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How much of Nehru troubled Modi

पं. नेहरू अंग्रेजों के अपराधी थे, भारत की जनता के नहीं

आजादी की लड़ाई के लिये 10 बरस अंग्रेजों की जेलों में काटने वाले पं. नेहरू का अपमान बर्दाश्त के बाहर… पं. नेहरू पर सत्ता के घमंड में किये जा रहे भाजपाइयों के थोथे झूठे हमलों का विरोध

रायपुर/12 अगस्त 2019। कश्मीर मामले में भाजपा नेताओं द्वारा लगातार स्तरहीन गैर जिम्मेदाराना एवं अवसरवादी बयानबाजी पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कश्मीर के मामले में आज देश हित की सर्वोपरि रखते हुये संजीदा एवं जिम्मेदार राजनीति की आवश्यकता है। पं. नेहरू जैसे आजादी की लड़ाई के नेता को गलतियां निकालने वाले पहले अपने गिरेबां में झांक कर तो देखें। 370 लागू करने के संविधान के मसौदे पर स्वयं जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने हस्ताक्षर किये थे। अपनी गलतियों के लिये पं. नेहरू को दोषी ठहराना भाजपा की देश के साथ प्रवंचना है, धोखाधड़ी है। आज यदि कश्मीर भारत का हिस्सा है तो पं. नेहरू के ही कारण है। कश्मीर मामले में भाजपा नेताओं द्वारा की जा रही क्षुद्र राजनीति गलत एवं अनुचित है।

शिवराज सिंह चौहान के द्वारा की गई टिप्पणी पर कड़ी निंदा करते हुये श्री त्रिवेदी ने कहा कि जो जिस मानसिकता का होता है उसे वैसी ही मानसिकता नजर आती है। पं. नेहरू ने अंग्रेजों की जेलों में 10 साल काटे। निश्चित रूप से पं. नेहरू अपराधी थे लेकिन वे भारत की जनता के नहीं अंग्रेजी साम्राज्य के अपराधी थे। पं. नेहरू तो भारत के हीरो थे।

उन्होंने कहा कि पं. नेहरू देश की आजादी की लड़ाई लड़ी और यदि शिवराज सिंह चौहान जैसे भाजपाइयों की नजर में वे अपराधी थे, तो ऐसे अपराध करने पर हम सबको गर्व है। पं. नेहरू द्वारा किये गये स्वाधीनता संघर्ष पर हर भारतवासी को गर्व है। शिवराज सिंह चौहान की टिप्पणी बेहद आपत्तिजनक है। शिवराज सिंह चौहान की टिप्पणी के प्रति पूरे देश में गहरी नाराजगी है। पं. नेहरू को अपराधी कहने वाले शिवराज सिंह चौहान जी बताएं कि वे अपने भाजपा के नेता पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बारे में क्या सोचते हैं? ये शिवराज सिंह चौहान को देश को बताना चाहिये।

पं. नेहरू की गलती मोदी-शाह द्वारा सुधारने की शिवराज सिंह चौहान की बयानबाजी पर पलटवार करते हुये कांग्रेस नेता ने पूछा है कि शिवराज बतायें, देश की आजादी की लड़ाई में भाग न लेने की आरएसएस की भूल कौन सुधारेगा और कैसे सुधरेगा?

श्री त्रिवेदी ने कहा है कि गांधी और नेहरू राष्ट्रविरोधी ताकतों के निशानों पर हमेशा रहे है। अंग्रेजों के निशानों पर गांधी और नेहरू रहे। अंग्रेजों के इशारों पर काम करने वालों के निशाने पर भी गांधी-नेहरू हमेशा रहे। गांधी और नेहरू के द्वारा लड़ी गयी, उनके नेतृत्व में लड़ी गयी आजादी की लड़ाई, क्रांतिकारियों के द्वारा लड़ी गयी आजादी की लड़ाई हम भारतवासियों की धरोहर है। पं. नेहरू जैसे हमारे राष्ट्रनेताओं पर सत्ता के घमंड में किये जा रहे भाजपाइयों के थोथे झूठे हमलों का कांग्रेस पार्टी विरोध करती है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि पं. नेहरू चाहते तो शाही जिंदगी व्यतीत कर सकते थे, लेकिन देश की आजादी की खातिर अपनी जवानी के लंबे दस साल पं. नेहरू ने अंग्रेजी हूकूमत की जेलों में बिताए। पं. नेहरू इतने विद्वान थे कि जेल के दौरान अपनी बेटी को लिखे उनके पत्र तक विश्व साहित्य की धरोहर हो गए। पं. नेहरू वह शख्स थे जिन्हें इस देश की जनता ने तीन-तीन बार अपना भाग्य निर्माता चुना था। गुट निरपेक्षता और शांति के लिये पं. नेहरू की विश्व नेता की भूमिका रही है जिसे इतिहास स्वीकारता है।

नदी पार करने और जंगल में तफरीह करने के मोदी जी के कार्यक्रम बेयर ग्रिल्स के मेन वर्सेस वाइल्ड के आज रात 9 बजे प्रसारित होने वाले मेगा शो पर प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि पुलवामा हमले एवं 42 सैनिकों की शहादत की खबर मिलने के बाद भी मोदी घंटों तक जिम कार्बेट में इसी विज्ञापन के लिये फोटोशूट करवाते रहे। पालम एयरपोर्ट में शहीदों का शव और कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी सहित शहीदों के परिजन इंतजार करते रहे। प्रधानमंत्री चुनावी रैली को संबोधित करके दो घंटे बाद पहुंचे। यह भुलाया नहीं जा सकता कि मोदी राज में पठानकोट, उरी, गुरूदासपुर और पुलवामा जैसे भीषण आतंकवादी हमले हुए।

शिवराज सिंह चौहान के अपने बयान पर कायम रहने को राजनैतिक बेशर्मी की पराकाष्ठा निरूपित करते हुये श्री त्रिवेदी ने कहा  कि राष्ट्रकवि दिनकर को ऐसी ही परिस्थितियों को देख कहना पड़ा था कि समर शेष है, शपथ धर्म की हमें लाना है वह काल जब बिचरे अभय देश में गांधी और जवाहर लाल।

रामधारी सिंह दिनकर की एक प्रसिद्ध कविता है, जिसको हर व्यक्ति ने, हर नेता ने कभी न कभी अपने जीवन में नोट किया होगा समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याध, जो तटस्थ हैं, समय लिखेगा उनके भी अपराध। राष्ट्रकवि दिनकर जी की इसी कविता में उन्होंने गांधी और नेहरू पर राष्ट्रविरोधी ताकतों के हमलों के बारे में देश को सचेत किया है।

समर शेष है, अभी मनुज भक्षी हुंकार रहे हैं

गांधी का पी रुधिर जवाहर पर फुंकार रहे हैं

समर शेष है, अहंकार इनका हरना बाकी है

वृक को दंतहीन, अहि को निर्विष करना बाकी है

समर शेष है, शपथ धर्म की लाना है वह काल

विचरें अभय देश में गाँधी और जवाहर लाल।

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