अगर बचाना है लाखों रुपये का हॉस्पिटल बिल तो एक मिनट तक हाथ धोएं

अगर बचाना है लाखों रुपये का हॉस्पिटल बिल तो एक मिनट तक हाथ धोएं : डॉ श्वेता शर्मा विश्व एंटीबायोटिक जागरूकता सप्ताह (World Antibiotic Awareness Week) मनाया गया… learn to handle antibiotic with care हर साल 7 लाख लोगों की जान लेता है दिल्ली सुपरबग : डॉ. अंकित सिन्हा गाजियाबाद, 24 नवंबर 2019. यशोदा सुपर स्पेशलिटी …
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अगर बचाना है लाखों रुपये का हॉस्पिटल बिल तो एक मिनट तक हाथ धोएं

अगर बचाना है लाखों रुपये का हॉस्पिटल बिल तो एक मिनट तक हाथ धोएं : डॉ श्वेता शर्मा

विश्व एंटीबायोटिक जागरूकता सप्ताह (World Antibiotic Awareness Week) मनाया गया… learn to handle antibiotic with care

हर साल 7 लाख लोगों की जान लेता है दिल्ली सुपरबग : डॉ. अंकित सिन्हा

गाजियाबाद, 24 नवंबर 2019. यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशांबी में विश्व एंटीबायोटिक जागरूकता सप्ताह मनाया गया। वैश्विक एंटीबायोटिक प्रतिरोध के बारे में जागरूकता बढ़ाने एवं आगे होने वाले आपातकाल एवं एंटीबायोटिक प्रतिरोध के प्रसार से बचने के लिए सामान्य जनता एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को जागरूक करने के लिए कल शनिवार को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।

Consult a qualified healthcare professional before taking antibiotics

इस जागरूकता अभियान का मुख बिंदु एंटीबायोटिक लेने से पहले योग्य स्वास्थ्यसेवा पेशेवर से सलाह लें’ रहा।

इस अवसर पर वरिष्ठ मइक्रोबिओलॉजिस्ट डॉ श्वेता शर्मा ने कहा कि  एंटीबायोटिक्स बहुमूल्य संसाधन हैं, इसलिए उसका सेवन करने से पहले पर्याप्त सलाह लेना महत्वपूर्ण है। इससे यह सुनिश्चित होता है, कि आप और आपके परिवार को सबसे बेहत्तर उपचार मिलेगा तथा एंटीबायोटिक दवाओं के सही उपयोग (handle antibiotics with care) के माध्यम से एंटीबायोटिक प्रतिरोध को कम करने में भी मदद मिलेगी।

When is antibiotic resistance.

डॉ प्रगति गुप्ता ने बताया कि एंटीबायोटिक दवाएं बैक्टीरिया संक्रमणों को रोकने और उनका उपचार करने के लिए उपयोग की जाती हैं। एंटीबायोटिक प्रतिरोध तब होता है, जब बैक्टीरिया में बदलाव होता हैं, जिससे इन दवाइयों के प्रति उनकी प्रभावशीलता कम हो जाती है। बैक्टीरिया जीवित रहता है और लगातार बढ़ता है, जिसके कारण अधिक नुकसान होता है।

डॉक्टर प्रगति गुप्ता ने बताया उनके पास में इस तरह के भी मरीज आते हैं जिनमें बैक्टीरिया को मारने के लिए किसी भी प्रकार की एंटीबायोटिक का प्रयोग नहीं किया जा सकता क्योंकि जांच करने पर पता चलता है कि वह बैक्टीरिया हर तरह की एंटीबायोटिक का प्रतिरोध कर रहा है। और ऐसे में यदि मरीज की आयु ज्यादा हो और उसके शरीर में संक्रमण काफी बढ़ा हुआ हो ऐसे में उस मरीज को बचाना बहुत मुश्किल हो जाता है।

क्या होता है सुपरबग या दिल्ली बग What is Superbug or Delhi Bug

एलर्जी एवं फेफड़ा रोग विशेषज्ञ (Allergy and Lung Pathologist in Delhi/NCR) डॉक्टर अंकित सिन्हा ने बताया कि इस तरह के बैक्टीरिया को सुपरबग (Superbug in Hindi) या दिल्ली बग (Delhi Bug in Hindi) भी कहते हैं, भारत में पाए जाने वाला यह बैक्टीरिया किसी भी एंटीबायोटिक से खत्म नहीं होता। एक जानकारी के अनुसार अभी तक लोगों को मौत की नींद सुला भी चुका है।

डॉक्टर अंकित सिन्हा ने यह भी कहा कि अब हमारे पास भविष्य में ऐसे एंटीबायोटिक नहीं है जो सुपर बग को मार सके

Antibiotic abuse is most common in India

डॉक्टर अंकित ने जानकारी देते हुए कहा कि भारत में एंटीबायोटिक का सबसे ज्यादा दुरुपयोग होता है हम अपनी मनमर्जी से एंटीबायोटिक ले लेते हैं या दवाई की दुकान पर जाकर केमिस्ट से अपनी बीमारी बताकर कोई भी एंटीबायोटिक खा लेते हैं और उन्हें कभी भी रोक देते हैं ऐसे में बैक्टीरिया प्रतिरोध क्षमता उत्पन्न कर लेता है, और वह किसी भी एंटीबायोटिक से खत्म नहीं होता, जब आपको एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करने की ज़रूरत नहीं होती है, तब इनका सेवन करने से एंटीबायोटिक प्रतिरोध को बढ़ जाता है।

डॉक्टर श्वेता शर्मा ने कहा आजकल पोल्ट्री फॉर्म में चिकन में महामारी फैलने से बचाने के लिए एंटीबायोटिक का प्रयोग किया जाता है और वह एंटीबायोटिक जब हम चिकन खाते हैं तो साथ में हमारे शरीर में चला जाता है जिसकी वजह से भी एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस बढ़ा है।

साथ ही डॉक्टर श्वेता ने एक बहुत छोटी सी सावधानी बरतने के लिए सलाह दी जिससे कई प्रकार के संक्रमण से बचा जा सकता है उन्होंने कहा कि जब हम खांसते हैं तो हम अपना हाथ मुंह पर रख देते हैं, हमें ऐसा नहीं करना चाहिए। यदि हमें खांसना है तो या तो हम रुमाल हाथ में रखें अन्यथा हम खांसते समय अपने मुंह को कोहनी से कवर करें, जिससे कि हम जब किसी दूसरे से हाथ मिलाएंगे तो अपना इंफेक्शन उसको पास नहीं करेंगे।

डॉक्टर श्वेता शर्मा ने लोगों को हैंड हाइजीन टेक्निक (Hand hygiene technic) यानी हाथ को सही तरीके से धोने के तरीके के बारे में प्रदर्शन कर जानकारी दी और उन्होंने कहा कि यदि हम सही तरीके से हाथ होते हैं और पूरा 1 मिनट तक साबुन या हैंड सैनिटाइजर के माध्यम से हाथ धोने के विभिन्न चरणों को पूरा करते हैं तो हम कई प्रकार के संक्रमण को खुद के अंदर फैलने से एवं दूसरों के अंदर फैलने से बचा सकते हैं तथा हॉस्पिटल में भर्ती होने से बच भी सकते हैं जिससे हमारा लाखों रुपए का हॉस्पिटल का बिल बच भी सकता है

डॉक्टरों ने लोगों को एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस से बचने के लिए जागरूकता व्याख्यान के दौरान निम्नलिखित उपाय (Measures to avoid antibiotic resistance) बताए :

अपने हाथों को अच्छी तरह से धोएं।

स्वास्थ्यकर ढंग से भोजन बनाएं।

बीमार लोगों के घनिष्ठ संपर्क से बचें।

सुरक्षित सेक्स पद्यति अपनाएं।

अपने एवं अपने बच्चों के टीकाकरण को अद्यतन रखें।

सुरक्षित पानी एवं स्वच्छता के अधिकार के लिए खड़े हों।

जब भी एंटीबायोटिक्स दवा का सेवन करें, तब हमेशा योग्य स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर की सलाह का पालन करें।

यदि आपके स्वास्थ्य कर्मचारी ने कहा है, कि आपको एंटीबायोटिक दवाओं की ज़रूरत नहीं है, तो एंटीबायोटिक्स का सेवन न करें।

दूसरों के साथ एंटीबायोटिक्स साझा न करें।

बचे हुई एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग न करें।

इस अवसर पर एक पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।

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