Breaking News
Home / समाचार / कानून / जानिए क्या हैं पोर्नोग्राफी और चाइल्ड पोर्नोग्राफी, क्यों है ये अवैध
Law and Justice

जानिए क्या हैं पोर्नोग्राफी और चाइल्ड पोर्नोग्राफी, क्यों है ये अवैध

पोर्नोग्राफी क्या है ? What is pornography?

पोर्नोग्राफी के दायरे में ऐसे फोटो, विडियो, टेक्स्ट, ऑडियो और सामग्री आती है, जिसकी प्रकृति यौन हो और जो यौन कृत्यों और नग्नता पर आधारित हो। ऐसी सामग्री को इलेक्ट्रॉनिक ढंग से प्रकाशित करने, किसी को भेजने या किसी और के जरिए प्रकाशित करवाने या भिजवाने पर पोर्नोग्राफी निरोधक कानून (Anti-pornography law) लागू होता है। जो लोग दूसरों के नग्न या अश्लील विडियो (Nude or pornographic videos) तैयार कर लेते हैं या एमएमएस बना लेते हैं और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से दूसरों तक पहुंचाते हैं, किसी को उसकी मर्जी के खिलाफ अश्लील संदेश (Pornographic message) भेजते हैं, वे भी इसके दायरे में आते हैं।

अपवाद- पोर्नोग्राफी प्रकाशित करना और इलेक्ट्रॉनिक जरियों से दूसरों तक पहुंचाना अवैध है, लेकिन उसे देखना, पढऩा या सुनना अवैध नहीं है, लेकिन चाइल्ड पोर्नोग्राफी देखना भी अवैध है (Child pornography is also illegal to watch)। कला, साहित्य, शिक्षा, विज्ञान, धर्म आदि से जुड़े कामों के लिए जनहित में तैयार की गई उचित सामग्री अवैध नहीं मानी जाती।

पोर्नोग्राफी पर कानून (Law on pornography) – आईटी (संशोधन) कानून 2008 की धारा 67 (ए) – आईपीसी की धारा 292, 293, 294, 500, 506 और 509 सजा: जुर्म की गंभीरता के लिहाज से पहली गलती पर पांच साल तक की जेल और/या दस लाख रुपये तक जुर्माना। दूसरी बार गलती करने पर जेल की सजा सात साल हो जाती है।

चाइल्ड पोर्नोग्राफी क्या है What is child pornography,

ऐसे मामलों में कानून और भी ज्यादा कड़ा है। बच्चों को सेक्सुअल एक्ट में या नग्न दिखाते हुए इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मैट में कोई चीज प्रकाशित करना या दूसरों को भेजना। इससे भी आगे बढक़र कानून कहता है कि जो लोग बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री तैयार करते हैं, इकट्ठा करते हैं, ढूंढते हैं, देखते हैं, डाउनलोड करते हैं, विज्ञापन देते हैं, प्रमोट करते हैं, दूसरों के साथ लेनदेन करते हैं या बांटते हैं तो वह भी गैरकानूनी है। बच्चों को बहला-फुसलाकर ऑनलाइन संबंधों के लिए तैयार करना, फिर उनके साथ यौन संबंध बनाना या बच्चों से जुड़ी यौन गतिविधियों को रेकॉर्ड करना, एमएमएस बनाना, दूसरों को भेजना आदि भी इसके तहत आते हैं। यहां बच्चों से मतलब है – 18 साल से कम उम्र के लोग।

चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर कानून (Law on Child Pornography) – आईटी (संशोधन) कानून 2009 की धारा 67 (बी), आईपीसी की धाराएं 292, 293, 294, 500, 506 और 509 सजा- पहले अपराध पर पांच साल की जेल और/या दस लाख रुपये तक जुर्माना। दूसरे अपराध पर सात साल तक की जेल और/या दस लाख रुपये तक जुर्माना।

स्रोत – देशबन्धु

About हस्तक्षेप

Check Also

Modi go back

मोदी को अमरीका जाने के लिए पाकिस्तान नहीं देगा एयरस्पेस, बदमाश पाकिस्तान ने मोदी को फिर आंख दिखाई

मोदी को अमरीका जाने के लिए एयरस्पेस देने का भारत का अनुरोध पाकिस्तान ने ठुकराया, …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: