Justice Markandey Katju

भारत-पाक सैनिकों की हत्या पर काटजू ने दोनों देशों के सैनिकों को फटकारा, मूर्ख कहा

नई दिल्ली, 20 अक्तूबर, 2019. सर्वोच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश जस्टिस मार्कंडेय काटजू (Justice Markandey Katju, retired judge of the Supreme Court) ने भारत व पाकिस्तान के सैनिकों के बीच खून-खराबे पर दोनों देशों के सैनिकों को फटकारा है।

जस्टिस काटजू ने अपने सत्यापित ट्विटर एकाउंट पर लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त), भारतीय सेना, पूर्व जीओसी सैयद अता हसनैन (Lt Gen (Retd), Indian Army, Former GOC Syed Ata Hasnain), लेफ्टिनेंट जनरल एच एस पनाग (सेवानिवृत्त) (Lt Gen H S Panag(R)), वेद मलिक (Ved malik), टीवी एंकर मेजर गौरव आर्य (सेवानिवृत्त) (Major Gaurav Arya (Retd)), नया दौर पाकिस्तान के मुख्य संपादक रज़ा अहमद रूमी (Chief Editor of Naya Daur Pakistan Raza Ahmad Rumi) व पाकिस्तान के संघीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री चौ. फवाद हुसैन, (Federal Minister for Science & Technology Government of Pakistan Ch Fawad Hussain) को टैग करते हुए लिखा, भारतीय और पाकिस्तानी सैनिकों के लिए जिन्होंने हाल ही में एक-दूसरे को मार डाला. आप मूर्ख हैं, क्या आप नहीं जानते हैं कि भारत और पाकिस्तान वास्तव में एक देश हैं, केवल अस्थायी रूप से विभाजित हैं, लेकिन जो पुनर्मिलन के लिए बाध्य हैं (देखें indianreunificationassociation.co.in)?

उन्होंने आगे लिखा, कि जिन लोगों ने हमें विभाजित किया है वे अभी भी हमें एक-दूसरे से लड़ा रहे हैं, जैसे एक मदारी या कठपुतली मास्टर कठपुतली को नचाता है। इसलिए जब आप मूर्ख एक-दूसरे को मारते हैं, तो आपको एहसास नहीं होता कि आप वास्तव में खुद को मार रहे हैं।

कौन हैं मार्कंडेय काटजू?

अपने ऐतिहासिक फैसलों के लिए प्रसिद्ध रहे जस्टिस मार्कंडेय काटजू 2011 में सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्त हुए उसके बाद वह प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन रहे। आजकल वह अमेरिका प्रवास पर कैलीफोर्निया में समय व्यतीत कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर खासे सक्रिय हैं और भारत की समस्याओं पर खुलकर अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं।

Katju rebukes soldiers of both countries over killing of Indo-Pak soldiers, calls them foolish

About हस्तक्षेप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.