Daily Archives: अक्टूबर 9, 2014

जाति और धर्म की राजनीति विरासत में मिली है लोहिया के उत्तराधिकारियों को

opinion, debate

लोहिया, आंबेडकर और गाँधी (भाग-3) (यह आलेख रोशन प्रेमयोगी के उपन्यास ‘आजादी : टूटी फूटी’ की समीक्षा नहीं हैं, पर उसके बहाने लोहिया के समाजवाद की आलोचना है।)  उपन्यास में जो लोहिया आंबेडकर-गाँधी विवाद को देश तथा समाज की लड़ाई न मानकर दो नेताओं का अन्तर्द्वन्द्व और हितों का टकराव मान रहे थे, वे दलितों की लड़ाई में विरोधी के …

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लोहिया का समाजवाद और ‘आज़ादी टूटी-फूटी’

opinion debate

लोहिया, आंबेडकर और गाँधी | Lohia, Ambedkar and Gandhi (यह आलेख रोशन प्रेमयोगी के उपन्यास ‘आजादी: टूटी फूटी’ की समीक्षा नहीं हैं, पर उसके बहाने लोहिया के समाजवाद की आलोचना है।) अगर मैं 25 सितम्बर को लखनऊ पुस्तक मेले में नहीं जाता और वहाँ भी अपने पत्रकार-उपन्यासकार मित्र रोशन प्रेमयोगी से भेंट न होती, तो मैं उनके नये उपन्यास ‘आज़ादी …

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