Breaking News
Home / समाचार / तकनीक व विज्ञान / सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बोले, राफेल उत्सव इस हकीकत को नहीं बदल देगा कि भारतीय सेना “फर्ज़ी” है
Justice Markandey Katju

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बोले, राफेल उत्सव इस हकीकत को नहीं बदल देगा कि भारतीय सेना “फर्ज़ी” है

नई दिल्ली, 09 अक्तूबर 2019. दशहरे के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh ) की राफेल फाइटर जेट में उड़ान और नीबू से पूजा से भले ही देश सुरक्षित हाथों में हो, पर सर्वोच्च न्यायालय के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश Defence Minister Rajnath Singh, राफेल फाइटर जेट, जस्टिस मार्कंडेय काटजू, Justice Markandey Katju,  ने कहा है कि राफेल उत्सव इस वास्तविकता को नहीं बदल देगा कि भारतीय सेना “फर्ज़ी” है।

एक अंग्रेजी वेब साइट पर लिखे अपने लेख, “Rafale celebration won’t change reality that Indian military is fake” में जस्टिस काटजू ने कहा है कि भारत में अभी भी स्वदेशी रूप से हथियार बनाने की क्षमता का अभाव है।

उन्होंने कहा कि एक ऐसी सेना, जिसका देश अपना हथियार नहीं बना सकता, वह फर्जी है, वह विशुद्ध सेना नहीं है। और इस दृष्टिकोण से, भारतीय सेना नकली है, और अमेरिका या चीन जैसी वास्तविक सेना नहीं है। इसलिए यह केवल पाकिस्तान की तरह एक और नकली सेना से लड़ सकती है, अमेरिका या चीन की तरह वास्तविक सेना से नहीं, जो अपने हथियार बनाते हैं।

जस्टिस काटजू ने लिखा कि आजादी के 72 साल बाद भी, भारत हथियार नहीं बना सकता, लेकिन विदेशों से (भारी खर्च पर) लड़ाकू विमान, पनडुब्बी, तोपखाने, टैंक और मिसाइल जैसे भारी हथियारों को अपनी सेना के लिए न केवल खरीदना पड़ता है, बल्कि राइफलें भी खरीदनी पड़ती हैं।

उन्होंने लिखा कि इस साल की शुरुआत में यह बताया गया था कि भारत सरकार ने 700 करोड़ रुपये में 72,400 असॉल्ट राइफल खरीदने के लिए अमेरिकी फर्म सिग सॉयर के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। इसलिए, हम अच्छी राइफल भी नहीं बना सकते।

जस्टिस काटजू ने लिखा कि सैन्य शक्ति आर्थिक शक्ति से आती है। यह केवल अत्यधिक औद्योगिक देश हैं जो अपने हथियार बना सकते हैं, जबकि भारत जैसे अल्प विकसित देशों को उन्हें इन अत्यधिक औद्योगिक देशों से खरीदना पड़ता है। इसलिए यदि भारत को अपने हथियार बनाने हैं, तो उसे अत्यधिक औद्योगीकृत होना चाहिए। लेकिन अगर ऐसा होता है, तो क्या विदेशी हथियार निर्माताओं की बिक्री कम नहीं होगी? (आज, भारत विदेशी हथियारों का सबसे बड़ा खरीदार है, इस पर अपने कीमती संसाधनों का अरबों डॉलर खर्च कर रहा है।) यही कारण है कि विकसित देश भारत को अत्यधिक औद्योगिक देश बनने से रोकने की पूरी कोशिश करेंगे। कोई भी देश अपना बाजार नहीं खोना चाहता।

कौन हैं मार्कंडेय काटजू?

अपने ऐतिहासिक फैसलों के लिए प्रसिद्ध रहे जस्टिस मार्कंडेय काटजू 2011 में सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्त हुए उसके बाद वह प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन रहे। आजकल वह अमेरिका प्रवास पर कैलीफोर्निया में समय व्यतीत कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर खासे सक्रिय हैं और भारत की समस्याओं पर खुलकर अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं।

About हस्तक्षेप

Check Also

Two books of Dr. Durgaprasad Aggarwal released and lecture in Australia

हिन्दी का आज का लेखन बहुरंगी और अनेक आयामी है

ऑस्ट्रेलिया में Perth, the beautiful city of Australia, हिन्दी समाज ऑफ पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया, जो देश …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: