एनआरसी : कांग्रेस की सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग

एनआरसी : कांग्रेस की सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग

नई दिल्ली, 30 जुलाई। असम में जारी एनआरसी में 40 लाख लोगों के नाम गायब होने पर कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि आरएसएस समर्थित भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र व राज्य सरकारें धीरे-धीरे, लेकिन तेजी से उस ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर रह हैं जिस सामाजिक ताने-बाने पर भारत का गठन हुआ था।

कांग्रेस ने कहा है कि 'असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के अंतिम मसौदे के प्रकाशन से पैदा हुई स्थिति के बारे में ' राजनीतिक पार्टियों को अवगत कराने के लिए केंद्र सरकार को जल्द से जल्द एक सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए।

मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि यह मुद्दा एक राज्य के भीतर के साथ-साथ राज्यों के बीच का मुद्दा भी बन गया है और इसके बाह्य आयाम भी हो सकते हैं।

उन्होंने कहा,

"सरकार को स्थिति व इससे निपटने के लिए उठाए जाने वाले प्रस्तावित कदमों के बारे में सभी दलों को सूचित करने के लिए एक बैठक बुलानी चाहिए।"

आनंद शर्मा ने कहा कि इस मुद्दे के निहितार्थ सिर्फ असम के लिए नहीं हैं, बल्कि पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, ओडिशा व मेघालय राज्यों के लिए भी हैं।

सवाल उठता है सरकार की विश्वसनीयता पर

उन्होंने कहा कि जिस तरीके से एनआरसी का कार्य किया गया, उससे सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है।

श्री शर्मा ने कहा,

"जैसा कि हमें बताया गया है कि मूल निवासी प्रभावित हुए हैं, चाय बागान के श्रमिक प्रभावित हुए हैं। सरकार ने 16 दस्तावेजों की सूची दी है और इनमें से एक भी पर्याप्त है। हमें सूचित किया गया है कि बहुत बड़ी संख्या में लोगों के पास कई दस्तावेज थे।"

आनंद शर्मा ने कहा कि मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए और इसका हल असम समझौते के दायरे में पाया जा सकता है।

असम समझौते पर 1985 में केंद्र व असम सरकारों के बीच व दूसरी तरफ ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) व अब निष्क्रय हो चुके ऑल असम गण संग्राम परिषद (एएजीएसपी) के बीच तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए थे।

गृहमंत्री ने स्वीकार किया एनआरसी तैयार करने में कमियां थीं

शर्मा ने दावा किया कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में अपनी टिप्पणी में कबूल किया कि एनआरसी को तैयार करने में कुछ कमियां थीं।

बता दें राजनाथ सिंह ने कहा है कि सोमवार को प्रकाशित हुआ एनआरसी का अंतिम मसौदा, अंतिम सूची नहीं है उन्होंने विपक्षी दलों से इसका राजनीतिकरण नहीं करने का आग्रह किया है।

<blockquote class="twitter-tweet" data-lang="en"><p lang="en" dir="ltr">Families should not be separated until the <a href="https://twitter.com/hashtag/NRCAssam?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#NRCAssam</a> matter is resolved: <a href="https://twitter.com/AnandSharmaINC?ref_src=twsrc%5Etfw">@AnandSharmaINC</a> Watch the highlights of the press conference. <a href="https://t.co/F1i2koSPmA">pic.twitter.com/F1i2koSPmA</a></p>&mdash; Congress (@INCIndia) <a href="https://twitter.com/INCIndia/status/1023943799255396353?ref_src=twsrc%5Etfw">July 30, 2018</a></blockquote>

<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>

<blockquote class="twitter-tweet" data-lang="en"><p lang="en" dir="ltr">The BJP-led and RSS-backed regimes at the centre and states are slowly, but steadily, tearing apart the social fabric that India was formed on. <a href="https://t.co/MXOoozhP0E">https://t.co/MXOoozhP0E</a></p>&mdash; Congress (@INCIndia) <a href="https://twitter.com/INCIndia/status/1023931226971938816?ref_src=twsrc%5Etfw">July 30, 2018</a></blockquote>

<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: