गंगाजल कभी अशुद्ध नहीं होता : मोदी की बुद्धि में है दोष

गंगाजल कभी अशुद्ध नहीं होता : मोदी की बुद्धि में है दोष Gangaajal is never impure: Modi's intellect is fault किसानों से वादाखिलाफी के कारण भाजपा स्वयं अपवित्र हो गयी है जो खुद अपवित्र होता है उसे गंगाजल में भी दोष दिखता है कांग्रेस किसानों से किये गये कर्ज माफी के वायदे को निभायेंगे कांग्रेस …
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गंगाजल कभी अशुद्ध नहीं होता : मोदी की बुद्धि में है दोष

Gangaajal is never impure: Modi's intellect is fault

किसानों से वादाखिलाफी के कारण भाजपा स्वयं अपवित्र हो गयी है

जो खुद अपवित्र होता है उसे गंगाजल में भी दोष दिखता है

कांग्रेस किसानों से किये गये कर्ज माफी के वायदे को निभायेंगे

कांग्रेस के शासन में किसान, मजदूर, व्यापारी होगा खुशहाल

रायपुर/16 नवंबर 2018। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा गंगाजल को अशुद्ध करार दिए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष और प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि गंगाजल तो कभी अशुद्ध नहीं होता, दरअसल मोदी और भाजपा की बुद्धि अशुद्ध हो चुकी है। किसानों से वादाखिलाफी के कारण भाजपा स्वयं अपवित्र हो गयी है, जो खुद अपवित्र होता है उसे गंगाजल में भी दोष दिखता है। कांग्रेस किसानों से किये गये कर्ज माफी के वायदे को निभायेंगे। कांग्रेस के शासन में किसान, मजदूर, व्यापारी खुशहाल होगा।

प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि गंगाजल तो हर पवित्रता को दूर कर देता है और मोदी उस पवित्र गंगाजल के अशुद्ध होने की बात कर रहे हैं। गंगाजल को अशुद्ध ठहराने वाला मोदी का यह बयान देश की गौरवशाली परंपराओं के साथ साथ हिंदू धर्म का अपमान है।

दरअसल मोदी और भाजपा अब सत्ता मद और घमंड से चूर होकर भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का अपमान करते हुये गंगाजल के बारे में इस तरीके की बयानबाजी करने का दुस्साहस कर पा रहे हैं।

भारत में तो हर पूजा हर रीति रिवाज हर संस्कार में गंगाजल का उपयोग होता है। भगवान शिव के रुद्राभिषेक में गंगाजल का प्रयोग किया जाता है। कांग्रेस के लिए किसान हित का संकल्प पवित्र है और इसीलिए कांग्रेस ने किसान हित में कर्ज माफी के अपने संकल्प को गंगाजल से जोड़ा है।

दरअसल 3 साल पहले भाजपा ने किसानों से वादाखिलाफी की थी ना तो 2100 समर्थन मूल्य दिया ना 5 साल तक 300 बोनस दिया और ना ही एक-एक दाना धान की खरीद की। किसानों से वादाखिलाफी के अपवित्र आचरण के कारण मोदी की भाजपा अपवित्र हो गई है और खुद अपवित्र हो चुके मोदी और भाजपा गंगाजल में अपवित्रता खोज रहे हैं, इससे ज्यादा दुर्भाग्यजनक और दुखद और कुछ नहीं हो सकता।

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