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बाल दिवस पर यूट्यूब ने लागू किए कई बदलाव, हर यूट्यूबर को अब जरूरी होगा ये करना वरना …

बाल दिवस पर यूट्यूब ने लागू किए कई बदलाव, हर यूट्यूबर को अब जरूरी होगा ये करना वरना …

नई दिल्ली, 15 नवंबर 2019. भारत में बाल दिवस हर वर्ष 14 नवंबर को मनाया जाता है। प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का बच्चों के प्रति अगाध प्रेम था, उनके इस बाल प्रेम को सम्मान देने के लिए बाल दिवस मनाया जाता है। इस बार वीडियो प्लेटफॉर्म यू ट्यूब ने बाल दिवस पर अपनी कंटेंट पॉलिसी में अहम बदलाव (Important changes in YouTube’s content policy) किए हैं, और सभी यूट्यूबर्स को मेल भेजकर सूचित भी किया है कि ऐसे अहम बदलाव होने वाले हैं जिनका असर आपकी कमाई और सामग्री दिखने के तरीके पर हो सकता है।

यूट्यूब की तरफ से भेजे गए मेल का मजमून इस प्रकार है –

ऐसे अहम बदलाव होने वाले हैं जिनका असर आपकी कमाई और सामग्री दिखने के तरीके पर हो सकता है.

इंटरनेट पर बच्चों की निजता की सुरक्षा से जुड़े कानून (कोपा) और/या दूसरे लागू कानूनों के तहत, आज से सभी क्रिएटर्स को हमें यह बताना होगा कि उनकी सामग्रीबच्चों के लिए बनी है या नहीं. इन कानूनों का पालन करने के लिए हम YouTube Studio में दर्शक तय करने की नई सेटिंग उपलब्ध करा रहे हैं

आपके चैनल पर बच्चों के लिए बनी सामग्री कितनी है, इस आधार पर आप तय कर सकते हैं कि आपके दर्शक कौन हैं. ऐसा आप चैनल या वीडियो लेवल पर कर सकते हैं. जो लोग चैनल के लेवल पर दर्शक तय करना चाहते हैं वे बस एक क्लिक में ऐसा कर सकते हैं.

Potential Audience Settings

ये बदलाव अमेरिका के फ़ेडरल ट्रेड कमीशन (एफ़टीसी) और न्यूयॉर्क अटॉर्नी जनरल की चिंताओं को दूर करने के लिए ज़रूरी हैं. साथ ही, इनसे आपको इंटरनेट पर बच्चों की निजता की सुरक्षा से जुड़े कानून (कोपा) और/या दूसरे कानूनों के मुताबिक सामग्री बनाने में मदद मिलेगी.

हम जानते हैं कि ये बदलाव कुछ क्रिएटर्स के लिए आसान नहीं होंगे. साथ ही, इनके मुताबिक काम करने की आदत डालने में उन्हें कुछ समय लग सकता है. हालांकि, कानून का पालन ठीक से हो रहा है या नहीं यह पक्का करने के लिए ऐसा करना ज़रूरी है.

कृपया अपनी कानूनी जवाबदेही को समझने के लिए नीचे दी गई जानकारी पढ़ें और इस बारे में ज़्यादा जानें कि इन विकल्पों का आपके चैनल पर क्या असर हो सकता है.

क्या बदल रहा है?

आज से, YouTube Studio में सभी क्रिएटर्स को निशान लगाकर यह बताना होगा कि उनकी सामग्री बच्चों के लिए बनी है या बच्चों के लिए नहीं बनी है.

जनवरी से: हम इस कानून के तहत बच्चों के लिए बनी सामग्री के दर्शकों का सीमित डेटा ही इकट्ठा करेंगे. इसका मतलब है कि हम वीडियाे पर, दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखकर बनाए गए विज्ञापन दिखाना बंद कर देंगे. इससे बच्चों के लिए सामग्री बनाने वाले क्रिएटर्स की कमाई पर असर पड़ेगा. साथ ही, हम टिप्पणियों और सूचनाओं जैसी कुछ खास सुविधाएं भी बंद कर देंगे.

यहां देखें कि किन सुविधाओं पर असर पड़ेगा.

ऐसा क्यों हो रहा है?

ये बदलाव अमेरिका के फ़ेडरल ट्रेड कमीशन (एफ़टीसी) और न्यूयॉर्क अटॉर्नी जनरल की चिंताओं को दूर करने के लिए ज़रूरी हैं. साथ ही, इनसे आपको इंटरनेट पर बच्चों की निजता की सुरक्षा से जुड़े कानून (कोपा) और/या दूसरे कानूनों के मुताबिक सामग्री बनाने में मदद मिलेगी.

चाहे आप कहीं भी रहते हों, हमारे लिए यह ज़रूरी है कि हम आपसे अनुरोध करें कि अगर आपके वीडियो बच्चों के लिए हैं, तो आप उन्हें बच्चों के लिए बनी सामग्री के तौर पर सेट करें. कृपया जल्द से जल्द ये सेटिंग चुनें.

हम मशीन लर्निंग सिस्टम का इस्तेमाल भी करेंगे, ताकि उस सामग्री की पहचान की जा सके जो साफ़ तौर पर बच्चों के लिए बनी है. हालांकि, यह तय करते समय कि सामग्री किस तरह के दर्शकों के लिए है हमारे सिस्टम पर भरोसा न करें, क्योंकि अपने आप काम करने वाले हमारे सिस्टम भी दूसरे सिस्टम की ही तरह बिल्कुल सटीक नहीं होते.

अगर आप यह तय नहीं करते कि अपनी सामग्री किस तरह के दर्शकों के लिए है या हमें किसी गड़बड़ी या नीति के उल्लंघन का पता चलता है, तो हम आपके लिए दर्शक तय कर सकते हैं. अगर आप सही-सही यह तय नहीं करते कि आपकी सामग्री किस तरह के दर्शकों के लिए है, तो आपको फ़ेडरल ट्रेड कमीशन (एफ़टीसी) या अन्य प्राधिकरणों के कानून का पालन न करने पर समस्याओं का सामना करना हो सकता है. ऐसे में, हम आपके YouTube खाते पर कार्रवाई कर सकते हैं.

बच्चों के लिए बनी” सामग्री क्या होती है?

हम कोई खास कानूनी सलाह नहीं दे सकते, लेकिन कोपा के बारे में एफ़टीसी के निर्देशों के मुताबिक कोई वीडियो बच्चों के लिए है (जिसे हम “बच्चों के लिए बना” कहते हैं), अगर:

  • इसे बच्चों को प्राथमिक दर्शक मानकर बनाया गया हो (उदाहरण के लिए, प्ले-स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए बने वीडियो).
  • इसे बच्चों के लिए बनाया गया है, लेकिन बच्चे सीधे तौर पर इसके दर्शक नहीं हैं (उदाहरण के लिए, ऐसा कार्टून वीडियो जो खास तौर से किशोरों के लिए बनाया गया है, लेकिन उसमें छोटे बच्चे को भी ध्यान में रखा गया है).

यहां उन चीज़ों के बारे में जानें जिनसे यह तय होता है कि आपकी सामग्री बच्चों के लिए बनी है या नहीं.

हम जानते हैं कि यह कुछ क्रिएटर्स के लिए ऐसा करना आसान नहीं है. साथ ही, इन ज़रूरतों के हिसाब से अपनी आदत बदलने में उन्हें कुछ समय लग सकता है. हालांकि, हम कानूनी सलाह नहीं दे सकते, लेकिन इन बदलावों को समझने में आपकी मदद करने के लिए हमेशा तैयार हैं.

आप इंटरनेट पर बच्चों की निजता की सुरक्षा से जुड़े कानून (कोपा) के तहत अपनी ज़िम्मेदारियों और आपकी मदद के लिए तैयार की जा रही सुविधाओं के बारे में यहां पर जाकर ज़्यादा जान सकते हैं.

YouTube टीम

 

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