Gajendra Singh was a revolutionary figure

एक इंकलाबी शख्सियत थे गजेंद्र सिंह

भाजपा सरकार में लोकतंत्र व इंसानियत सिसक रही है Democracy and humanity are sobering in BJP government

बाराबंकी, 22 अक्तूबर 2019. आज देश में प्रेस की आजादी, अभिव्यक्ति की आजादी, लिखने की आजादी (Freedom of press, freedom of expression, freedom of writing,) सब पर अंकुश लगाया जा रहा है, वर्तमान सरकार में लोकतंत्र व इंसानियत सिसक रही है। खौफ के माहौल में देश कब तक रहेगा और यह परिस्थितियाँ देश को किस ओर ले जायेंगी यह एक विचारणीय प्रश्न है।

यह विचार प्रदेश के पूर्व राज्यमंत्री हाजी फरीद महफूज किदवई ने गांधी भवन सभागार में पूर्व विधायक एवं सामाजिक एवं साहित्यिक प्रतिभाओं के धनी स्व. गजेन्द्र सिंह की बरसी के अवसर पर आयोजित स्मृति सभा में व्यक्त किये।

No need to be disappointed

हाजी फरीद महफूज किदवई ने कहा कि हमें निराश होने की जरूरत नहीं है। यह वह देश है जहां एक फकीर सिफत व्यक्ति ने हाथ में छड़ी लेकर ऐसी ताकतों को देश से भगा दिया, जिसके बारे में यह कहा जाता था कि उनका सूरज कभी अस्त नहीं होता था। गजेन्द्र सिंह जैसी इंकलाबी शख्सियत की प्रांसगिकता आज पहले से कही अधिक है।

Gajendra Singh was a revolutionary figure

पूर्व विधायक राकेश मिश्रा ने गजेन्द्र सिंह को श्रद्धांजलि प्रस्तुत करते हुए कहा कि वह उनसे पहली मुलाकात में ही बहुत प्रभावित हुए वह साधारण से दिखने वाले व विशाल प्रतिभाओं के धनी व्यक्ति थे और सच्चे जनप्रतिनिधि थे, जनता व समाज के प्रति उनका समर्पण भाव ही उन्हें महान व्यक्ति बनाता है।

फकीरी मिजाज रखते थे गजेन्द्र सिंह

पूर्व विधायक व इण्डियन लायर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष परमात्मा सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि गजेन्द्र सिंह फकीरी मिजाज रखते थे उन्होंने विधायक की कुर्सी कभी अपने ऊपर चढ़ने नहीं दिया बल्कि अपने समाजसेवी व्यक्तित्व को विधायक की कुर्सी पर सदैव हावी रखा।

रिहाई मंच के संयोजक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता मुहम्मद शुऐब ने कहा कि आज गजेन्द्र सिंह जैसे लोगों की देश में बहुत जरूरत है क्योंकि वर्तमान सत्ताधारियों ने देश को एक जेल में परिवर्तित करने की ओर कदम बढ़ा दिये हैं और इसकी शुरूआत कश्मीर से उन्होंने कर दी।

Young generation is entering politics, they should study Gajendra Singh’s personality

उ.प्र. कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव फवाद किदवई ने स्व. गजेन्द्र सिंह को श्रंद्धाजलि अर्पित करते हुए कहा कि वो हम सब जवानों के नायक एवं प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि आज की जो नौजवान पीढ़ी राजनीति में कदम रख रही है उन्हें गजेन्द्र सिंह के व्यक्तित्व का अध्ययन करना चाहिए और उसका अनुसरण भी करना चाहिए।

सभा की अध्यक्षता कर रहे जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बृजेश दीक्षित अपने कुछ संस्मरण व यादों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें दादा गजेन्द्र सिंह का स्नेह सदैव प्राप्त रहा, उन्होंने उनसे बहुत कुछ सीखा, उन्होंने दादा गजेन्द्र सिंह के व्यक्तित्व पर एक स्मारिका प्रकाशित करने की सलाह कार्यक्रम के आयोजक एवं सुपुत्र वरिष्ठ अधिवक्ता रणधीर सिंह सुमन को दी।

सभा में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव बृजमोहन वर्मा व जिला टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन वैश्य व महंत बी.पी. दास, सिटी इण्टर कालेज के प्राचार्य विजय प्रताप सिंह, हुमायूं नईम खा आदि ने अपने अपने विचार रखें।

सभा के अंत में रणधीर सिंह सुमन ने आये हुए अतिथिगण एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर गांधी समारोह के अध्यक्ष राजनाथ शर्मा, अजय सिंह गुरूजी, दिलीप गुप्ता, प्रदीप सिंह, उपेन्द्र सिंह, भूपेन्द्र पाल सिंह शैंकी, राहीबुल कादिर, पाटेश्वरी प्रसाद, किसाान सभा के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह, प्रवीन कुमार, शिव दर्शन वर्मा, पुष्पेन्द्र यादव, विजय प्रताप सिंह, श्याम सिंह, अलाउद्दीन, अंकुल वर्मा, विभव मिश्रा, अनवर अली, श्याम सुन्दर दीक्षित, निशांत अहमद आदि प्रमुख लोग उपस्थित थे।

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