विश्व हिंदी सम्मेलन की वेबसाइट पर #हिंदी की ऐसी दुर्दशा कि रोना आ जाए

मोदी ने चाय बेचते-बेचते हिंदी सीखी, ठीक किया पर सरकार की साइट पर हिंदी की चिंदी क्यों बिखेरी जा रही ? नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चाय बेचते-बेचते हिंदी सीखी ! तो बकौल केंद्र सरकार के मंत्री और भूतपूर्व जनरल वीके सिंह पहले विश्व हिंदी सम्मेलन में साहित्यकार शराबी होते थे, लेकिन खुद “हिंदी-हिंदू-हिंदुस्थान” …
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मोदी ने चाय बेचते-बेचते हिंदी सीखी, ठीक किया पर सरकार की साइट पर हिंदी की चिंदी क्यों बिखेरी जा रही ?

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चाय बेचते-बेचते हिंदी सीखी ! तो बकौल केंद्र सरकार के मंत्री और भूतपूर्व जनरल वीके सिंह पहले विश्व हिंदी सम्मेलन में साहित्यकार शराबी होते थे, लेकिन खुद “हिंदी-हिंदू-हिंदुस्थान” वाली सरकार की विश्व हिंदी सम्मेलन की वेबसाइट पर हिंदी की ऐसी दुर्दशा कि रोना आ जाए।

सरकार की वेबसाइट http://vishwahindisammelan.gov.in/  के मुख पृष्ठ पर ही लिखा गया- आइए, दसवें “विश्व हिंदी सम्मेलन में सम्मलित हों”।

सोशल मीडिया पर जब इसका मजाक उड़ा तो इसमें सुधार कर सम्मलित को सम्मिलित किया गया।

लेकिन सरकारी साइट पर अंदर भी तमाम गड़बड़ियां यह समाचार लिखे जाने तक मौजूद हैं जैसे मीडिया परामर्शी वाले पेज http://www.mea.gov.in/media-advisory.htm?dtl/25728/Media_Advisory_on_10th_World_Hindi_Conference पर, “पत्रकारों को ‘विश्वr’ हिंदी सम्मेलन में पंजीकरण के लिए ‘निम्नअलिखित’ प्रोफार्मा भर कर मंगाया गया है, जो अभी भी इस शब्दावली में मौजूद है – “आपसे अनुरोध है कि कृपया 10वें विश्वr हिंदी सम्मेेलन, भोपाल के लिए अपने पंजीकरण हेतु निम्नअलिखित प्रोफार्मा में सूचना प्रदान करें :”

मोदी ने चाय बेचते-बेचते हिंदी सीखी, ठीक किया पर करोड़ों रुपए फूंक कर आयोजित किए गए सम्मेलन की सरकारी साइट पर हिंदी की चिंदी क्यों बिखेरी जा रही है?

मीडिया परामर्शी वाले पेज http://www.mea.gov.in/media-advisory.htm?dtl/25728/Media_Advisory_on_10th_World_Hindi_Conference पर, “पत्रकारों को ‘विश्वr’ हिंदी सम्मेलन में पंजीकरण के लिए ‘निम्नअलिखित’ प्रोफार्मा भर कर मंगाया गया

 

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