जगदीश्वर चतुर्वेदी

जगदीश्वर चतुर्वेदी। लेखक कोलकाता विश्वविद्यालय के अवकाशप्राप्त प्रोफेसर व जवाहर लाल नेहरूविश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष हैं। वे हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार हैं।

जनता के राम, जनता के हवाले : विहिप ने ने मंदिर निर्माण के नाम पर करोड़ों का जो चंदा वसूला है उसे वह तुरंत भारत सरकार के खजाने में जमा कराए

Jagadishwar Chaturvedi at Barabanki

जनता के राम, जनता के हवाले : विहिप ने ने मंदिर निर्माण के नाम पर करोड़ों का जो चंदा वसूला है उसे वह तुरंत भारत सरकार के खजाने में जमा कराए It becomes the responsibility of the central government that no VHP person be placed in the trust अब राममंदिर केन्द्र सरकार निर्मित ट्रस्ट बनाएगा। मंदिर की जगह भी कोर्ट …

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संघ के लोग तो अनपढ़ता के मास्टर हैं, उनके जमाने में शिक्षा का ढांचा टूटना है, जेएनयू उदाहरण है

JNU photo tweeted bu Umar Khalid

संघ के लोग तो अनपढ़ता के मास्टर हैं, उनके जमाने में शिक्षा का ढांचा टूटना है, जेएनयू उदाहरण है RSS’s future agenda of education is nationalism, spiritualism, Indianism, Hinduism and illiteracy. आरएसएस का शिक्षा का भावी एजेण्डा है राष्ट्रवाद, अध्यात्मवाद, भारतीयता, हिन्दुत्व और अनपढ़ता। उसके बाद सारा देश मूल्यभक्ति से सराबोर हो जाएगा!! मीडिया इस मूसलाधार मूल्य वर्षा में जेएनयू …

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मोदीजी इंदिरा जी कुर्बानी को छिपा नहीं सकते, श्री मती गांधी की कुर्बानी तो देश की फिक्स्ड डिपोजिट है

Indira Gandhi

मोदीजी इंदिरा जी कुर्बानी को छिपा नहीं सकते, श्री मती गांधी की कुर्बानी तो देश की फिक्स्ड डिपोजिट है Modiji cannot hide Indira ji sacrifice कल्पना कीजिए आज के ही दिन श्रीमती इंदिरा गांधी की हत्या (Assassination of indira gandhi) के बजाय किसी आरएसएस सदस्य पीएम की हत्या हुई होती तो क्या आज मोदी सरकार पटेल पटेल जप रही होती …

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जब मोदी-आरएसएस से देश को खतरा नहीं है तो ओवैसी से कैसे खतरा हो सकता है!

Jagadishwar Chaturvedi on Haryana elections

जब मोदी-आरएसएस से देश को खतरा नहीं है तो ओवैसी से कैसे खतरा हो सकता है! नरेंद्र मोदी अकेले पीएम हैं जिन्होंने जनादेश को धनादेश के जरिए बार बार पलटा है। धनादेश और शासकीय आतंक से दो अस्त्र हैं उनके पास, इनके जरिए वे रोज लोकतंत्र की जड़ों में मट्ठा डाल रहे हैं। मोदी शासन में जिस तरह गुलाम भाषा, …

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गीता, आरएसएस और नेहरू : क्या संघ परिवार आज किसी संकट से गुजर रहा है ?

Geeta RSS and Nehru Is the Sangh Parivar going through a crisis today

भाजपा-आरएसएस के सत्ता में आने के बाद श्रीमद्भगवद्गीता (Shrimad Bhagavad Gita) को लेकर देश में अचानक बहस हो रही है और इस बहस को पैदा करने में संघ समर्थित संतों-महंतों और-मीडिया की बड़ी भूमिका है। इवेंट बनेगा तो मीडिया हो-हल्ला होगा! इवेंट बनाना मासकल्चर का अंग है जबकि गीता संस्कृति का अंग है। गीता जयन्ती (Geeta Jayanti) के मौके पर …

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देश को कश्मीर बनाओ !!

Amit Shah Narendtra Modi

पीएम मोदी और आरएसएस (PM Modi and RSS) को मिलकर देश के सभी विपक्षी नेताओं, कार्यकर्ताओं को हमेशा के लिए जेल में डाल देना चाहिए!! ये सभी लोग बेहद घटिया, लुटेरे, भ्रष्ट आदि हैं!! भ्रष्ट लोगों की जगह जेल है। देश को इस समय पीएम मोदी और आरएसएस की सख्त जरूरत है। घट-घट से उठी आवाज विपक्ष को मारो हजार …

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भारत ने युद्ध नहीं बुद्ध दिए, पर मोदी के तो आदर्श ट्रम्प हैं बुद्ध नहीं

Modi in UNGA

ट्रंप का जो व्यक्ति प्रचार करे वह बुद्ध का कभी अनुयायी नहीं हो सकता पीएम मोदी ने अपने साढ़े पांच साल के कार्यकाल में भारतीय उपमहाद्वीप में शांति स्थापना के लिए कोई पहल नहीं की, उलटे पहले के शांतिप्रिय माहौल को पाकिस्तान के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए खराब किया है। यह वे शांति के पक्षधर कभी नहीं रहे, उन्होंने हमेशा …

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ह्यूस्टन में मोदी के पाखंड – 50 दिन में कश्मीर जाकर कश्मीरियों से मिलने के लिए समय निकाल नहीं पाए

Trump got 16 percent

पीएम अब तक 50 दिन में कश्मीर जाकर कश्मीरियों से मिलने के लिए समय निकाल नहीं पाए, लेकिन अमेरिका में कश्मीरी पंडितों से मिलने का उनको समय मिल गया ! सवाल यह है कश्मीरी कहां रहते हैं ? कश्मीर में या अमेरिका में ? 370 हटाने के बहाने जुल्म कश्मीर में हो रहा है या अमेरिका में ! पीएम ! …

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मैं तो हिन्दी के बिना जी नहीं सकता, पर सरकार को जलसे की जरूरत क्यों है ॽ

Jagadishwar Chaturvedi

आज 14 सितम्बर है। सारे देश में केन्द्र सरकार के दफ्तरों में हिन्दी दिवस का दिन है। सरकार की आदत है वह कोई काम जलसे के बिना नहीं करती। सरकार की नजर प्रचार पर होती है वह जितना हिन्दी भाषा में काम करती है, उससे ज्यादा ढोल पीटती है। सरकार को भाषा से कम प्रचार से ज्यादा प्रेम है, हम …

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वर्चुअल हिंदू राष्ट्रवाद : संकटग्रस्त लोकतंत्र नहीं है, यह आमलोगों एवं शिक्षितों की चेतना का संकट है

Jagadishwar Chaturvedi

वर्चुअल हिन्दू राष्ट्रवाद (Virtual Hindu nationalism) फुसलाता कम है लेकिन अनुकरण करने पर ज्यादा जोर देता है। इसकी मूल विशेषता (Basic feature of virtual Hindu nationalism) है बहलाना-फुसलाना-बरगलाना। वर्चुअल हिंदू राष्ट्रवाद की एक चौकी फेसबुक और सोशल मीडिया भी है। यहां पर आपको आसानी से इनके राष्ट्रवादी अंधभक्त मिल जाएंगे। हम सब लोकतंत्र में मगन हैं और इस भ्रम में …

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अपयश के शिकार पीएम मोदी ! भगवान मोदी से इस कदर नाराज क्यों हैं ?

Narendra Modi An important message to the nation

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अभागे नेताओं में से एक हैं। वे जिस लक्ष्य को हासिल करना चाहते हैं, भगवान की कृपा से ठीक उलटा होना शुरू हो जाता है। उन्होंने दावे किए दो करोड़ लोगों को सालाना रोजगार देने के (Claims of providing employment to 20 million people annually), लेकिन उलटा हो गया, दो करोड़ से अधिक लोगों के रोजगार छिन …

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जेलों को पुस्तकालय में बदलने वाला मौन समाज सुधारक हरिवंश चतुर्वेदी

Harivansh Chaturvedi Director BIMTECH

नई दिल्ली, 01 सितंबर। कल मित्र हरिवंश चतुर्वेदी के सम्मान में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में सम्मिलित होने का मौका मिला। यह कार्य हेबीटेट सेंटर, नई दिल्ली (Habitat Center, New Delhi) में बिमटेक ग्लोबल एलुमनी (Bimtech Global Alumni), आगरा विश्वविद्यालय एलुमनी (Agra University Alumni) आदि कई संस्थाओं ने मिलकर आयोजित किया था। इस अवसर पर उनके मथुरा-आगरा अनेक मित्र भी …

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मोदी को बधाई हो ! ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री बंदी के कगार पर, अर्थव्यवस्था चौपट

Narendra Modi An important message to the nation

पीएम मोदी की कृपा से राम युग में (कारखाने बंद) लौट रहा है भारत ! अभी कारखाने बंद हो रहे हैं! ऑटोमोबाइल बंदी के कगार पर है। मनमोहन सिंह रामयुग में नहीं जाने दिए और 2007-08 में रामयुग में जाते-जाते देश को धकेल दिया, पीएम मोदी को बधाई हो ! इसी तरह काम करें सभी कल कारखाने बंद करा दें! …

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डरना किसी से भी नहीं, गुरू से भी नहीं, मंत्र से भी नहीं, लोक से भी नहीं वेद से भी नहीं – आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी

Acharya Hazari Prasad Dwivedi

आज आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी (Acharya Hazari Prasad Dwivedi) का जन्मदिन है- काशी की संस्कृति – विद्वत्ता और कुटिल दबंगई विश्वनाथ त्रिपाठी ने ‘व्योमकेश दरवेश’ में काशी के बारे में लिखा है – “काशी में विद्वत्ता और कुटिल दबंगई का अद्भुत मेल दिखलाई पड़ता है। कुटिलता, कूटनीति, ओछापन, स्वार्थ- आदि का समावेश विद्बता में हो जाता है। काशी में प्रतिभा के …

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कविता और राजनीति का अपने साहित्य में विलक्षण संबंध स्थापित किया खूब लड़ी मर्दानी वाली सुभद्रा कुमारी चौहान ने

Jagadishwar Chaturvedi

आज है खूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी, की सुभद्रा कुमारी चौहान का जन्मदिन हिन्दी आलोचकों में मुक्तिबोध के अलावा किसी बड़े समीक्षक ने सुभद्राकुमारी चौहान पर कलम चलाने की जहमत नहीं उठायी, जबकि वे स्वाधीनता संग्राम में महिलाओं और दलितों को संगठित करने में महात्मा गांधी के साथ अग्रणी कतारों में रहीं। प्रसिद्ध हिन्दी कवि गजानन …

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मोदी जी ने सही कहा वे समस्याएं न टालते हैं, न पालते हैं, बल्कि समस्याओं को देश पर लादते हैं

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the Nation on the occasion of 73rd Independence Day from the ramparts of Red Fort, in Delhi on August 15, 2019

मोदी जी ने सही कहा वे समस्याएं न टालते हैं, न पालते हैं, बल्कि समस्याओं को देश पर लादते हैं। समस्याओं से वे देश को जोड़कर नहीं देखते, वे तो बस बहुसंख्यकवाद की विजय देखते हैं। लाल किला और मोदी की भाषण शैली Red Fort and Modi’s speech style लाल क़िले की प्राचीर से आज मोदीजी का भाषण (Modiji’s speech …

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बहुसंख्यकवादी शूरवीरता का कश्मीरी आख्यान :  मोदी महाशूरवीर, अमित शाह उनसे भी बड़े शूरवीर

Amit Shah Narendtra Modi

मैं जब कश्मीर (Kashmir) गया तो वहां एकदम शान्ति थी। इस शान्ति को देखकर ही मैंने जाने का मन बनाया, लेकिन मन में यह समझ काम कर रही थी कि मोदी सरकार कश्मीर को शांत नहीं रहने देगी। मोदी सरकार की आदत है शांति को अशांति में तब्दील करो, सामान्य स्थिति को अ-सामान्य स्थिति में रूपान्तरित करो। इस बुनियादी समझ …

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योग इवेंट हर बार करोड़ों रूपये कारपोरेट घरानों के पॉकेट में पहुँचा देता है

Jagadishwar Chaturvedi

21 जून अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस, June 21 International Yoga Day नए भारत में योग, राजनीतिक हथियार है, सत्ता की राजनीति का अंग है। भारत के प्राचीन-मध्यकालीन इतिहास में योग कभी सत्ता का औजार नहीं बना, सत्ता के प्रचार और साम्प्रदायिक प्रचार का उपकरण कभी नहीं बना। ज्ञान से उपभोग में योग का रूपान्तरण- मैं योग दिवस (June 21 International Yoga …

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दुनिया में भारत की असभ्य इमेज बनाने वाले तत्व हैं हिंदुत्व – आरएसएस का प्रचार और कारपोरेट मीडिया

Jagadishwar Chaturvedi

नया भारत और नई चुनौतियां (New India and New Challenges) जो लोग इतनी तबाही के बाद भी मोदी-मोदी के नशे में चूर हैं, उनके लिए हम तो यही कहना चाहेंगे कि अपनी अक्ल पर विश्वास करो, आंखें खोलकर सामने बाजार-बैंक-खेत-खलिहान में मच रही तबाही देखो। मोदी के आने के बाद सरकारी बैंकों को प्रतिदिन करोडों रूपये का नुकसान उठाना पड़ …

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बंगाल में पापुलिज्म की भिड़न्त : पांच सांसदों वाले वाम की पांच ऐतिहासिक भूलें

Jagadishwar Chaturvedi

वामदलों को सन् 2019 के लोकसभा चुनाव (Parliamentary elections of 2019) में अब तक की सबसे बुरी पराजय का सामना करना पड़ा है। सन् 2014 में वामदलों के 10 सांसद चुनकर आए थे, लेकिन 2019 में मात्र पांच सांसद चुनाव जीतकर आए हैं। उल्लेखनीय है कि सन् 2004 में वामदलों के 59 सांसद चुने गए थे। सन् 2009 में 24 …

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आपको मौत का डर सता रहा है, हरेक तानाशाह इसी तरह डर डरकर प्रतिक्षण मरता है

Narendra Modi new look

आपको मृत्यु का भय सता रहा है, हरेक तानाशाह इसी तरह डर डरकर प्रतिक्षण मरता है मौत का डर और अवसाद (Fear and Depression of Death) – कांग्रेस (Congress) ने आजतक किसी संघी नेता की हत्या नहीं कराई, मोदी जी आपकी कांग्रेस हत्या क्यों कराएगी? आपको अपनी मृत्यु का भय (Fear of death) सता रहा है और यह स्वाभाविक है, …

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मोदी के जनाधार के चरित्र को जानें

Narendra Modi An important message to the nation

मोदी के जनाधार के चरित्र को जानें मध्यवर्ग की खूबी (Merit of middle class) है इसमें अधिकांश लोग विवेक से कम और मीडिया माहौल से ज्यादा संचालित होते हैं। अधिकांश मध्यवर्गीय लोग ‘अ-राजनीति‘ में राजनीति (Politics in ‘non-politics’) में विश्वास करते हैं। इन लोगों की बदनाम राजनीतिक किस्सों में दिलचस्पी होती है लेकिन नीतियों पर बात करने से ये लोग …

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अस्मिता, अंबेडकर और रामविलास शर्मा

Jagadishwar Chaturvedi

रामविलास शर्मा (Ram Vilas Sharma) के लेखन में अस्मिता विमर्श को मार्क्सवादी नजरिए (Marxist Attitudes) से देखा गया है। वे वर्गीय नजरिए से जाति प्रथा (caste system) पर विचार करते हैं। आमतौर पर अस्मिता साहित्य पर जब भी बात होती है तो उस पर हमें बार-बार बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के विचारों (Views of Babasaheb Bhimrao Ambedkar) का स्मरण आता है। …

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जानिए वे कन्हैया कुमार से नफ़रत क्यों करते हैं ?

Kanhaiya Kumar

वे कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) से नफरत क्यों करते हैं ? यह सवाल हमें बार-बार पूछना चाहिए। जितनी बार इस सवाल पर सोचेंगे नए कारण हाथ लगेंगे। कन्हैया कुमार ने कोई अपराध नहीं किया, फिर भी उसे घृणा का पात्र (character of hatred) बनाकर वे प्रचार कर रहे हैं। घृणा में जीने वाले कभी देशभक्त नहीं हो सकते। हिन्दू भी …

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राष्ट्रवादी नंगई के प्रतिवाद में-अर्णव गोस्वमी तो बेचारा संघ का भोंपू है #SurgicalStrike

Jagadishwar Chaturvedi

मोदी के अंधभक्तों ने फेसबुक से लेकर टीवी चैनलों  तक जो राष्ट्रवादी नंगई दिखाई है, वह शर्मनाक है। ये सारी चीजें हम सबके लिए बार-बार आगाह कर रही हैं कि देश को हमारी जनता ने कितने खतरनाक लोगों के हाथों में सौंप दिया है। इससे एक निष्कर्ष यह भी निकलता है कि टीवी न्यूज चैनल समाचार देने के लक्ष्य से …

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घटिया राजनीति : भारत के इतिहास में सैनिकों की अर्थियां दिखाकर किसी पीएम ने वोट नहीं मांगे

Sikar: Prime Minister and BJP leader Narendra Modi addresses during a public meeting in Rajasthan's Sikar, on Dec 4, 2018. (Photo: IANS)

भारत के इतिहास में सैनिकों की अर्थियां (Corpses of soldiers) दिखाकर किसी पीएम ने वोट नहीं मांगे। हद है घटिया राजनीति (Shoddy politics) की। अब तक अधिकतम सैनिकों को आतंकियों ने मारा है, सत्तर साल में यह पहली बार हुआ है। यह मोदी की गलत नीतियों का परिणाम (Results of Modi’s wrong policies) है। भारत की जनता को शांति चाहिए। …

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बीसवीं सदी में फ़ैज़ जैसा कवि भारतीय उपमहाद्वीप में नहीं हुआ

Faiz Ahmad Faiz

बीसवीं सदी में फ़ैज़ जैसा कवि भारतीय उपमहाद्वीप में नहीं हुआ गुलामी से मुक्ति का महाकवि फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की पुण्यतिथि पर विशेष जगदीश्वर चतुर्वेदी फ़ैज उन तमाम लेखकों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं जो समाज को बदलना चाहते हैं,  अमेरिकी साम्राज्यवाद की सांस्कृतिक-आर्थिक गुलामी और विश्व में वर्चस्व स्थापित करने की मुहिम का विरोध करना …

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क्या मोदी के करप्शन से ध्यान हटाओ अभियान में मदद कर रहे हैं वाम दल ?

Jagadishwar Chaturvedi

क्या मोदी के करप्शन से ध्यान हटाओ अभियान में मदद कर रहे हैं वाम दल ? माकपा-भाकपा वालो किसान-किसान छोडो, किसान पर बातें करने से मोदी सरकार की चूलें नहीं हिलने वालीं। मोदी सरकार की चूलें हिलानी हैं तो रफायल करप्शन के सवाल पर सड़कें जाम करो। हर गली मुहल्ले में मीटिंग करो। रफायल घोटाला तो बोफोर्स घोटाले का परदादा …

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एक हाथ में तिरंगा और दूसरे में हिन्दुत्व ये दो चीजें नहीं चल सकतीं

Jagadishwar Chaturvedi

एक हाथ में तिरंगा और दूसरे में हिन्दुत्व ये दो चीजें नहीं चल सकतीं पन्द्रह अगस्त और आरएसएस जगदीश्वर चतुर्वेदी 15 अगस्त आ रहा है तो खुद लिखो कि आपके शहर में 70 साल में क्या नया बना है और बिगड़ा है। शेयर करने की आदत से बाहर निकलो, स्वयं बोलना सीखो, लिखना सीखो, फेसबुक की शक्ति को अपनी ताकत …

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तीन तलाक और भगवा मंशाएं… संघी कानून से पीड़ित मुस्लिम औरतों का तलाक नहीं रुकेगा

Jagadishwar Chaturvedi

जगदीश्वर चतुर्वेदी कल जितना टीवी से जान पाया वह यह कि तीन तलाक़ रोकने वाले संघी कानून से पीड़ित मुस्लिम औरतों का तलाक नहीं रुकेगा। यानी जब एक बार किसी ने तीन तलाक़ दे दिया तो उस पर अपराध का मुकदमा चलेगा, शादी इससे नहीं बचेगी। साथ ही मुस्लिम महिलाओं की असुरक्षा और असहाय अवस्था में इजाफा होगा, क्योंकि इस …

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मी लॉर्ड हिन्दुओं के तलाक के मुक़दमों को जल्द खत्म कराने के लिए पहल कब ?

Triple Talaq ट्रिपल तलाक तीन तलाक

  जगदीश्वर चतुर्वेदी इंस्टैंट तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। बड़ा दिलचस्प होगा अब मुसलिम महिलाओं के तलाक के सवाल पर मुसलिम विरोधी संगठन कानून बनाएँगे। सुप्रीम कोर्ट भी गजब करता है ऐसी सरकार से कानून बनाने के लिए कहा गया है जिसके पास पर्यटन करने और चुनाव लड़ने के अलावा कोई और काम करने की क्षमता …

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प्रेमचंद और भाषा समस्या

Munshi Premchand

एक है मीडिया की भाषा और दूसरी जनता की भाषा, मीडिया की भाषा और जनता की भाषा के संप्रेषण को एकमेक करने से बचना चाहिए। प्रेमचंद ने भाषा के प्रसंग में एक बहुत ही रोचक उपमा देकर भाषा को समझाने की कोशिश की है। उन्होंने लिखा है ´यदि कोई बंगाली तोता पालता है तो उसकी राष्ट्रभाषा बँगला होती है। उसी …

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मोदी का विकास मॉडल वस्तुतः विकास विरोधी, सामाजिक विभाजनकारी और संवैधानिक संस्थान विरोधी मॉडल है

Sikar: Prime Minister and BJP leader Narendra Modi addresses during a public meeting in Rajasthan's Sikar, on Dec 4, 2018. (Photo: IANS)

बिहार विधानसभा चुनाव का मिथभंजन और यथार्थ Myths and realities of Bihar assembly elections नरेन्द्र मोदी के विकास मॉडल से भिन्न बिहार की विकास दर निश्चित तौर पर आकर्षित करने वाली है बिहार विधानसभा चुनाव के परिणामों (Results of Bihar assembly elections) ने सबको मुसीबत में डाल दिया है। इस बार के चुनाव परिणाम जो कुछ कह रहे हैं, वह सतह …

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इक़बाल की शायरी में धर्मनिरपेक्षता और साम्प्रदायिकता के गहरे अंतर्विरोध

Just in, Breaking News.

अल्लामा इक़बाल की शायरी में धर्मनिरपेक्षता और साम्प्रदायिकता के गहरे अंतर्विरोध The deep contradiction of secularism and communalism in the poetry of Allama Iqbal अल्लामा इक़बाल (Allama Iqbal) उर्दू के प्रमुख शायरों में से एक हैं। उनकी शायरी में धर्मनिरपेक्षता और साम्प्रदायिकता के गहरे अंतर्विरोध मिलते हैं। ये अंतर्विरोध इस बात का संकेत है कि एक लेखक के अंदर में वैचारिक …

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इति‍हास का आधार प्रेमचंद क्‍यों नहीं

Munshi Premchand

आज उपन्यासकार प्रेमचंद का जन्मदिन है । प्रेमचंद जयंती पर विशेष Today is the birthday of novelist Premchand. Special on Premchand Jayanti हिन्दी साहित्य के दो महत्वपूर्ण इतिहास ग्रंथ रामचन्द्र शुक्ल का ‘हिन्दी साहित्य का इतिहास’ और आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी लिखित ‘हिन्दी साहित्य की भूमिका’ का प्रकाशन एक दशक के दौरान होता है, यह दशक प्रेमचंद के साहित्य का चरमोत्कर्ष भी …

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हम साहि‍त्‍य से प्‍यार करने लगे और धर्म से नफरत, इस प्रक्रि‍या में पहले हाथ से धर्म गया अब साहि‍त्‍य भी जा रहा

Jagadishwar Chaturvedi

हिंदी के बुद्धि‍जीवि‍यों में धर्म ‘इस्‍तेमाल करो और फेंको’ से ज्‍यादा महत्‍व नहीं रखता। अधि‍क से अधि‍क वे इसके साथ उपयोगि‍तावादी संबंध बनाते हैं। धर्म इस्‍तेमाल की चीज नहीं है। धर्म मनुष्‍यत्‍व की आत्‍मा है (Religion is the soul of humanity.)। मानवता का चरम है। जि‍स तरह मनुष्‍य के अधि‍कार हैं, लेखक के भी अधि‍कार हैं,वैसे ही धर्म के भी …

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हमारी विरासत- झारखंड की भूमि और किसानचेतना- स्वामी सहजानंद सरस्वती

Jagadishwar Chaturvedi

बिहार और छोटानागपुर सूबे का दक्षिणी हिस्सा (Southern part of Chhotanagpur provinces and Bihar) ही झारखंड (Jharkhand) कहा जाता है। यह पुराना नाम है। संस्कृत में वनखंड या वनषंड शब्द जंगली या पहाड़ी भूभाग के लिए बार-बार पुरानी पोथियों में आया है। आज भी चलती भाषा में झाड़ शब्द पेड़ों के ही मानी में आता है। ‘झार’ और ‘झाड़’ इन …

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