Prof. Bhim Singh Jammu-Kashmir National Panthers Party जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के मुख्य संरक्षक प्रो.भीमसिंह
Prof. Bhim Singh Jammu-Kashmir National Panthers Party जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के मुख्य संरक्षक प्रो.भीमसिंह

पैंथर्स सुप्रीमो की लोकसभा स्पीकर से संसद सत्र शुरू होने से पहले जम्मू-कश्मीर के सभी सांसदों की रिहाई की मांग

पैंथर्स सुप्रीमो की लोकसभा स्पीकर से संसद सत्र शुरू होने से पहले जम्मू-कश्मीर के सभी सांसदों की रिहाई की मांग

NPP Supremo urges LS Speaker for his urgent intervention for release of all sitting Lok Sabha MPs before the Session starts

नई दिल्ली, 16 नवंबर 2019. नेशनल पैंथर्स पार्टी के मुख्य संरक्षक एवं जम्मू-कश्मीर विधानसभा के पूर्व विधायक प्रो. भीम सिंह (Prof.Bhim Singh, Chief Patron of National Panthers Party & former Legislator of J&K Assembly) ने लोकसभा स्पीकर श्री ओम बिरला से अनुरोध किया है कि वे 18 नवम्बर को संसद सत्र शुरू होने से पहले जम्मू-कश्मीर के कैद सभी सांसदों की रिहाई के लिए हस्तक्षेप करें, जिससे वे संसद सत्र में हिस्सा ले सकें।

पैंथर्स सुप्रीमो प्रो.भीम सिंह ने लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र

पैंथर्स सुप्रीमो प्रो.भीम सिंह ने लोकसभा स्पीकर के नाम एक पत्र में उनसे अनुरोध किया कि वे जम्मू-कश्मीर में कैद सभी सांसदों की, जिनमें मान्यताप्राप्त राजनीतिक दल नेशनल कांफ्रेंस के मुखिया और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री सहित तीन वर्तमान सांसद शामिल हैं, शीघ्र रिहाई की जम्मू-कश्मीर प्रशासन को निर्देश दें, जिससे वे 19 नवम्बर से पहले शुरू होने वाले संसद सत्र में हिस्सा ले सकें। उन्होंने कहा कि इन सभी को जम्मू-कश्मीर जनसुरक्षा कानून के तहत हिरासत में रखा गया है, जो 5 अगस्त, 2019 को राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 35-ए, जिसे मई 1954 में राष्ट्रपति ने एक अध्यादेश जारी करके लागू किया गया था, भारतीय संविधान से हटने के बाद निष्फल हो गया है। इसलिए इस कानून के तहत किसी भी भारतीय नागरिक को हिरासत में रखा जाना गैरकानूनी और असंवैधानिक है।

पैंथर्स सुप्रीमो प्रो.भीम सिंह ने राष्ट्रपति से भी किया अनुरोध

पैंथर्स सुप्रीमो प्रो.भीम सिंह ने राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद से भी अनुरोध किया कि वे सभी जम्मू-कश्मीर के वर्तमान सांसदों की रिहाई के लिए हस्तक्षेप करें और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल को स्पष्ट निर्देश दें कि वे इन सभी को रिहा किये जाने के बाद उपलब्ध उड़ान से दिल्ली के लिए रवानगी का प्रबंध किया जाय, ताकि वे लोग संसद सत्र में हिस्सा ले सकें, यह लोकतंत्र और कानून के शासन के हित में होगा, जिसे आज खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को शीघ्र बहाल किया जाना चाहिए, जिससे जम्मू-कश्मीर में रहने वाले भारतीय नागरिकों को भी बाकी नागरिकों की तरह लोकतंत्र और कानून के शासन के लाभ उठा सकें।

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