समझें सीरिया पर अमरीकी हमले के समर्थक उनका नंबर भी आने वाला है - हसन रुहानी

ईरान के राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने सीरिया पर अमरीका के हमले की निंदा करते हुए कहा है कि सीरिया पर अमरीकी हमले के क्षेत्रीय समर्थकों को समझना चाहिए कि उनका नंबर भी आने वाला है।...

नई दिल्ली,09 अप्रैल। ईरान के राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने सीरिया पर अमरीका के हमले की निंदा करते हुए कहा है कि सीरिया पर अमरीकी हमले के क्षेत्रीय समर्थकों को समझना चाहिए कि उनका नंबर भी आने वाला है।

ईरान के राष्ट्रीय परमाणु तकनीक दिवस के अवसर पर रविवार को कज़वीन और अलबुर्ज़ प्रांतों में राष्ट्रपति रूहानी की उपस्थिति में कुछ परमाणु उपलब्धियों का अनावरण किया गया। इनका अनावरण राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने वीडियो कांफ़्रेंसिंग के माध्यम से किया।

ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया में पाये जाने वाले दोहरे मापदंड और संकटग्रस्त दुनिया में अमरीका संयुक्त राष्ट्र संघ और सुरक्षा परिषद की अनुमति के बिना ही संवेदनशील मध्यपूर्व क्षेत्र के एक स्वतंत्र देश पर हमले का स्वयं को अधिकार दे देता है।

डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि क्षेत्र के कुछ देशों ने सीरिया पर हमले के लिए अमरीका को प्रेरित किया।

ईरान में 9 अप्रैल को राष्ट्रीय परमाणु तकनीक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

पारस टुडे की एक खबर के मुताबिक राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि परमाणु तकनीक ईरान के लिए एक ज़रूरत थी और इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने इस तकनीक के जारी रखने पर बल दिया है और उनका आग्रह सही और सत्यता पर आधारित है।

राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने कहा कि कूटनयिकों ने पूरी दुनिया में यह नारा फैला दिया कि परमाणु ऊर्जा हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है।

डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि पिछले एक साल के दौरान 42 परमाणु योजनाओं का क्रियान्वयन, क्रांतिकारी और जेहादी प्रबंधन का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक, क्रांतिकारी, जेहादी प्रबंधन से ईरानी जनता के जीवन के विभिन्न भागों में परमाणु ऊर्जा के प्रभाव देखने को मिले।

पारस टुडे की एक खबर के मुताबिक डॉक्टर हसन रूहानी ने कहा कि वर्ष 2003 में दुनिया के कुछ देशों ने विभिन्न बहानों से ईरान से परमाणु तकनीक छीनने प्रयास किया, कहा कि दुनिया की बड़ी शक्तियों के सामने डटने से उस वर्ष ईरान का परमाणु मामला निदेशक मंडल से सुरक्षा परिषद में ना जा सका और यह विषय, अमरीका के मुक़ाबले में ईरानी राष्ट्र की पहली विषय थी।

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