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Monthly Archives: सितम्बर 2014

लोक की जड़ें जहां मजबूत नहीं, ऐसा साहित्य न कालजयी बन सकता है और न वैश्विक

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

कूपमंडुक आलोचक ही शैलेश मटियानी, रेणु और शानी को आंचलिक बताते हैं तो हार्डी, ताराशंकर, शोलोखोव, गोर्की, कामू या मार्क्वेज आंचलिक क्यों नहीं? ‘मटियानी‘ जी की जयंती 14 अक्टूबर को सभी साहित्यप्रेमी अपने-अपने क्षेत्र में परिचर्चा आयोजित करें …राकेश मटियानी की इच्छा पलाश विश्वास सबसे पहले साफ कर दिया जाये कि हम भाषाओं की दीवारें ढहा देने में यकीन करते …

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1857 की क्रांति पर महाकाव्‍यात्‍मक उपन्‍यास लिखा जाना अभी बाकी– प्रेम सिंह

Socialist thinker Dr. Prem Singh is the National President of the Socialist Party. He is an associate professor at Delhi University समाजवादी चिंतक डॉ. प्रेम सिंह सोशलिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। वे दिल्ली विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर हैं

प्रोफेसर जयदेव स्मृति व्याख्यान | Professor Jaydev Memorial Lecture नई दिल्ली (राजेश कुमार मिश्रा) 29 सितंबर 2014। “1857 की क्रांति का वक्त भारत में नवजागरण का वक्‍त भी है। लेकिन नवजागरणकालीन भारतीय चिंतकों ने अपने को 1857 (Revolution of 1857) से अलग रखा एक यह भी वजह थी कि लोगों के लाखों की संख्‍या में भागीदारी और शहादत के बाद …

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नौजवान भारत सभा का प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन

दिल्ली। 27 सितम्बर 2014. भगत सिंह के 107 वें जन्मदिवस के अवसर पर अम्बेडकर भवन में कल से शुरू तीन दिवसीय नौजवान भारत सभा के प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन आज देश-विदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किये गये एवं संगठन के केन्द्रीय परिषद, केन्द्रीय कार्यकारिणी एवं पदाधिकारियों का चुनाव किया गया। भगत सिंह जैसे महान …

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सुषमा जी, युद्धोन्माद मुक्ति के लिए हिमालय का आपको धन्यवाद

Sushma Swaraj Paying respect to the Father of the Nation

विडंबना यह कि भारत के प्रधानमंत्री तो जैसे अमेरिकी राष्ट्रपति बाराक ओबामा के चरण चिन्हों का अनुसरण कर रहे थे। मीडिया जो चाहता है, वे वही कहते हैं। पलाश विश्वास संदर्भ प्रसंग समवेत : India and China have resolved the stand off at the Ladakh border, External Affairs Minister Sushma Swaraj said on Thursday. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा …

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जय हो, जोहार हो… लड़ाई आरपार हो! असली त्योहार अब मेड इन इंडिया, किल-किल, खिल-खिल इंडिया मेरी जान

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

शाही गंगा शुद्ध अभियान बहुराष्ट्रीय पापमोचन में सारी खून की नदियां दूध घी की हो गयीं। राजस्थान में तो गणपति बप्पा ने दूध नहीं पिया अबकी दफा, लेकिन दूध की नदी बह निकली

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वाल्मीकि अब ब्राह्मण हुए जैसे नमोशूद्र ब्राह्मण हो गये

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

वाल्मीकि अब ब्राह्मण हुए जैसे नमोशूद्र ब्राह्मण हो गये, बाकी हजारों जातियों का ब्राह्मण बनाना अभी बाकी है। भारतीय मीडिया में अब वाल्मीकि विमर्श का समय है। संघी समरसता और डायवर्सिटी मिशन का यह ताजा अभिमुख है। धड़ाधड़ लेख छाप कर साबित करने की कोशिश की जा रही है कि हिंदू जाति वाल्मीकि की अस्पृष्यता और बहिष्कार का हश्र कर्मफल …

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मृत्यु हो चुकी है “कविता” की

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

नरभक्षियों के महाभोज का चरमोत्कर्ष है यह हम मानते हैं कि शास्त्रीयता, व्याकरण और सौंद्रयशास्त्र कला साहित्य और संगीत के निर्णायक प्रतिमान हो नहीं सकते, जब तक कि संबद्ध रचना कर्म के लिए शिल्पी  समाज वास्तव, लोक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत, इतिहास बोध और वैज्ञानिक दृष्टि की बाधा दौड़ को पार न कर चुका हो। आपको याद दिलाने के लिए फिर …

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कुर्सी बड़ी ख़राब चीज़ है, मोदीजी की ग़लती थोड़ी ना हैं !!

Digvijaya Singh

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव (Congress General Secretary) दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से सवाल किया है कि क्या उन्हें काले धन (black money) के बारे में किया वादा याद है ? श्री सिंह ने ट्वीट किया कि कुर्सी बड़ी ख़राब चीज़ है, मोदीजी (Modiji) की ग़लती थोड़ी ना हैं !! दरअसल समस्या कुर्सी और कीबोर्ड …

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भारत एक पुरानी हवेली की तरह है जिसमें सौ तरह की दिक्कतें होती है- लवीन कौर गिल

Literature news साहित्य

मुलाक़ात : कवयित्री, सामाजिक कार्यकर्त्ता लवीन कौर गिल- कनाडा सामाजिक कार्यकर्त्ता लवीन कौर गिल (ਲਵੀਨ ਕੌਰ ਗਿਲ – ਕੈਨੇਡਾ) से  जिस टिम हार्टन रेस्तरां में मुलाकात तय हुई थी, मैं वहाँ पहुँचने में २-३ मिनट लेट था। गाड़ी पार्क करते हुए देखा मेरे बराबर में लाल रंग की चमचमाती वोक्स वेगन पोलो आकर खडी हुई। टेंटेड शीशों को कुरेदते हुए …

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नवाज शरीफ की ‘मैंगो डिप्लोमेसी’, मोदी को भेजे चौसा और सिंधरी आम

nawaz sharif narendra modi

नई दिल्ली September 5, 2014। अंदरूनी राजनीति (internal politics) में मुश्किलात में फंसे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत-पाकिस्तान के बीच चल रही कड़वाहट को दूर करने के लिए अब “मैंगो डिप्लोमेसी” का सहारा लिया है। इसके तहत पाक पीएम ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चौसा और सिंधरी आम भेज कर दोनों देशों के बीच दोस्ती कायम …

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