अरे मोदी जी, ये “जयापुर” में मरने वाले 5 लोग कौन थे ?

नई दिल्ली। कथित राम मंदिर आंदोलन के दौरान अयोध्या में गोलीकांड के बाद भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगते रहे थे कि उसने कथित मृतकों के फर्जी अस्थि कलश सारे देश में घुमाए। लेकिन अब तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तो कमाल ही कर दिया। वाराणसी में अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि “जब मैं यहां अपने चुनावी नामांकन के लिए आया था तभी उसी दिन मैंने सुना था कि इस गांव में हाईटेंशन तार गिरने से में 5 लोगों की मौत हो गई है जिसके कारण तभी मैंने सोचा था कि इस गांव के लोगों की मदद करनी चाहिए और मैंने तभी प्रण कर लिया था कि इस गांव को गोद लूंगा।”
लेकिन बताया जा रहा है कि जयापुर में हाईटेंशन तार गिरने से आधा दर्जन लोग झुलसे तो थे लेकिन कोई मृत्यु नहीं हुई थी।
वाराणसी से इंदु शेखर सिंह ने दूरभाष पर बताया कि जयापुर में हाईटेंशन तार गिरने से आधा दर्जन लोग झुलसे थे लेकिन कोई मृत्यु नहीं हुई थी।
इंटरनेट पर भी गूगल में सर्च करने पर आपको कहीं इस घटना में किसी मृत्यु की खबर देखने को नहीं मिलेगी। इस घटना के बाद मोदी ने स्वयं जयापुर के ग्राम प्रधान को फोन करके घटना की जानकारी ली थी- यह खबर इन लिंक पर देखें-
मोदी ने वाराणसी के एक ग्राम प्रधान से की बात , पढ़िए पूरी न्यूज़ !
नमस्कार, कैसे हैं, मैं नरेंद्र मोदी बोल रहा हूं।
दैनिक भास्कर की 5 नवंबर 2014 की खबर भी बताती है कि 3 लोग इस घटना में  घायल हुए थे-

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“खबर कहती है- जयापुर वही गांव है जहां 13 अप्रैल 2014 को हाइटेंशन तार गिरने से हड़कंप मच गया था। इसमें कई लोग घायल हो गए थे। इसके बाद मोदी ने ट्वीट कर और गांव के प्रधान से बातचीत के बाद दुख जताया था। ”
फेसबुक पर भी “मोदी आने वाला है” नाम से एक प्रोफाइल है, उस पर भी तीन फोटो शेयर करते हुए 13 अप्रैल 2014 को लिखा गया है- “वाराणसी लोक सभा के जयापुर गाँव में हाईटेंशन तार गिरने से कई परिवार के लोग उसके चपेट में आगएं| उसके बाद मोदी जी ने कल रात गाँव के प्रधान से गाँव का हाल चाल जाना| और आज श्री नलिन कोहली जी ने उस गाँव का जायजा लिया और परिवार को हौसला बढ़ाया और अभी तक उत्तर प्रदेश शासन प्रशासन से अभी तक कोई नहीं पहुंचा”
यह एक गंभीर चूक है, जिस पर प्रधानमंत्री को स्पष्टीकरण देना चाहिए। यदि वास्तव में उस घटना में 5 लोगों की मृत्यु हुई थी तो क्या राज्य सरकार या केंद्र सरकार ने कोई मुआवजा दिया था, यदि दिया था तो उसकी सूची जारी की जाए और यदि नहीं दिया था तो मोदी सरकार अब तक क्या कर रही थी ?

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