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आंकड़ें बताते हैं देश में मोदी लहर नहीं 2019 में योगी मोदी की लाचारी हैं
नफरत ध्रुवीकरण और चुनावी राजनीति  क्या चुनाव धर्मनिरपेक्ष गतिविधि है
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव   और गहरा हुआ सांप्रदायिक ध्रुवीकरण
भगत सिंह के सपनों को डॉ० लोहिया ने सैद्धांतिक आधार दिया - शिवपाल
भगत सिंह हैं आज की जरूरत  भगत सिंह का देश ऐसे नहीं बनता
विकास के लिए नहीं सांप्रदायिक दंगे भड़काने के लिए जाने जाते हैं योगी आदित्यनाथ
मोदी के लिए समस्या बन सकते हैं योगी
जनता को पता था विकास का रास्ता श्मशान जा कर ही ख़त्म होता है
क्रान्ति ईश्वर-विरोधी हो सकती है लेकिन मनुष्य-विरोधी नहीं- शहीद-ए-आज़म भगत सिंह
विश्व जल दिवस और हमारा कर्तव्य
यूपी में योगी राज के निहितार्थ
यूपी में योगी राज के निहितार्थ
राजेंद्र शर्मा
2017-03-21 23:41:43
आज हमारे बीच गांधी भी नहीं हैं विनोबा भी नहीं नए समय का नया अर्थशास्‍त्र है सब कुछ तेजी से बदल रहा
मोदी जैसा ताकतवर नेता अपने लिए भस्‍मासुर क्‍यों खड़ा करेगा  योगी मोदी के सक्‍सेसर हैं
अभी भी सब कुछ ख़त्म नहीं हुआ बहुजन समाज के एकजुट होने के लिए ऐतिहासिक समय
फासिज्म का कच्चामाल तो भाजपा के सत्ता में आने पहले से ही बिखरा पड़ा है
नए cm से सभी धर्म को साथ लेकर चलने की उम्मीद  अब्दुल्ला तिवारी
वादे मोदी के इरादे योगी के  कॉर्पोरेट सेक्टर की सेवक सरकार सिर्फ कॉर्पोरेट सेक्टर की ही सेवा करेगी
डॉ आंबेडकर की राजनीति राजनैतिक पार्टी एवं सत्ता की अवधारणा
मजहबी सिय़ासत की कयामत तो अब बस शुरू ही हुई है आगे-आगे देखते जाइये
मुख्यमंत्री के रूप में योगी की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस वादे करेंगे पूरे सबका होगा विकास
क्यों बिखरा बसपा का शीराजा
क्यों बिखरा बसपा का शीराजा
अतिथि लेखक
2017-03-18 23:26:22
उत्तरप्रदेश  ज़रूरतों और सुरक्षा के लिए वोट
दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर राष्ट्रीय मानक से 16 गुना अधिक
देश का भूगोल बहुत छोटा हो गया है क्योंकि आपको विकास चाहिये
अप्रत्याशित नहीं है भाजपा की जीत जातीय नफ़रत का अहम रोल
ठेकेदारों और कोटेदारों के झुण्ड राजनीति नही करेंगे तय किया है 2017 के यूपी के चुनाव ने
करारी हार के बाद सपा कार्यकर्ताओं के निशाने पर आने लगे “भैया” के चापलूस
जीत का जश्न मना लें आगे अनंत अमावस्या है
नर्मदा बचाओ आंदोलन ने मनाया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं को मिला भू-अधिकार
यूपी चुनाव  सांप्रदायिक फासीवाद की खोखली चिंता
बनारस में तोते की जान दांव पर है और कालाधन गंगाजल की तरह पवित्र
अब पूरा चुनाव बनारस में मोदी की प्रतिष्ठा बचाने पर सिमटा
यथार्थ की कसौटी पर "राष्ट्रवाद"
यथार्थ की कसौटी पर "राष्ट्रवाद"
हस्तक्षेप डेस्क
2017-03-06 17:10:20
सिर्फ़ चुनाव ‘जीतने’ को ‘लोकतंत्र’ समझना लोकतंत्र की हार
वंचितों को शिक्षा के दायरे से बाहर करने का सरकार का षड़यंत्र
सामाजिक न्याय के नाम पर वंचित समूहों के साथ गद्दारी का रिकार्ड ही कायम किया
जो भी सरकार बनाएगा कॉर्पोरेट सेक्टर की ही सेवा करेगा
कहां हैं वे टीन की तलवारें असम का यंत्रणा शिविर अब भारत का जलता हुआ सच है और हिंदुत्व के एजंडे का ट्रंप कार्ड भी।
देह के बाद अनुपम
देह के बाद अनुपम
अरुण तिवारी
2017-03-05 00:54:16
जब विद्यार्थी राजनीति नहीं करते तब वे सरकारी राजनीति को चलने देते हैं
लड़ाई अब हार्वर्ड बनाम हार्ड वर्क है और बंगाल में स्कूल के दाखिले के लिए डोनेशन एक करोड़ से ज्यादा
चुनावी पंच - गधे चर गए मूलभूत मुद्दे और विकास
नोटबंदी  बैंकों में वापस आ गया बैन हो चुकी करंसी का 97 प्रतिशत हिस्‍सा कहां है काला धन
सीनाजोरी का जलवा - अब नोटबंदी के बाद जुबां पर तालाबंदी की तैयारी
दूसरों का मज़ाक बनाते-बनाते और खुद हंसी के पात्र बन चुके हैं मोदी
भाजपा कैसे बन गयी अप्रतिरोध्य
संघीय ढांचे की अब कारपोरेट राजनीतिक दलों को भी परवाह नहीं
राहुल के साथ अखिलेश ने भी खोया कार्यकर्ताओं का भरोसा सिर्फ पीके का सहारा
भाजपा के ज्यादा करीब कौन
भाजपा के ज्यादा करीब कौन!
हस्तक्षेप डेस्क
2017-02-24 19:02:53
आज़म मानें या न मानें शिवपाल और बेनी के साथ वह भी अखिलेश का शिकार हुए
सवाल बोलता है "काम बोलता है" वाली सरकार के 40 कारनामे जो बोलने को बेताब हैं
राजनैतिक माफियाओं की वीआईपी लूट को चुनाव का मुद्दा बनायेगा आइपीएफ
दावा तो गांव-गरीबों को देने का है पर बजट सेवा तो कार्पोरेट घरानों की ही करता है
कब्रिस्तान या श्मशान में तब्दील निजी अस्पतालों के शिकंजे से बचने के लिए मेहनतकशों के अपने अस्पताल जरूरी
जनता के हक में हर आवाज अब राष्ट्रद्रोह है और जनता का उत्पीड़न शोषण और दमन नरसंहार देशभक्ति है
अखिलेश सरकार का खेल - थर्मल_बैकिंग के जरिये पूंजी घराने लूट रहे सरकारी खजाना