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मधुमेह, हाइपरटेंशन से भी बचाएगा डब्ल्यूएचओ का एप

World Health Organization

नई दिल्ली, 11 जून 2019 : विश्व स्वास्थ्य संगठन-World Health Organization (डब्ल्यूएचओ) अब आयुर्वेद (Ayurved) को नया रूप देने जा रहा है। डब्ल्यूएचओ ने मोबाइल एप (WHO mobile app) के जरिए न सिर्फ भारत, बल्कि दुनिया भर में योग के साथ-साथ मधुमेह और हाइपरटेंशन (Diabetes and hypertension) जैसी आधुनिक जीवनशैली से जुड़े रोगों के बारे में जानकारी देने का फैसला लिया है। इस मोबाइल एप को आगामी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) पर लांच किया जा सकता है।

देश भर में खुल रहे हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को भी एप से जोड़ा जाएगा ताकि आयुष मंत्रालय के साढ़े 12 हजार हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तक लोगों की पहुंच हो सके।

एप में हर प्रकार के योगासन के अलावा मधुमेह से जुड़े भारतीय वैज्ञानिकों के शोध बीजीआर-34 सहित आयुर्वेदिक दवाओं की जानकारी मिलेगी।

सीएसआईआर के वैज्ञानिकों ने हिमाचल की 500 औषधियों पर रिसर्च के बाद इस दवा को तैयार किया था। इसके अलावा दिल से जुड़ी बीमारियों से कैसा बचा जा सकता है, इसके बारे में लोगों को पता चल सकेगा।

मधुमेह का आयुर्वेदिक उपचार (Ayurvedic treatment of diabetes)

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार के नई दिल्ली स्थित मोरारजी देसाई योग इंस्टीट्यूट के निदेशक और आयोजन समिति से जुड़े डॉ. बीएस रेड्डी ने बताया कि डब्ल्यूएचओ ने पहली बार आयुष मंत्रालय के साथ आयुर्वेद को लेकर करार किया है। उनके संस्थान से भी डब्ल्यूएचओ का करार हुआ है।

उन्होंने बताया कि मोबाइल एप के जरिए योग के सभी आसान के बारे में विस्तार से से बताया जाएगा। इसके अलावा मधुमेह, दिल और हाइपरटेंशन रोग व उनके आयुर्वेद उपचार के बारे में भी लोगों को बताया जाएगा।

डॉ. रेड्डी के अनुसार, पीएम मोदी की पहल के बाद आयुष मंत्रालय को एनिमेटेड योग वीडियो का काफी अच्छा परिणाम देखने को मिला है। इसीलिए सभी योगासन को एनिमेटेड वीडियो के जरिए लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी के साथ योग Yoga with Prime Minister Modi

आयुष मंत्रालय (Ministry of AYUSH) के अनुसार, 21 जून को रांची में प्रधानमंत्री मोदी के साथ 30 हजार लोग योग कर सकते हैं।

आयुष मंत्री श्रीपद नाईक ने हाल ही में कहा था कि सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में आयुष डॉक्टर की तैनाती करने की तैयारी है। 2016 में राजस्थान के भीलवाड़ा, गुजरात के सुरेंद्र नगर और बिहार के गया में इसका पायलट प्रोजेक्ट भी चला था। इन जिलों में बीजीआर-34 जैसी दवाओं के साथ रोगियों का उपचार किया गया था जिसकी सफलता के बाद सरकार ने ये फैसला लिया है।

इसके अलावा देश के कुछ नामी-गिरामी योग गुरुओं ने एक साथ मिलकर योग आसनों का एक सामान्य निर्दिष्ट अनुक्रम (कॉमन योग प्रोटोकॉल) विकसित किया है। यह 45 मिनट की अवधि के योगासनों का कार्यक्रम है जो विभिन्न आयु वर्ग के लोगों के तन और मन दोनों को स्वस्थ बनाता है।

कॉमन योग प्रोटोकॉल की सीडी और ई-बुक आयुष मंत्रालय की वेबसाइट से डाउनलोड की जा सकती है। मंत्रालय विभिन्न सहयोगी संगठनों के माध्यम से भी इन्हें वितरित कर रहा है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार इस बार योगलोकेटर एप की मदद से आम जनता को योग प्रशिक्षकों, योग केन्द्रों और मुफ्त योग आयोजनों की जानकारी मिलेगी। वहीं, भुवन मोबाइल एप के जरिए योग दिवस के कार्यक्रमों के स्थान, प्रतिभागियों, आयोजकों और प्रशिक्षकों के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है। इस बार देश भर के 20 हजार केंद्रों से वीडियो के जरिए योग कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण होगा। सभी वालंटियर्स को भुवन मोबाइल एप का इस्तेमाल भी बताया जाएगा। इसके अलावा लोगों को हरित उत्पाद इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के असर पर दिल्ली में मुख्य आयोजन राजपथ पर होगा। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद आयुष मंत्रालय के साथ मिलकर इसका आयोजन करेगी। मुख्य आयोजन के अलावा लालकिला, नेहरू पार्क, लोधी गार्डन, तालकटोरा गार्डन, यमुना स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, रोहिणी के स्वर्ण जयंती पार्क और द्वारका सेक्टर 11 में भी योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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