Home » समाचार » तकनीक व विज्ञान » समुद्र संबंधी जानकारी प्रदान करने में मददगार हो सकती हैं समुद्री प्रजातियां : सर्वे
Environment and climate change

समुद्र संबंधी जानकारी प्रदान करने में मददगार हो सकती हैं समुद्री प्रजातियां : सर्वे

समुद्र संबंधी जानकारी प्रदान करने में मददगार हो सकती हैं समुद्री प्रजातियां : सर्वे

नई दिल्ली, 28 नवंबर 2019. एक नए अध्ययन से पता चला है कि शार्क, पेंग्विन, कछुए और अन्य समुद्री प्रजातियां इंसानों को इलेक्ट्रॉनिक टैग से समुद्र संबंधी जानकारी (Electronic tag-related ocean information) प्रदान करने में मदद कर सकती हैं।

ब्रिटेन में एक्सेटर विश्वविद्यालय के नेतृत्व में एक टीम ने कहा कि सेंसर ले जाने वाले जानवर प्राकृतिक व्यवहार जैसे बर्फ के नीचे गोता लगाना, उथले पानी में तैरना या धाराओं के खिलाफ चलना जैसे कई काम कर सकते हैं।

विश्वविद्यालय के प्रमुख लेखक डेविड मार्च (David March) के मुताबिक,

“हम समुद्र के बारे में सिखाने व बताने के लिए पशु-जनित सेंसर (Animal-borne sensors) की विशाल क्षमता को उजागर करना चाहते हैं।”

उन्होंने कहा,

“यह पहले से ही सीमित पैमाने पर हो रहा है, लेकिन इसमें बहुत अधिक गुंजाइश है।”

हजारों समुद्री जानवरों को विभिन्न प्रकार के अनुसंधान और संरक्षण उद्देश्यों के लिए टैग किया गया है। मगर वर्तमान में महासागरों में एकत्रित जानकारी का व्यापक रूप से जलवायु परिवर्तन और अन्य बदलावों को ट्रैक करने के लिए उपयोग नहीं किया जाता है।

इसके बजाए निगरानी ज्यादातर अनुसंधान जहाजों, पानी के नीचे ड्रोन और हजारों फ्लोटिंग सेंसर द्वारा की जाती है।

मार्च ने कहा,

हस्तक्षेप के संचालन में मदद करें!! 10 वर्ष से सत्ता को दर्पण दिखाने वाली पत्रकारिता, जो कॉरपोरेट और राजनीति के नियंत्रण से मुक्त भी हो, के संचालन में हमारी मदद कीजिये. डोनेट करिये.
 
 भारत से बाहर के साथी पे पल के माध्यम से मदद कर सकते हैं। (Friends from outside India can help through PayPal.) https://www.paypal.me/AmalenduUpadhyaya

“हमने 183 प्रजातियों को देखा, जिसमें ट्यूना, शार्क, व्हेल और उड़ने वाले समुद्री पक्षी शामिल हैं और वे क्षेत्र जहां वे निवास करते हैं। हमने खराब सेंसर वाले क्षेत्रों में महासागर की सतह (विश्व स्तर का 18.6 फीसदी) की पहचान करने के लिए फ्लोटिंग सेंसर से 15 लाख से अधिक माप संसाधित किए हैं।”

ग्लोबल चेंज बायोलॉजी (global change biology) नामक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन “Towards the integration of animal‐borne instruments into global ocean observing systems” से पता चलता है कि कछुए या शार्क द्वारा एकत्र किए गए डेटा वैश्विक जलवायु परिवर्तनशीलता (Global climate variability) और मौसम पर बड़े प्रभाव के साथ अन्य दूरदराज और महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में भी समुद्र की निगरानी बढ़ा सकते हैं।

डेविड मार्च के अतिरिक्त शोध दल में लार्स बोहमे, जोक्विन टिंटोरे, पेड्रो जोक्विन वेलेज बेलची व ब्रेंडन जे. गोडले भी शामिल हैं।

 

 

Topics – animal‐borne instruments, Argo, global ocean observing system, marine vertebrates, multi‐platform ocean observation, operational oceanography, pinnipeds, satellite tracking, sea turtles

हस्तक्षेप के संचालन में मदद करें!! सत्ता को दर्पण दिखाने वाली पत्रकारिता, जो कॉरपोरेट और राजनीति के नियंत्रण से मुक्त भी हो, के संचालन में हमारी मदद कीजिये. डोनेट करिये.
 

हमारे बारे में hastakshep

Check Also

DLC instructs not to remove employees of 181 Asha Jyoti Women's Helpline

181 आशा ज्योति वूमेन हेल्पलाइन के कर्मचारियों को ना निकालने का डीएलसी ने दिया निर्देश

DLC instructs not to remove employees of 181 Asha Jyoti Women’s Helpline अपर श्रमायुक्त के …

Leave a Reply