Tag Archives: Munshi Premchand

झुमके वाली बरेली से गहरा नाता रहा उन मुंशी प्रेमचंद का जिन्होंने बताया था बहुत से हिन्दू कर्बला में हुसैन के साथ थे

Munshi Premchand

मुंशी प्रेमचंद जयंती स्‍पेशल Munshi Premchand Jayanti Special बरेली, 31 जुलाई 2019. आज उपन्यास सम्राट और हिंदी कहानी के पुरोधा, प्रगतिशील साहित्यकार और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मुंशी प्रेमचंद की जयंती है। इस अवसर पर “झुमका गिरा रे” वाली बरेली नगरी में बरेली के जिलाधिकारी वीरेंद्र सिंह की पहल पर हिंदी साहित्य के पुरोधा प्रेमचन्द जी की कहानियों पर आधारित नाटकों …

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अफ़सोस किताबों के लिखने वाले भी किताबों के सफ़हों में दफ़्न हैं किसी सूखे गुलाब की तरह

Munshi Premchand

खड़ा हूँ आज भी रोटी के चार हर्फ़ लिए। सवाल यह है कि किताबों ने क्या दिया मुझको ? अफ़सोस किताबों के लिखने वाले भी किताबों के सफ़हों में दफ़्न हैं, किसी सूखे गुलाब की तरह, जब बरक खोलो तो महकने लगती है शख़्सियत उनकी। चमकती जिल्द की सूरत कहाँ बताती है कि किन पथरीली राहों से वो शख़्स गुज़रा …

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प्रेमचंद किसान को सुखी देखना, स्त्री की मुक्ति और दलितों के लिए सामाजिक न्याय चाहते थे

Munshi Premchand

प्रेमचंद किसान को सुखी देखना, स्त्री की मुक्ति और दलितों के लिए सामाजिक न्याय चाहते थे प्रेमचंद के बहाने : आज के लेखकीय सरोकार (31 जुलाईः प्रेमचंद जयन्ती) विजय विशाल बुरा है हमारा यह समय क्योंकि हमारे समय के सबसे सच्चे युवा लोग/ हताश हैं, निरूपाय महसूस कर रहे हैं खुद को। सबसे बहादुर युवा लोगों के/ चेहरे गुमसुम हैं …

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