The Lie Lama जी पीएम पद प्लेट में रखा केक था क्या ! जिन्ना को बना देते या पटेल को बना देते !

The Lie Lama जी पीएम पद प्लेट में रखा केक था क्या ! जिन्ना को बना देते या पटेल को बना देते !

मधुवन दत्त चतुर्वेदी

प्लेट में रखा केक था क्या ! जिन्ना को बना देते या पटेल को बना देते तो विभाजन न होता जैसी बातें संघ के दुष्प्रचार का हिस्सा हैं और कल गोवा में दलाई लामा का बयान भी ऐसी बचकानी सोच का नतीजा है। भारत विभाजन के जटिल और त्रासद घटनाक्रम को इतने सरल सूत्रों से समझा ही नहीं जा सकता।

सतह पर संघ और मुस्लिम लीग ने मिलकर द्विराष्ट्रवाद के समर्थन में घृणा और हिंसा का सैलाव पैदा कर दिया था। जिन्ना को पीएम बनाने का कोई औपचारिक प्रस्ताव मुस्लिम लीग या कांग्रेस का नहीं था, इस पर तीनों पक्षों में कोई चर्चा नहीं।

जिन्ना को पीएम बनाने की बात से गृहयुद्ध हो जाता। संघ, हिन्दू महासभा और कांग्रेस के लोग भी किसी कीमत पर इसे मंजूर नहीं करते और खुद जिन्ना यदि इसपर राजी हो भी जाते तो मुस्लिम लीग को पाकिस्तान से कम कुछ भी मंजूर नहीं था। 

दलाई लामा ने कल के बयान से भारत की सेक्युलर बुनियाद के शिल्पी पर शरारती चोट की है और बिना संदर्भ यह टिप्पणी की है। जिन्ना या पटेल नीत भारत में दलाई लामा को कोई जगह न होती।

दलाई लामा ने सिर्फ संघ के नेहरू विरोधी दुष्प्रचार को हवा दी है जो नितांत मिथ्या है, मिथक है और शाखाई ज्ञान का विस्तार है।

माफी मांगें दलाई लामा

दलाई लामा माफी मांगें और बयान बापस लें। उन्होंने झूठ बोला है। शरणार्थी हैं वे, नागरिक नहीं। शरणार्थी की मर्यादा का उल्लंघन किया है उन्होंने। उन्होंने खुद को जानबूझ कर मोदी के लिए इस्तेमाल किया है। अगर नहीं तो घोर अज्ञानी होने का परिचय दिया है। दोनों स्थितियों में उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

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