Justice Markandey Katju

काटजू ने नामग्याल को क्या बोल दिया, नाराज हो जाएंगे नामग्याल, कन्हैया, शेहला, उमर खालिद भी

काटजू ने नामग्याल को क्या बोल दिया, नाराज हो जाएंगे नामग्याल, कन्हैया, शेहला, उमर खालिद भी

Namgyal, Kanhaiya, Shehla, Umar Khalid will get angry with Katju’s comment

नई दिल्ली, 17 नवंबर 2019. सर्वोच्च न्यायालय के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश जस्टिस मार्कंडेय काटजू (Justice Markandey Katju, retired judge of the Supreme Court) ने लद्दाख के सांसद जम्यांग त्सेरिंग नामग्याल (Ladakh MP Jamyang Tsering Namgyal,) को जेएनयू के हीरो कन्हैया कुमार, शेहला राशिद और उमर खालिद की तरह ही एक और फर्जी जननायक बताया है।

जस्टिस काटजू ने अपने बीएफ पेज (जस्टिस काटजू फेसबुक पेजJustice Katju Facebook page) पर एक पोस्ट में लिखा कि

“लद्दाख के सांसद जमैया त्सेरिंग नामग्याल ने लोक सभा में अनुच्छेद 370 को खत्म करने और लद्दाख को यूटी का दर्जा (केंद्र शासित प्रदेश – union territory) देने के समर्थन में एक भावुक भाषण  दिया। इस भाषण ((jamyang tsering namgyal speech)) को मीडिया और हमारी बुद्धिहीन जनता द्वारा व्यापक रूप से सराहा गया था, लेकिन मुझे यह शेक्सपियर के मैकबेथ की लाइन की याद दिलाता है- “आवाज़ और गुस्से से भरी यह कहानी एक मूर्ख ने बताई, जिसका कोई महत्व नहीं।”

मेरे दिमाग में नामग्याल सिर्फ जेएनयू के हीरो कन्हैया कुमार, शेहला राशिद और उमर खालिद की तरह ही एक और फर्जी जननायक है।

सच्चाई यह है कि अनुच्छेद 370 को समाप्त करना केवल एक नौटंकी और स्टंट था, जैसे कि योग दिवस, राम मंदिर, गौ रक्षा, स्वातंत्र्य अभियान इत्यादि, जिसका भयंकर रूप से अल्पसंख्यक विरोधी सरकार द्वारा भारत के भयानक आर्थिक संकट, जिसको हल करने का कोई तरीका इन्हें नहीं मालूम है, से ध्यान हटाने के लिए सहारा लिया गया था।

प्रत्येक राजनीतिक अधिनियम या प्रणाली का एक और केवल एक परीक्षण है : क्या यह लोगों के जीवन स्तर को बढ़ाता है? क्या यह उन्हें बेहतर जीवन देता है?

इस दृष्टिकोण से, और यही एकमात्र सही परिप्रेक्ष्य है, यह स्पष्ट है कि अनुच्छेद 35 ए और 370 का उन्मूलन केवल एक नौटंकी था। यह पूर्व के जम्मू-कश्मीर राज्य के लोगों के जीवन में सुधार नहीं करेगा। इसने पहले ही कश्मीरियों के जीवन को दयनीय बना दिया है, और अगर लद्दाखी यूटी का दर्जा देने पर गंभीरता से विश्वास करेंगे तो वे मूर्ख बनेंगे।

कौन हैं मार्कंडेय काटजू?

अपने ऐतिहासिक फैसलों के लिए प्रसिद्ध रहे जस्टिस मार्कंडेय काटजू 2011 में सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्त हुए उसके बाद वह प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन रहे। आजकल वह अमेरिका प्रवास पर कैलीफोर्निया में समय व्यतीत कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर खासे सक्रिय हैं और भारत की समस्याओं पर खुलकर अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं।

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