Tag Archives: जज लोया

सत्ता की सूली : न्यायपालिका में हमेशा न्याय नहीं होता! कभी-कभी सिर्फ जजमेंट होता है!

Satta Ki Suli सत्ता की सूली, लोया की गाटेगांव यात्रा

सत्ता की सूली : अनसुलझी हत्याओं और अन्याय की कड़वी यादों को हमारे जेहन में जीवित रखती है बाम्बे हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी जी कोलसे पाटिल (B.J. Kolse Patil, former Judge of the Bombay High Court) कहते हैं: ”न्यायपालिका में हमेशा न्याय नहीं होता! कभी-कभी सिर्फ जजमेंट होता है!‘ विख्यात न्यायविद पाटिल ने यह टिप्पणी ‘सत्ता की सूली’ शीर्षक …

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हरेन पंडया को आशंका थी उनकी हत्या करवाई जा सकती है

mujhe kaashee hindoo vishvavidyaalay se kyon nikaala gaya aur satta kee soolee pustak

‘मुझे काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से क्यों निकाला गया’ और ‘सत्ता की सूली’ पुस्तक का राजधानी में हुआ विमोचन लखनऊ, 23 अप्रैल 2019। गांधी भवन (Gandhi Bhawan) लखनऊ (Lucknow) में प्रसिद्ध गांधीवादी कार्यकर्ता (Gandhian worker) और मैगसेसे पुरस्कार (magsaysay award) से सम्मानित डॉ. संदीप पांडेय (Dr. Sandeep Pandey) की किताब ’मुझे काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से क्यों निकाला गया’ और वरिष्ठ पत्रकार …

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क्या यह राफेल मामले में न्यायिक सक्रियता पर एक तरह की “जज लोया” प्रतिक्रिया है ?

Supreme Court Chief Justice Ranjan Gogoi

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (Supreme Court Chief Justice Ranjan Gogoi) की चेतावनी को हल्के में न लें। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता (Independence of judiciary) खतरे में है. इस आरोप से मैं बेहद आहत हुआ हूं. इस पूरे मामले पर मीडिया को संयम बरतने की सलाह दी गई है. विदित हो जस्टिस रंजन गोगोई के खिलाफ …

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लोया की गाटेगांव यात्रा

Satta Ki Suli सत्ता की सूली, लोया की गाटेगांव यात्रा

महाराष्ट्र का लातूर एक विनाशकारी भूकंप के लिए जाना जाता है। 30 सितंबर,1993 कीउस तबाही को याद कर लोगों की आज भी रूह कांप जाती है। जज लोया 30 हजार जिंदगियों के लिए कब्र बन चुके इसी लातूर से तालुक रखते थे। उनका गांव गाटेगांव लातूर से तकरीबन 20 किमी दूर है। उस साल 23 अक्तूबर 2014 को दिवाली पड़ी। …

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