जो भी आज साम्राज्यवाद के खिलाफ लड़ रहा है वह भगत सिंह है

तुर्की की कम्युनिस्ट पार्टी के शोध छात्र नेता एहसन अकदल ने भगत सिंह के साम्राज्यवाद विरोधी दर्शन की वैधता यह कह स्पष्ट कर दी कि जो भी साम्राज्य वाद के खिलाफ आज लड रहा है वह भगत सिंह है....

पाकिस्तान में भगत सिंह की स्वीकार्यता बढ़ रही है

शमशाद इलाही शम्स

टोरंटो (कनाडा)। 68 बच्चे, 28 अध्यापक और प्रिंसिपल संजीव धवन की अथक मेहनत के जरिए भगत सिंह के जीवन, कर्म और दर्शन को विभिन्न नाट्य और नृत्य कला के मोतियों में पिरो कर ऐसा कार्यक्रम पेश करना एक भागीरथी दुस्साहस है जो आज खुद मैने अपनी आँखों से देखा.

सोने पर सुहागा रहे प्रोफेसर जगमोहन जिन्होंने भगत सिंह की ऐतिहासिक मीमांसा बहुत सारगर्भित शब्दों में रख मन मोह लिया.

तुर्की की कम्युनिस्ट पार्टी के शोध छात्र नेता एहसन अकदल ने भगत सिंह के साम्राज्यवाद विरोधी दर्शन की वैधता यह कह स्पष्ट कर दी कि जो भी साम्राज्य वाद के खिलाफ आज लड रहा है वह भगत सिंह है.

लाहौर निवासी कनेडियन फौजिया तनवीर ने बताया कि आज पाकिस्तान में भगत सिंह की स्वीकार्यता बढ़ रही है और भगत सिंह के सहयोगी यशपाल के सुपुत्र आनंद जी ने भगत सिंह और उनके साथियों के जीवन के उन पहलुओं को छुआ जिस से साबित होता है कि वे उस दौर के सर्वश्रेष्ठ इंसान थे जिन्हें आज का युवा निश्चय ही अपना आदर्श बना कर मानव मुक्ति का बिगुल बजा सकता है.

इस मौके पर बैंस ब्रदर्स ने जयमल पड्डा का गीत गा कर सभी को भावविभोर कर दिया.

गत 25 सालों से उत्तर अमेरिका में भगत सिंह शहीदी दिवस मनाने वाली इंडो कनेडियन वर्कर्स ऐसोसिएशन का बेहद सफल समारोह संपन्न हुआ. संस्था के संस्थापक कामरेड गुरबचन सिंह सूच की गत 7 जनवरी को मृत्यु होने के बाद आयोजकों और सहभागियों की उत्साहवर्धक भागीदारी ने इस बात को साबित कर दिया कि काफिला मुसलसल जारी रहेगा..

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