अखिलेश भैया अब यह मत कह दीजिएगा कि मुसलमानों को मुफ्त भोजन देने के लिए जेल में रखा जाता है

अखिलेश को पैरों के नीचे से ज़मीन खिसकती महसूस तो होगी और मुलायम की याद भी आती होगी। लेकिन अहंकार दोनों को स्वीकार करने से रोकता है। अहंकार है ही बहुत ज़ालिम चीज़।...

अतिथि लेखक
अखिलेश भैया अब यह मत कह दीजिएगा कि मुसलमानों को मुफ्त भोजन देने के लिए जेल में रखा जाता है

 

मसीहुद्दीन संजरी

मुजफ्फरनगर में दंगा हुआ। हज़ारों मुसलमान कैम्पों में रहने को मजबूर हुए، आज भी कुछ लोग वहीं हैं। दर्जनों हत्याएं، बलात्कार، आगज़नी।

मसीहुद्दीन संजरीसंगीत सोम और सुरेश राणा जैसे मुख्य अभियुक्तों पर से पहले गैंगेस्टर फिर रासुका हटा लिया गया और पंद्रह दिनों के अंदर उनकी ज़मानत हो गई। आज़मगढ़ के खुदादापुर में साम्प्रदायिक भीड़ ने पुलिस अधिकारियों और पीएसी बल की मौजूदगी में हमला किया। सब मूक देखते रहे। गांव वालों ने हमलावरों को खदेड़ दिया। पुलिस ने गांव के 21 लोगों पर दंगाइयों को खदेड़ने के जुर्म में संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। गैंगेस्टर، रासुका सब लगा दिया। 9 महीना बीत चुका है लेकिन अभी तक ज़मानत पा कर कोई बाहर नहीं आ सका।

अखिलेश भैया अब यह मत कह दीजिएगा कि मुसलमानों को मुफ्त भोजन देने के लिए जेल में रखा जाता है।

अखिलेश को पैरों के नीचे से ज़मीन खिसकती महसूस तो होगी और मुलायम की याद भी आती होगी। लेकिन अहंकार दोनों को स्वीकार करने से रोकता है। अहंकार है ही बहुत ज़ालिम चीज़।

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