Saryu Ray

भाजपा में घमासान : मुख्यमंत्री के सामने हो सकते हैं उनके ही काबीना मंत्री

भाजपा में घमासान : मुख्यमंत्री के सामने हो सकते हैं उनके ही काबीना मंत्री

★मुख्यमंत्री रघुवर दास के विरुद्ध सरयू राय हो सकते हैं विपक्ष के साझा प्रत्याशी

★कांग्रेस से टिकट मिलने के बावजूद नामांकन में देरी क्यों कर रहे बन्ना गुप्ता

★बन्ना के भाजपा में जाने के कयास तेज

रांची से शाहनवाज़ हसन। झारखण्ड भाजपा के कदावर नेता मंत्री सरयू राय और मुख्यमंत्री रघुवर दास के बीच का शीतयुद्ध अब खुल कर सामने आ गया है। जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा सीट को लेकर अब तक भाजपा ने कोई निर्णय नहीं लिया है। पार्टी आलाकमान ने सरयू राय को प्रतीक्षा करने के लिये कहा है तो दूसरी तरफ जमशेदपुर पश्चिम से कांग्रेस का टिकट लेने के बावजूद कांग्रेस के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने अब तक नामांकन नहीं किया है और न ही कांग्रेस पार्टी का प्रचार प्रसार शुरू किया गया है।

बन्ना गुप्ता के नामांकन में देरी और सरयू राय के टिकट को होल्ड पर रखना झारखण्ड विधानसभा चुनाव का हॉट टॉपिक बना हुआ है।

सरयू राय द्वारा आज जमशेदपुर पूर्वी एवं जमशेदपुर पश्चिम दोनों विधानसभा क्षेत्र के लिये नामांकन पत्र खरीदा गया है। जिसके बाद भाजपा की राजनीति में मानो एक भूचाल आ गया है तो वहीं झारखण्ड के सभी विपक्षी दल मुख्यमंत्री रघुवर दास को घेरने की पूरी तैयारी कर रहे हैं।

भाजपा की स्थापना के बाद से लगातार जमशेदपुर पूर्वी सीट पर भाजपा का ही कब्ज़ा रहा है।

मुख्यमंत्री रघुवर दास की भाजपा के अंदर मुखालफत करने वालों का कुनबा हर गुज़रते दिन के साथ मज़बूत हो रहा है। भाजपा के कई सांसद एवं मंत्री सरयू राय के साथ खड़े नज़र आ रहे हैं तो वहीं विपक्ष भी इस अवसर का भरपूर लाभ उठाना चाहता है।

जमशेदपुर पश्चिम सीट को लेकर पिछले एक वर्ष से इस बात की चर्चा होती रही है कि इस बार सरयू राय का टिकट कटना तय है क्योंकि वे लगातार सरकार की कार्यशैली पर प्रश्न उठाते आये हैं।

सरयू राय झारखण्ड काबिना में शामिल रहते हुये सरकार के निर्णय को कठघरे में लाने का कार्य करते आये हैं, यहाँ तक कि जिन मुद्दों पर झारखण्ड के विपक्षी दल भी खामोशी इख़्तेयार कर लेते हैं उन्हें भी सरयू राय ने मंत्री रहते उठाया है।

सरयू राय का सरकार के ऊपर लगातार हमलावर होना ही उनके टिकट कटने का कारण माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री रघुवर दास के विरुद्ध सरयू राय का चुनाव लड़ने का फैसला भाजपा के लिये सिरदर्द बनता साफ़ दिखाई दे रहा है। कांग्रेस के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता से मुख्यमंत्री रघुवर दास के रिश्ते जग जाहिर रहे हैं, अंतिम समय में बन्ना गुप्ता जमशेदपुर पश्चिम से भाजपा उम्मीदवार के रूप में नामांकन कर सकते हैं। भाजपा का टिकट कटने की स्थिति में सरयू राय मुख्यमंत्री रघुवर दास के विरुद्ध चुनाव लड़ने की तैयारी कर चुके हैं। जमशेदपुर के दोनों शहरी विधानसभा सीट को लेकर तकरार की स्थिति बनी हुयी है।

जमशेदपुर पश्चिम में भाजपा और पूर्वी में कांग्रेस का टिकट पहेली बन गई है। नामांकन के आखिरी तिथि में अब मात्र दो दिन ही बचे हैं। ऐसे में दोनों पार्टियां अपने पत्ते नहीं खोल रही हैं। तरह-तरह की अफवाहों और लोगों की राय सामने आ रहे हैं। भाजपा से टिकट की आस लगाए सरयू राय दिनभर जमशेदपुर में अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रणनीति बनाते रहे।

पश्चिम से कांग्रेस ने बन्ना को टिकट दे दिया है, लेकिन गतिविधियां कहीं दिखाई नहीं दे रही है। पूर्वी से भाजपा के प्रत्याशी रघुवर दास होंगे। लेकिन, कांग्रेस और भाजपा ने रहस्यमय ढंग से अपने-अपने एक-एक प्रत्याशियों की घोषणा को होल्ड कर रखा है।

कांग्रेस ने बन्ना गुप्ता को जमशेदपुर पश्चिम से टिकट दिया है, पर कहीं भी जनसंपर्क या फिर क्षेत्र में दिखाई नहीं दे रहे हैं। यहां तक कि उनके कार्यालय में भी कांग्रेस का झंडा नहीं दिखाई दे रहा है। बन्ना गुप्ता को टिकट मिलने के बाद झंडा बैनर और होर्डिंग अब तक गायब है। चर्चा है कि आखिरी समय पर बन्ना का दांव अभी बाकी है।

सरयू राय पार्टी के निर्णय का आज देर शाम तक इंतेज़ार करेंगे उसके बाद वे अपने समर्थकों से सलाह लेकर स्व विवेक से कोई फैसला ले सकते हैं। मुख्यमंत्री की सीट होने के कारण जमशेदपुर पूर्वी सीट पर कांग्रेस उथल-पुथल करने की तैयारी में है। टिकट होल्ड पर तो चर्चा भी उतना ही दमदार।

कांग्रेसियों की राय है इस सीट पर दमदार प्रत्याशी मैदान में उतारेंगे जो मुख्यमंत्री को कड़ी टक्कर दे सके,इसके लिये सरयू राय से उचित दूसरा कोई नहीं हो सकता।

Saryu Rai may be the common opposition candidate against Chief Minister Raghuvar Das

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