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Sikar: Prime Minister and BJP leader Narendra Modi addresses during a public meeting in Rajasthan's Sikar, on Dec 4, 2018. (Photo: IANS)
Sikar: Prime Minister and BJP leader Narendra Modi addresses during a public meeting in Rajasthan's Sikar, on Dec 4, 2018. (Photo: IANS)

घटिया राजनीति : भारत के इतिहास में सैनिकों की अर्थियां दिखाकर किसी पीएम ने वोट नहीं मांगे

भारत के इतिहास में सैनिकों की अर्थियां (Corpses of soldiers) दिखाकर किसी पीएम ने वोट नहीं मांगे। हद है घटिया राजनीति (Shoddy politics) की।

अब तक अधिकतम सैनिकों को आतंकियों ने मारा है, सत्तर साल में यह पहली बार हुआ है। यह मोदी की गलत नीतियों का परिणाम (Results of Modi’s wrong policies) है।

भारत की जनता को शांति चाहिए। सैन्यबल का प्रदर्शन और युद्ध नहीं। युद्ध महा-अपराध है।

आतंकियों को सेना कभी हरा नहीं सकती, सीरिया-ईराक-यमन आदि देख लो मोदीजी! कूटनीति,अक्ल और विवेक का विकल्प नहीं है सैन्यबल। सैन्यबल मूर्खता है, कूटनीति विवेक है। भारत की पहचान सैन्यबल से नहीं कूटनीति से बनी है।

मोदी ने पांच साल के शासन में गलत कश्मीर नीति के चलते आतंकियों को महाबली बना दिया। आज कश्मीर सबसे ज्यादा वहां की आम जनता परेशान है, लेकिन मोदी ने कभी कोई कदम नहीं उठाया जिससे आम जनता की परेशानी कम हो, बल्कि उलटे ऐसे कदम उठाए जिससे आम जनता और ज्यादा तकलीफ़ में रहे। मोदी के राज्य में आतंकियों की बल्लेबल्ले है और हथियार उद्योग की। वहीं अहर्निश मैदान में रहने से सैन्यबल परेशान हैं। लेकिन मोदी को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, क्यों कि कश्मीर भाजपा नदारत है, संघियों को कोई तकलीफ़ नहीं है। वहां सैन्य और आतंकी हमलों में कभी कोई संघी नहीं मारा गया, बल्कि गरीब कश्मीरी युवा मारे जा रहे हैं।

सन् 1965 और 1971 में पाक युद्ध में हारा,पर कांग्रेस ने कभी सैनिकों को वोट बैंक का हिस्सा नहीं बनाया। कभी किसी नेता ने सैनिकों की अर्थियां दिखाकर राष्ट्रोन्माद पैदा नहीं किया। कांग्रेस ने युद्ध को चुनावी मुद्दा नहीं बनाया। मोदी राजनीति का सबसे गंदा खेल खेल रहे हैं, वे सैनिकों की मौत को वोट बैंक बनाने में लगे हैं। अब उनके पास विकास की बातें नहीं हैं!

प्रायोजित आतंकवाद, प्रायोजित राष्ट्रवाद और फेक न्यूज (Sponsored Terrorism, Sponsored Nationalism, Fake News) ये तीन तत्व मिलकर घर घर मोदी का माहौल बना रहे हैं।

मोदी की नई रणनीति- सैनिकों की मौत को वोट बैंक में तब्दील करो। जो इसका विरोध करे उसे राष्ट्र शत्रु करार दो।

वल्गर राजनीति का टीवी प्रदर्शन देखें। एक तरफ मोदी की जनसभा और स्क्रीन के दूसरी ओर सीआरपीएफ जवानों की अंतिम यात्रा के सीन! यह है नियोजित फेक राष्ट्रवाद!

सुरक्षित और सैन्य संरक्षित रोड पर सुरक्षा खामी के कारण कश्मीर में सीआरपीएफ पर आतंकी हमला हुआ। सवाल यह है यह खामी किसके कारण हुई ? वे 350किलो बारूद कहां से लाए और कहां जमा किया ? जबकि सारे इलाके में घर-घर सर्च ऑपरेशन सेना कर चुकी थी, सीमा पर सेना की अहर्निश चौकसी है।

अवन्तीपुरा में आतंकी हमले में मारे गए सैनिकों को श्रद्धांजलि।

(प्रो. जगदीश्वर चतुर्वेदी की एफबी टिप्पणियों का समुच्चय साभार)

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About जगदीश्वर चतुर्वेदी

जगदीश्वर चतुर्वेदी। लेखक कोलकाता विश्वविद्यालय के अवकाशप्राप्त प्रोफेसर व जवाहर लाल नेहरूविश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष हैं। वे हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार हैं।

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