिलायंस रिटेल स्टोरों पर क्रमिक रूप से विस्तार किया जाएगा। इस एकीकरण के सहारे रिलायंस रिटेल के ग्राहकों को बाधारहित भुगतान करने में सुविधा होगी इससे डिजिटल लेन-देन का एक और माध्यम उपलब्ध होगा।

एनपीसीआइ और रिलायंस ने लॉन्च की भारत की पहली इन-स्टोर यूपीआइ भुगतान सेवा  ऐक्सिस बैंक से सहयोग से इन्नोवाइटी द्वारा निर्मित डायनैमिक क्यूआर सॉल्यूशन की पेशकशएनपीसीआइ के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ, ए. पी. होता ने कहा कि,

 ”खुदरा खरीदारी में नगदीरहित भुगतानों के तीव्र अभिग्रहण को प्रोत्साहित करने के लिए एनपीसीआइ के समग्र लक्ष्य के अंग के रूप में मौजूदा शुरुआत से भारत में कार्ड स्वीकार करने वाले सभी व्यापारियों तक यूपीआइ भुगतान को विस्तारित करने का रास्ता खुल गया है। एनपीसीआइ के भीम एप्प को अभी तक करीब 20 मिलियन बार डाउनलोड किया जा चुका है और इस तरह के यूपीआइ एप्प के तेजी से बढ़ते प्रचलन को देखते हुए इस पहल से खुदरा दुकानों में यूपीआइ भुगतान स्वीकरण स्थलों की संख्या बढ़ेगी। ज्याद नगदीरहित भविष्य को गति देने में इस समाधान की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।“

रिलायंस रिटेल के निदेशक, वी. सुब्रमणियम ने कहा कि,

”रिलायंस रिटेल भारत का सबसे बड़ा खुदरा कारोबारी है जिस पर करोड़ों ग्राहक भरोसा करते हैं। रिलायंस रिटेल के लिए यह प्रसन्नता की बात है कि यह देश का पहला संगठित रिटेलर है जिसने ग्राहकों के लिए यूपीआइ ऐप्प आधारित भुगतान सुविधा के माध्यम से डिजिटल लेन-देन की अतिरिक्त सुविधा और विकल्प को लागू किया है। यह सुविधा रिलायंस रिटेल के 200 से अधिक दुकानों पर उपलब्ध है जिनमें रिलायंस फ्रेश, रिलायंस स्मार्ट, रिलायंस डिजिटल और मुम्बई के दूसरी दुकानें सम्मिलित हैं। क्रमिक रूप से इस सुविधा को देश भर में रिलायंस रिटेल की बाकी दुकानों पर भी आरंभ किया जाएगा। इस उत्साहवर्द्धक पहल से देश में डिजिटल लेन-देन की पारिस्थितिकी तंत्र का दायरा और व्यापक होगा।“

 

रिलायंस डिजिटल के सीईओ, ब्रियान बेड ने कहा कि,

”भारत के सबसे बड़े इलेक्ट्रोनिक रिटेल चेन, रिलायंस डिजिटल में हमेशा ही ग्राहक अनुभव उन्नत करने पर फोकस के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रौद्योगिकीय नवीनताओं को अपनाने की परंपरा रही है। हमने सबसे पहले अपने ग्राहकों के लिए उद्योगगत अग्रणी पहल करने करने का प्रयास किया है और इस नई डिजिटल लेन-देन सुविधा का लागू होना उस दिशा में एक और कदम है। हमें इस महत्वपूर्ण पहल से जुड़कर खुशी हो रही है क्योंकि एनपीसीआइ की इस नई इन-शॉप यूपीआइ भुगतान सुविधा को लागू करने में हम सबसे आगे हैं जैसा कि इससे सबसे पहला लेन-देन हमारे रिलायंस डिजिटल स्टोर में ही हुआ है।“

इन्नोवाइटी पेमेंट सॉल्यूशंस के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राजीव अग्रवाल ने कहा कि,

”कार्ड स्वीकार करने वाले मौजूदा 1.7 मिलियन से अधिक  व्यापारियों के बीच बाधारहित यूपीआइ की स्वीकार्यता में तेज वृद्धि के लिए इस नई शुरुआत से जो संभावनाएँ पैदा हुई हैं उसे लेकर हम बेहद उत्साहित हैं। हमें भरोसा है कि हमारे समाधान से खुदरा कारोबार में यूपीआइ की स्वीकार्यता की वास्तविक समस्या का निर्णायक ढंग से समाधान हो जाएगा। इसके लागू होने में देरी के कारण बड़े खुदरा दुकानों में यूपीआई-स्वीकार्यता की तीव्र शुरुआत बाधित थी। इसे दूर करने में एनपीसीआइ के सहयोग एवं प्रोत्साहन के लिए हम उन्हें धन्यवाद देते हैं।“

पीओस पर यूपीआइ/भीम की कार्यप्रणाली

          यह नवोन्मेषी डायनैमिक क्यूआर-कोड आधारित समाधान यूपीआइ-आधारित कैशलेस पेमेंट चालू करने के लिए दुकान के मौजूदा क्रेडिट/डेबिट कार्ड पीओएस टर्मिनल का इस्तेमाल करता है।

          जब ग्राहक यूपीआइ भुगतान विधि के लिए कहता है, तब कैशियर को अपने मौजूदा कार्ड पीओएस टर्मिनल पर बस ‘यूपीआइ पेमेंट’ विकल्प चुनने और संबंधित बिल भुगतान राशि दर्ज करने की आवश्यकता होती है।

          इससे पीओएस टर्मिनल की स्क्रीन पर ही एक डायनैमिक क्यूआर-कोड उत्पन्न हो जाता है जिसे ग्राहक द्वारा प्रयुक्त भीम जैसे किसी भी मोबाइल आधारित यूपीआइ-एप्प में स्कैन किया जा सकता है।

          स्कैन करने पर, क्यूआर कोड स्वतः ही संबंधित लेन-देन का विवरण हस्तांतरित कर देता है और भुगतान हस्तांतरण अधिकृत करने के लिए इस्र ग्राहक के भुगतान एप्प पर डिस्प्ले कर देता है।

          ग्राहक के यूपीआइ-लिंक्ड बैंक खाते से दुकान के यूपीआइ-लिंक्ड खाते में भुगतान का हस्तांतरण पूरा हो जाने पर,  भुगतान समाधान लेन-देन पूर्णता चार्ज स्लिप पिं्रट करने के लिए आरंभिक इन-स्टोर पीओएस टर्मिनल पर एक निपटारा संपुष्टि सक्रिय कर देता है। 

विज्ञप्ति के अनुसार फायदे:

     व्यापारी के पीओएस टर्मिनल पर ही इस तरह की यूपीआइ भुगतान संपुष्टि का सामर्थ्य मिलने से इस नए इन-स्टोर यूपीआइ इंटरफेस द्वारा एक चिर-प्रतीक्षित समाधान मिल गया है जिसके लागू नहीं होने के कारण बड़े आकार के मल्टी-लेन रिटेल स्टोरों में यूपीआइ-स्वीकार्यता का तीव्र प्रसार बाधित हो रहा था।

     एक साथ अनेक चेकआउट प्वाइंट के कारण इन दुकानों में कैशियरों के पास खरीदे गए सामान ग्राहकों को सौंपने के पहले भुगतान प्राप्ति का कोई प्रत्यक्ष साधन नहीं था। सुनने में यह असंभव-सा लगता है कि किसी एक ही कैशियर वाली छोटी दुकान में इस तरह की संपुष्टि एक साधारण टेक्स्ट मैसेज के द्वारा अकेले कैशियर के अपने मोबाइल फोन पर प्राप्त हो सकता है।

     यह नया समाधान दुकान के पीओएस टर्मिनल जैसे कैशियर-अनाश्रित संरचना पर महत्वपूर्ण भुगतान संपुष्टि का सामर्थ्य प्रदान करता है - यह कैशियर पर ज्यादा मेहनत वाले बहु-कैशियर दुकानों के लिए एक जरूरत है। व्यापारी वीपीए (वर्चुअल प्राइवेट ऐड्रेस) या यूपीआइ आइडी के साथ एक डायनैमिक क्यूआर और इसमें अंतःस्थापित राशि के का प्रयोग होने के कारण पीओएस में ग्राहक या व्यापारी का विवरण टाइप करने की जरूरत समाप्त हो गई है।

     इस प्रक्रिया में सुविधा होने के अलावा विवरण टाइप करने में मेहनत और संभावित गलती की गुजाइश नहीं है।

क्या है एनपीसीआइ

विज्ञप्ति केअनुसार भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआइ) की स्थापना भारत में विभिन्न खुदरा भुगतान प्रणालियों के लिए एक केन्द्रीय ढाँचे के रूप में वर्ष 2009 में की गई थी। इसे देश में भुगतान सेवा के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा संकल्पित किया गया था। भारत इंटरफेस फॉर मनी (बीएचआइएम)/यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआइ) एक फुर्तीला मोबाइल फोन आधारित एप्प है जिससे सहज, सरल और त्वरित भुगतान लेन-देन संभव होता है। कोई व्यक्ति आसानी से सीधे बैंक से बैंक को तत्काल भुगतान कर सकता है और मोबाइल नम्बर या पेमेंट ऐड्रेस (यूपीआइ आइडी) का प्रयोग करके तुरंत मनी कलेक्ट कर सकता है।

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