Imran Khan

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की इमरान खान को सलाह, वो तुम्हें भुट्टो बनाएं उससे पहले ईदी अमीन बन जाओ

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की इमरान खान को सलाह, वो तुम्हें भुट्टो बनाएं उससे पहले ईदी अमीन बन जाओ

नई दिल्ली, 02 नवंबर 2019. भारत के सर्वोच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश जस्टिस मार्कंडेय काटजू (Justice Markandey Katju, retired judge of the Supreme Court of India) ने पाकिस्तान में जारी राजनीतिक उठापटक पर व्यंग्य करते हुए पाक प्रधानमंत्री इमरान खान को सलाह दी है कि विरोधी उन्हें भुट्टो बनाएं उससे पहले ईदी अमीन बन जाना चाहिए

बता दें पाकिस्तान में जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) – Jamiat Ulama-e-Islam Pakistan  द्वारा निकाले जा रहे ‘आजादी मार्च’ के इस्लामाबाद पहुंचने पर शुक्रवार को शहर बीरान-सा नजर आया। यह आजादी मार्च जेयूआई-एफ प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान (Maulana Fazlur Rehman) के नेतृत्व में निकाला जा रहा है, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान की तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकना है।

पाकिस्तान के इसी आजादी मार्च पर टिप्पणी करते हुए जस्टिस काटजू ने अपने सत्यापित ट्विटर हैंडल पर लिखा,

“इमरान खान से विनम्र और ईमानदार अनुरोध  : जल्दी से एक ईदी अमीन, जनरल थियू या बतिस्ता करो, इससे पहले कि आप मुसोलिनी, अल्लेंदे या जेडए भुट्टो बन जाएं।“

बता दें इदी अमीन दादा ओमी (Idi Amin Dada Oumee) युगांडा का एक सैन्य अधिकारी था, जिसने 1971 से 1979 तक युगांडा के राष्ट्रपति के रूप में काम किया। लोकप्रिय रूप से “युगांडा के कसाई” के रूप में जाना जाता है, उन्हें अफ्रीकी इतिहास में सबसे क्रूर शासक में से एक माना जाता है। अमीन का जन्म या तो कोबोको या कंपाला में एक काकवा पिता और लुगबारा मां से हुआ था। बीबीसी की एक पुरानी खबर के मुताबिक युगांडा के पूर्व तानाशाह ईदी अमीन के समय में 80000 भारतीयों को देश निकाला दे दिया गया था।

जबकि Pakistani PM Zulfiqar Ali Bhutto ज़ुल्फ़िक़ार अली भुट्टो (जन्म: 5 जनवरी 1928 – मौत: 4 अप्रैल 1979) पाकिस्तान के प्रधान मन्त्री थे। वे 1973 से 1977 तक प्रधानमंत्री रहे और इससे पहले अय्यूब ख़ान के शासनकाल में विदेश मंत्री रहे थे। लेकिन अय्यूब ख़ान से मतभेद होने के कारण उन्होंने अपनी नई पार्टी (पीपीपी) 1967 में बनाई। 1962 के भारत-चीन युद्ध, 65 और 71 के पाकिस्तान युद्ध, तीनों के समय वे महत्वपूर्ण पदों पर आसीन थे। 1965 के युद्ध के बाद उन्होंने ही पाकिस्तानी परमाणु कार्यक्रम का ढाँचा तैयार किया था। पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो इन्ही की बेटी थी। पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के एक फ़ैसले पर उन्हें 1979 में फ़ाँसी पर लटका दिया गया था जिसमें सैन्य शासक ज़िया उल हक़ का हाथ समझा जाता है।

 

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