Prof. Bhim Singh Jammu-Kashmir National Panthers Party जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के मुख्य संरक्षक प्रो.भीमसिंह
Prof. Bhim Singh Jammu-Kashmir National Panthers Party जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के मुख्य संरक्षक प्रो.भीमसिंह

पैंथर्स पार्टी का जम्मू-कश्मीर पर मंडरा रहे खतरे से बचाने का आह्वान

पैंथर्स पार्टी का जम्मू-कश्मीर पर मंडरा रहे खतरे से बचाने का आह्वान

पैंथर्स पार्टी का मान्यताप्राप्त राष्ट्रीय व क्षेत्रीय राजनीतिक दलों से जम्मू-कश्मीर पर मंडरा रहे खतरे से बचाने का आह्वान

नई दिल्ली, 7 नवंबर, 2019. नेशनल पैंथर्स पार्टी के मुख्य संरक्षक एवं संस्थापक प्रो. भीम सिंह ने सभी सात राष्ट्रीय व 52 मान्यताप्राप्त क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के नेतृत्व से अपील की कि वे नई दिल्ली में भाजपा को छोड़कर सभी मान्यताप्राप्त राष्ट्रीय व क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की शीघ्र एक आपात बैठक बुलाएं, जिससे जम्मू-कश्मीर के भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, रक्षा और उनके अस्तित्व को सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए जा सकें।

इस सम्बंध में पैंथर्स सुप्रीमो ने 52 मान्यताप्राप्त क्षेत्रीय दलों और अन्य सात राष्ट्रीय दलों के प्रमुखों से सम्पर्क किया है, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त जम्मू-कश्मीर राज्य के दर्जे को खत्म करके केन्द्रीय शासित प्रदेश में बदले जाने पर तत्काल संयुक्त बैठक में एक संयुक्त योजना बनाने के लिए अनुरोध किया है, जिस राज्य की स्थापना 1846 में अमृतसर संधि के तहत महाराजा गुलाब सिंह की थी।

राज्य की एकता और भौगोलिक सीमाओं पर पाकिस्तान ने 1947/48 में आक्रमण करके जम्मू-कश्मीर के लगभग आधे क्षेत्र पर जबरन कब्जा कर लिया गया, जिसमें मीरपुर से लेकर मुजफ्फराबाद तक (तथाकथित ‘आजाद जम्मू-कश्मीर‘) और गिलगित-बल्तिस्तान क्षेत्र था, जिसे 2009 में पाकिस्तान ने अपना एक प्रांत घोषित कर दिया। पैंथर्स सुप्रीमो ने गहरी चिंता व्यक्त की कि 1963 में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और चीनी राष्ट्रपति के बीच हुए एक समझौते में पाकिस्तान ने गिलगित क्षेत्र मे लगभग 5000 वर्गमील भूमि चीन को दिये जाने पर भातीय नेतृत्व क्यों खामोश है।

पैंथर्स सुप्रीमो ने क्षेत्रीय और राष्ट्रीय नेतृत्व को लिखे एक पत्र में जल्द से जल्द नई दिल्ली में एक संयुक्त आपातकालीन बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव दिया है, ताकि जम्मू-कश्मीर के लोगों (आज भारत में) को सभी मौलिक अधिकारों का लाभ मिले, जिसके वे हकदार हैं, क्योंकि 5 अगस्त, 2019 को संविधान के जनादेश के अनुसार भारत के राष्ट्रपति ने एक अध्यादेश जारी करके अनुच्छेद 35-ए को खत्म कर दिया है।

Panthers Party’s call to protect Jammu and Kashmir from danger

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