Tag Archives: छायावाद के सौ वर्ष

कविता का सर्वोत्‍तम कालखंड है छायावाद – प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल

हिंदी विश्‍वविद्यालय (Hindi University) में ‘छायावाद के सौ वर्ष’ (Hundred years of chhaayaavaad) पर राष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी उद्घाटित

हिंदी विश्‍वविद्यालय में ‘छायावाद के सौ वर्ष’ पर राष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी का समापन वर्धा,  11 मई 2019: छायावाद का समय (Time of Chhayawad) कविता का सर्वोत्‍तम कालखंड (Best period of poetry) रहा है। यह काल हमारे सामने एक उज्‍ज्‍वल भाष्‍य के रूप में सामने आता है। छायावादी कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, जयशंकर प्रसाद, मैथिलीशरण गुप्‍त और महादेवी वर्मा (Suryakant Tripathy Nirala, …

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छायावाद ने हृदय से आखों तक दृष्टि और रौशनी दी है – प्रो. विजय बहादुर सिंह

हिंदी विश्‍वविद्यालय (Hindi University) में ‘छायावाद के सौ वर्ष’ (Hundred years of chhaayaavaad) पर राष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी उद्घाटित

हिंदी विश्‍वविद्यालय (Hindi University) में ‘छायावाद के सौ वर्ष’ (Hundred years of chhaayaavaad) पर राष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी उद्घाटित वर्धा, दि. 08 मई 2019: महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय (Mahatma Gandhi International Hindi University) के हिंदी एवं तुलनात्‍मक साहित्‍य विभाग की ओर से ‘छायावाद के सौ वर्ष’ विषय पर आयोजित संगोष्‍ठी में बतौर मुख्‍य वक्‍ता वरिष्‍ठ आलोचक प्रो. विजय बहादुर सिंह ने …

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